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Basti News: साढ़े 10 लाख रुपये के गबन में पूर्व महिला प्रधान गिरफ्तार
Fri, 20 Oct 2023 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 20 Oct 2023 12:23 AM IST
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एसटीएफ ने वाल्टरगंज थाने की टीम के साथ भाई के घर से दबोचा
ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के मद से लाखों रुपये के गबन का आरोप
एडीओ पंचायत ने 19 जनवरी को वाल्टरगंज थाने में दर्ज कराया था केस
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/सल्टौआ। ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के मद से साढ़े 10 लाख रुपये गबन के मामले में फरार सल्टौआ गोपालपुर ब्लाॅक के पोखर भिटवा ग्राम पंचाययत की पूर्व प्रधान विजय लक्ष्मी चौधरी को एसटीएफ लखनऊ की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। 19 जनवरी से वह फरार पूर्व ग्राम प्रधान पर पुलिस ने 25 हजार रुपये इनाम घोषित किया था। उन्हें मुंडेरवा बाजार स्थित उनके भाई राजमणि चौधरी के घर के बाहर से गिरफ्तार किया गया। बृहस्पतिवार को महिला ग्राम प्रधान को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, पूर्व प्रधान विजय लक्ष्मी चौधरी पर वित्तीय वर्ष 2018-19 में ग्राम प्रधान रहते हुए साढ़े 10 लाख रुपये गबन का आरोप है। इसकी शिकायत पर प्रशासनिक स्तर से कराई गई जांच में आरोपों की पुष्टि हुई थी। डीपीआरओ नमिता शरण की रिपोर्ट पर तत्कालीन डीएम ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे, जिस पर 19 जनवरी को सल्टौआ गोपालपुर ब्लाॅक के एडीओ पंचायत शिव कुमार लाल ने तत्कालीन ग्राम प्रधान विजय लक्ष्मी चौधरी, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी राजन चौधरी, ग्राम विकास अधिकारी सचिव निशात अफराज, तत्कालीन पंचायत सचिव रमाकांत वर्मा, तत्कालीन मनरेगा तकनीकी सहायक अशोक कुमार चौधरी सहित पांच आरोपियों पर केस दर्ज कराया था।
इस केस में फर्जी अभिलेख तैयार कर गलत भुगतान के दोषी ग्राम विकास अधिकारी राजन चौधरी को एक मार्च को ही गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल मामले की जांच शासन स्तर से एसटीएफ को सौंपी गई है।
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यह है मामला
सल्टौआ गोपालपुर विकास खंड के पोखरभिटवा ग्राम पंचायत के बिशुनपुर निवासी अजीत प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी से वर्ष 2015 से 2020 तक ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितता बरते जाने व सरकारी धन का गबन करने की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर तत्कालीन जिला विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी व तहसीलदार भानपुर की चार सदस्यीय टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन किया था। मामले में मनरेगा व प्रथम राज्य वित्त से करीब साढ़े 10 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई थी।
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ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के मद से लाखों रुपये के गबन का आरोप
एडीओ पंचायत ने 19 जनवरी को वाल्टरगंज थाने में दर्ज कराया था केस
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/सल्टौआ। ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के मद से साढ़े 10 लाख रुपये गबन के मामले में फरार सल्टौआ गोपालपुर ब्लाॅक के पोखर भिटवा ग्राम पंचाययत की पूर्व प्रधान विजय लक्ष्मी चौधरी को एसटीएफ लखनऊ की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। 19 जनवरी से वह फरार पूर्व ग्राम प्रधान पर पुलिस ने 25 हजार रुपये इनाम घोषित किया था। उन्हें मुंडेरवा बाजार स्थित उनके भाई राजमणि चौधरी के घर के बाहर से गिरफ्तार किया गया। बृहस्पतिवार को महिला ग्राम प्रधान को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, पूर्व प्रधान विजय लक्ष्मी चौधरी पर वित्तीय वर्ष 2018-19 में ग्राम प्रधान रहते हुए साढ़े 10 लाख रुपये गबन का आरोप है। इसकी शिकायत पर प्रशासनिक स्तर से कराई गई जांच में आरोपों की पुष्टि हुई थी। डीपीआरओ नमिता शरण की रिपोर्ट पर तत्कालीन डीएम ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे, जिस पर 19 जनवरी को सल्टौआ गोपालपुर ब्लाॅक के एडीओ पंचायत शिव कुमार लाल ने तत्कालीन ग्राम प्रधान विजय लक्ष्मी चौधरी, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी राजन चौधरी, ग्राम विकास अधिकारी सचिव निशात अफराज, तत्कालीन पंचायत सचिव रमाकांत वर्मा, तत्कालीन मनरेगा तकनीकी सहायक अशोक कुमार चौधरी सहित पांच आरोपियों पर केस दर्ज कराया था।
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इस केस में फर्जी अभिलेख तैयार कर गलत भुगतान के दोषी ग्राम विकास अधिकारी राजन चौधरी को एक मार्च को ही गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल मामले की जांच शासन स्तर से एसटीएफ को सौंपी गई है।
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यह है मामला
सल्टौआ गोपालपुर विकास खंड के पोखरभिटवा ग्राम पंचायत के बिशुनपुर निवासी अजीत प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी से वर्ष 2015 से 2020 तक ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितता बरते जाने व सरकारी धन का गबन करने की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर तत्कालीन जिला विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी व तहसीलदार भानपुर की चार सदस्यीय टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन किया था। मामले में मनरेगा व प्रथम राज्य वित्त से करीब साढ़े 10 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई थी।