फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   gammaj htyakand.

गम्मज हत्याकांड: एसआईटी जांच के विरोध में उतरा पीड़ित परिवार

Thu, 28 Nov 2019 11:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2019 11:24 PM IST
विज्ञापन
gammaj htyakand.
रामराज ऊर्फ गम्मज हत्या कांड को जिला स्तर से कराने को लेकर एसपी कार्यालय पर दिया धरना। - फोटो : BASTI
गम्मज हत्याकांड: एसआईटी जांच के विरोध में उतरा पीड़ित परिवार
विज्ञापन

बस्ती। बहुचर्चित रामराज उर्फ गम्मज हत्याकांड में बृहस्पतिवार को मोड़ आ गया जब पीड़ित परिवार ने एसआईटी जांच नहीं कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे। एसपी कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में रिश्तेदारों को लेकर पहुंचे परिवार के लोगों ने पांच सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें कहा गया है कि है कि जान बूझकर जांच को भटकाने के लिए उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई जा रही है। जबकि वे चाहते हैं कि जिला पुलिस ही इस हत्याकांड की जांच करे। मृतक के भाई चंद्रप्रकाश ने कहा कि यदि जांच प्रक्रिया में फेरबदल किया गया तो परिवार के साथ आमरण अनशन/ आत्मदाह के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
ज्ञापन में कहा है कि वर्तमान समय में लखनऊ से टीम आई है। इस बारे में जानकारी मांगते हुए कहा कि हत्याकांड की जांच में कौन सी गलती हुई जो एसपी स्तर से एसआईटी जांच के लिए लिखा जा रहा है, जबकि मरने से पहले रामराज उर्फ गम्मज ने अपना बयान भी दिया था। हत्या में प्रयुक्त असलहा भी बरामद होने के बाद अन्य एंजेसी से जांच का औचित्य क्या है। उन्होंने जिला पुलिस से ही जांच कराने की मांग दोहराई। धरने के दौरान जिला पंचायत सदस्य दीपिका गौतम, आनंद कुमार, चंद्रप्रकाश, अनुराग, अनूप, विजय कुमार सोलंकी, राजेश राव, एमपी राव, उमेश प्रधान, पिन्टू प्रधान, बीडीसी जगजीवन, सरोज देवी, विजयलक्ष्मी, विजय कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन

------
ऐसे चर्चित होता गया मामला
- 28 अक्तूबर की रात स्कूटी से शहर से लौट रहे राम राज उर्फ गम्मज की सरेराह गोली मारकर दी गई थी। इस घटना के पीछे अदावत की बात कहकर तीन लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज किया। तीनों की गिरफ्तारी हुई। घटना के बाद से लगातार कुछ न कुछ विवाद जुड़ता जा रहा है। एक तरफ पुलिस पर गलत तरीके से आरोपियों को जेल भेजने का आरोप लगा। वहीं, गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों को अपमानित करने के आरोप लगे। जिसे लेकर प्रदर्शन और आंदोलन चलता रहा। हिंदूवादी संगठनों ने एसपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसआईटी जांच की मांग पूरी होने के बाद मृतक के परिवार के लोग जांच रोकवाने के लिए धरने पर उतर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed