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Basti News: पंचायती राज विभाग में नौकरी के नाम पर ठगी
Tue, 05 Dec 2023 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 05 Dec 2023 12:54 AM IST
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बस्ती। पंचायती राज विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से ठगी की गई है। सोनूपार निवासी रंजीत द्विवेदी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अमृतराज सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
तहरीर के मुताबिक 17 नवंबर को रंजीत द्विवेदी अस्पताल चौराहे के पास के एक रेस्टोरेंट में खाना खा रहे थे। बगल में बैठे अमृत राज सिंह ने अपने आप को पंचायत विभाग का कनिष्ठ लिपिक बताया। बातचीत में उसने बताया कि मेरा लखनऊ से बस्ती जनपद में पंचायत विभाग में ट्रांसफर हुआ है। उसने झांसा दिया कि 30 से 40 हजार रुपये महीने की नौकरी अपने विभाग में लगवा सकता है। उसने लखनऊ में अपनी अच्छी जान पहचान का हवाला दिया। अमृतराज ने कहा कि सिर्फ आपका बायोडाटा तथा शैक्षिक अभिलेख दे दो। नौकरी के बदले में कुछ रुपये लगने की बात भी कही। बायोडाटा तथा शैक्षिक अभिलेख शाम को भेजने के बाद आरोपी ने अन्य लोगों के नियुक्ति पत्र दिखाकर झांसे में ले लिया। दो दिन बाद उसने कॉल करके कहा कि आपका काम हो गया है। जिन लोगों ने काम करवाया है उन्हें मिठाई देने के लिए आपको अभी तत्काल में पांच हजार रुपये भेजने होंगे।
इसके बाद चार लाख रुपये की व्यवस्था किये रहना जो कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद तुरंत देना होगा। इस पर उसने दो बार में छह हजार रुपये उनके गूगल पे कर दिया। कुछ दिन बाद उसने कॉल रिसीव करना बंद कर दिया। इस पर संदेह हुआ कि मेरे साथ ठगी हो गयी। इसके बाद पता किया कि तो सामने आया कि पंचायत विभाग में कोई नियुक्ति प्रकिया नहीं चल रही है। कोतवाल विनय कुमार पाठक ने बताया कि केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
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तहरीर के मुताबिक 17 नवंबर को रंजीत द्विवेदी अस्पताल चौराहे के पास के एक रेस्टोरेंट में खाना खा रहे थे। बगल में बैठे अमृत राज सिंह ने अपने आप को पंचायत विभाग का कनिष्ठ लिपिक बताया। बातचीत में उसने बताया कि मेरा लखनऊ से बस्ती जनपद में पंचायत विभाग में ट्रांसफर हुआ है। उसने झांसा दिया कि 30 से 40 हजार रुपये महीने की नौकरी अपने विभाग में लगवा सकता है। उसने लखनऊ में अपनी अच्छी जान पहचान का हवाला दिया। अमृतराज ने कहा कि सिर्फ आपका बायोडाटा तथा शैक्षिक अभिलेख दे दो। नौकरी के बदले में कुछ रुपये लगने की बात भी कही। बायोडाटा तथा शैक्षिक अभिलेख शाम को भेजने के बाद आरोपी ने अन्य लोगों के नियुक्ति पत्र दिखाकर झांसे में ले लिया। दो दिन बाद उसने कॉल करके कहा कि आपका काम हो गया है। जिन लोगों ने काम करवाया है उन्हें मिठाई देने के लिए आपको अभी तत्काल में पांच हजार रुपये भेजने होंगे।
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इसके बाद चार लाख रुपये की व्यवस्था किये रहना जो कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद तुरंत देना होगा। इस पर उसने दो बार में छह हजार रुपये उनके गूगल पे कर दिया। कुछ दिन बाद उसने कॉल रिसीव करना बंद कर दिया। इस पर संदेह हुआ कि मेरे साथ ठगी हो गयी। इसके बाद पता किया कि तो सामने आया कि पंचायत विभाग में कोई नियुक्ति प्रकिया नहीं चल रही है। कोतवाल विनय कुमार पाठक ने बताया कि केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
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