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Basti News: पंडालों में विराजे गणपति, घरों में भी हुई स्थापना
Thu, 28 Aug 2025 02:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 28 Aug 2025 02:06 AM IST
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पुरानी बस्ती में करुआ बाबा स्थान पर पांडाल में सजी मूर्ति।
बस्ती। गणेश चतुर्थी पर पंडालों में गणपति भगवान की प्रतिमाओं को स्थापित किया गया है। इसके साथ घरों में भी लोगों भगवान गणेश की प्रतिमाओं को स्थापित किया। शाम को विधि विधान से पूजन के बाद भगवान गणेश की आंखों पर लगे पट को हटा दिया गया। अब श्रद्धालु पंडालों में सुबह व शाम विधि विधान से पूजा-अर्चना व आरती संपन्न कराई जाएगी। पंडालों में शाम को भजन-कीर्तन का आयोजन हो रहा है। ।
बुधवार को सुबह से पांडालों में मूर्तियों को लाने का सिलसिला शुरू हो गया था भक्तों की टोली मूर्तियों को वाहनों पर लेकर पांडालों में पहुंची और उसे सुरक्षित उतार कर पांडालों में स्थापित कराया। पांडालों में दिन भर गहमा गहमी का माहौल रहा। आयोजक और कमेटियों के लोग दिन भर पांडालों की सजावट काे अंतिम रूप देने में लगे रहे। ज्यादातर पंडालों में शाम 7 बजे के बाद ही पूजा शुरू की गई। शहर क्षेत्र में सबसे ज्यादा पांडाल पुरानी बस्ती में बनाये गये हैं। दक्षिण दरवाजा से लेकर करुआ बाबा के मंदिर के बीच में ही आधा दर्जन से अधिक पांडालों में मूर्तियां स्थापित की गई हैं। शाम से ही पांडालों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था जो देर रात तक चलता रहा। विभिन्न पांडालों में विधि विधान से पूजा हाेने के बाद हुई आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गणेशोत्सव को लेकर पांडालों के साथ साथ सड़कों पर भी चहल पहल बढ़ी रही। पुरानी बस्ती में करुआ बाबा मंदिर, सर्राफा के राजा, कन्हैया लाल पांडाल, बाल संघ कमेटी के पंडाल प्रमुख हैं। इसके अलावा भी यहां तमाम सारे पंडाल बनाए गए हैं। जिले में कुल 268 स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं जिसमें से 90 पंडाल शहरी क्षेत्र में हैं तथा 178 प्रतिमाएं कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित की गई हैं। इसमें से सबसे ज्यादा प्रतिमाएं पुरानी बस्ती क्षेत्र में स्थापित की गई हैं।
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बुधवार को सुबह से पांडालों में मूर्तियों को लाने का सिलसिला शुरू हो गया था भक्तों की टोली मूर्तियों को वाहनों पर लेकर पांडालों में पहुंची और उसे सुरक्षित उतार कर पांडालों में स्थापित कराया। पांडालों में दिन भर गहमा गहमी का माहौल रहा। आयोजक और कमेटियों के लोग दिन भर पांडालों की सजावट काे अंतिम रूप देने में लगे रहे। ज्यादातर पंडालों में शाम 7 बजे के बाद ही पूजा शुरू की गई। शहर क्षेत्र में सबसे ज्यादा पांडाल पुरानी बस्ती में बनाये गये हैं। दक्षिण दरवाजा से लेकर करुआ बाबा के मंदिर के बीच में ही आधा दर्जन से अधिक पांडालों में मूर्तियां स्थापित की गई हैं। शाम से ही पांडालों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था जो देर रात तक चलता रहा। विभिन्न पांडालों में विधि विधान से पूजा हाेने के बाद हुई आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गणेशोत्सव को लेकर पांडालों के साथ साथ सड़कों पर भी चहल पहल बढ़ी रही। पुरानी बस्ती में करुआ बाबा मंदिर, सर्राफा के राजा, कन्हैया लाल पांडाल, बाल संघ कमेटी के पंडाल प्रमुख हैं। इसके अलावा भी यहां तमाम सारे पंडाल बनाए गए हैं। जिले में कुल 268 स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं जिसमें से 90 पंडाल शहरी क्षेत्र में हैं तथा 178 प्रतिमाएं कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित की गई हैं। इसमें से सबसे ज्यादा प्रतिमाएं पुरानी बस्ती क्षेत्र में स्थापित की गई हैं।

पुरानी बस्ती में करुआ बाबा स्थान पर पांडाल में सजी मूर्ति।
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