{"_id":"616c5fcff2b17b1e84271526","slug":"forced-for-familay-plan-in-seminar-basti-news-gkp4132140198","type":"story","status":"publish","title_hn":"सास, बेटा और बहू सम्मेलन में परिवार नियोजन पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सास, बेटा और बहू सम्मेलन में परिवार नियोजन पर जोर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सास, बेटा और बहू सम्मेलन में परिवार नियोजन पर जोर
परिवार नियोजन में सहयोग करने वाली महिलाएं सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
कलवारी। सीएचसी बहादुरपुर के अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र कुसौरा, बेईली तथा कनैला में रविवार को आयोजित सास, बेटा और बहू सम्मेलन में परिवार नियोजन पर जोर दिया गया। सम्मेलन में मौजूद नव विवाहिता, सास तथा नव विवाहित युवकों को सम्मेलन का उद्देश्य और परिवार नियोजन का महत्व समझाया गया।
वीसीपीएम शिव भूषण श्रीवास्तव ने विवाह के दो वर्ष बाद गर्भ धारण करना, पहले व दूसरे बच्चे के बीच में तीन वर्ष का अंतर रखना तथा परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधनों की आवश्यकतानुसार उपयोग करने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यदि नव विवाहिता विभागीय नियमों का पालन करेंगी तो उनका तथा नवजात शिशु का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। सहायक शोध अधिकारी श्यामराज चौधरी ने कहा कि अब बदलाव का समय आ गया है। लोगों को महिला नसबंदी के साथ ही पुरुष नसबंदी पर जोर देना चाहिए। यह विधि सरल, सुरक्षित व परिवार नियोजित करने में कारगर है। इस मौके पर माया देवी, कुशलावती देवी, सरोज मिश्रा, सतीश उपाध्याय, चन्द्रेश, रीता, कलावती, पुष्पा, सुनीता और सरस्वती सहित कई लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
परिवार नियोजन में सहयोग करने वाली महिलाएं सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
कलवारी। सीएचसी बहादुरपुर के अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र कुसौरा, बेईली तथा कनैला में रविवार को आयोजित सास, बेटा और बहू सम्मेलन में परिवार नियोजन पर जोर दिया गया। सम्मेलन में मौजूद नव विवाहिता, सास तथा नव विवाहित युवकों को सम्मेलन का उद्देश्य और परिवार नियोजन का महत्व समझाया गया।
वीसीपीएम शिव भूषण श्रीवास्तव ने विवाह के दो वर्ष बाद गर्भ धारण करना, पहले व दूसरे बच्चे के बीच में तीन वर्ष का अंतर रखना तथा परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधनों की आवश्यकतानुसार उपयोग करने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यदि नव विवाहिता विभागीय नियमों का पालन करेंगी तो उनका तथा नवजात शिशु का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। सहायक शोध अधिकारी श्यामराज चौधरी ने कहा कि अब बदलाव का समय आ गया है। लोगों को महिला नसबंदी के साथ ही पुरुष नसबंदी पर जोर देना चाहिए। यह विधि सरल, सुरक्षित व परिवार नियोजित करने में कारगर है। इस मौके पर माया देवी, कुशलावती देवी, सरोज मिश्रा, सतीश उपाध्याय, चन्द्रेश, रीता, कलावती, पुष्पा, सुनीता और सरस्वती सहित कई लोग मौजूद थे।
विज्ञापन