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Basti News: अयोध्या जेल से कोर्ट में पेश किए गए गोसाईंगंज के पूर्व विधायक
Tue, 04 Apr 2023 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 04 Apr 2023 12:57 AM IST
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विधायक खब्बू तिवारी।
बस्ती। फर्जी पते पर रायफल का लाइसेंस हासिल करने के मामले में वांछित अयोध्या गोसाईंगंज के पूर्व विधायक इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी को सोमवार को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। फर्जी अंकपत्र के मामले में अयोध्या जेल में निरुद्ध खब्बू तिवारी को वारंट बी पर यहां लाया गया था। एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय/एसीजेएम न्यायालय में उन्हें पेश किया गया, मगर न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्पिता यादव ने विवेचक के मौजूद न होने की वजह से सुनवाई के लिए उन्हें पांच अप्रैल को दोबारा पेश करने का निर्देश दिया। उनकी गिरफ्तारी को संज्ञान लेते हुए न्यायिक अभिरक्षा में अयोध्या कारागार में भेज दिया।
बता दें कि अयोध्या जनपद के कोतवाली नगर थानाक्षेत्र के देवकाली निवासी इंद्रप्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी ने 1995 में खुद को हर्रैया थानाक्षेत्र के गौहनिया नेपाल सिंह गांव का निवासी होने का अभिलेख प्रस्तुत करके रायफल का लाइसेंस हासिल कर लिया था। जांच में मामला संज्ञान में आने के बाद जुलाई 1996 में लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था, मगर खब्बू तिवारी ने रायफल जमा नहीं की। पुलिस भी यह कहकर मामले को टालती रही कि खब्बू तिवारी जेल में निरुद्ध हैं, इसलिए रायफल जमा नहीं कराई जा सकी।
इस मामले को लेकर खब्बू तिवारी के विपक्षी पैकोलिया थाना क्षेत्र के धीरनपुर गांव निवास राम जनम यादव ने वर्ष 2021 में एमपी एमएलए विशेष न्यायालय/एसीजेएम द्वितीय अर्पिता यादव के न्यायालय में सीआरपीसी की धारा (156) -3 के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। उसमें इंद्रभूषण तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी पर धोखाधड़ी कर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने को केस दर्ज करने की मांग की गई थी। इस अर्जी को छह सितंबर 2022 को खारिज कर दिया गया था। वादी राम जनम ने अधिवक्ता कृष्ण प्रताप सिंह कौशिक के जरिए निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी को तीन मार्च को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर की गई कार्रवाई पर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।
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उसके बाद आनन-फानन प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह की तहरीर पर पूर्व विधायक इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, आयुध अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। उसकी विवेचना एसएचओ गौर ब्रजेंद्र पटेल कर रहे हैं। इसी केस में उन्हें वारंट बी पर न्यायालय में पेश किया गया था।
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बता दें कि अयोध्या जनपद के कोतवाली नगर थानाक्षेत्र के देवकाली निवासी इंद्रप्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी ने 1995 में खुद को हर्रैया थानाक्षेत्र के गौहनिया नेपाल सिंह गांव का निवासी होने का अभिलेख प्रस्तुत करके रायफल का लाइसेंस हासिल कर लिया था। जांच में मामला संज्ञान में आने के बाद जुलाई 1996 में लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था, मगर खब्बू तिवारी ने रायफल जमा नहीं की। पुलिस भी यह कहकर मामले को टालती रही कि खब्बू तिवारी जेल में निरुद्ध हैं, इसलिए रायफल जमा नहीं कराई जा सकी।
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इस मामले को लेकर खब्बू तिवारी के विपक्षी पैकोलिया थाना क्षेत्र के धीरनपुर गांव निवास राम जनम यादव ने वर्ष 2021 में एमपी एमएलए विशेष न्यायालय/एसीजेएम द्वितीय अर्पिता यादव के न्यायालय में सीआरपीसी की धारा (156) -3 के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। उसमें इंद्रभूषण तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी पर धोखाधड़ी कर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने को केस दर्ज करने की मांग की गई थी। इस अर्जी को छह सितंबर 2022 को खारिज कर दिया गया था। वादी राम जनम ने अधिवक्ता कृष्ण प्रताप सिंह कौशिक के जरिए निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी को तीन मार्च को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर की गई कार्रवाई पर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।
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उसके बाद आनन-फानन प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह की तहरीर पर पूर्व विधायक इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, आयुध अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। उसकी विवेचना एसएचओ गौर ब्रजेंद्र पटेल कर रहे हैं। इसी केस में उन्हें वारंट बी पर न्यायालय में पेश किया गया था।