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Basti News: गैर इरादतन हत्या में दो सगे भाइयों समेत तीन को पांच वर्ष की सजा
Wed, 29 Jan 2025 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 29 Jan 2025 12:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट रामकरन यादव की अदालत ने गैर-इरादतन हत्या के मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों को पांच वर्ष कारावास व प्रत्येक को छह हजार पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड न अदा करने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास भुगतनी पड़ेगी। शासकीय अधिवक्ता कनिष्क सिंह व अधिवक्ता अरविंद कुमार चौधरी ने अदालत को बताया कि सोनहा थाना क्षेत्र के पड़रिया दत्तू गांव निवासी रामसुख ने थाने में तहरीर देकर कहा कि उसके तथा पड़ोसी दिग्विजय चौधरी के बीच गली के रास्ते को लेकर अक्सर वाद- विवाद हो जाया करता था। 31 मई 2014 को सुबह करीब 9 बजे गली की बात को लेकर विपक्षी दिग्विजय गाली देने लगे।
मना करने पर दिग्विजय चौधरी, राजेश चौधरी पुत्र आज्ञाराम, राम धीरज, रामसूरत पुत्र जैराम, अंजनी, कुसुम देवी और धर्मेंद्र सहित एक अन्य शख्स लाठी-डंडा लेकर उसके दरवाजे पर चढ़कर उसे व उसके पिता झिनकान तथा उसकी पत्नी गीता को काफी मारापीटा।
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इससे उसका तथा उसके पिता का सया फट गया। पिता झिनकान मौके पर बेहोश होकर गिर गए। शोर मचाने पर गांव के तमाम लोग आ गए तब पिता को उठाकर सल्टौआ अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में झिनकान की मौत हो गई।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर सात लोगों पर केस दर्ज किया था। दौरान विवेचना पुलिस ने अंजनी, कुसुम देवी व धर्मेंद्र का नाम निकाल दिया था। आरोपपत्र केवल दिग्विजय, राजेश, राम धीरज व रामसूरत के विरुद्ध कोर्ट में दाखिल किया था। दौरान मुकदमा रामसूरत की मृत्यु हो गई थी।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दिग्विजय, राजेश व राम धीरज को गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट रामकरन यादव की अदालत ने गैर-इरादतन हत्या के मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों को पांच वर्ष कारावास व प्रत्येक को छह हजार पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड न अदा करने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास भुगतनी पड़ेगी। शासकीय अधिवक्ता कनिष्क सिंह व अधिवक्ता अरविंद कुमार चौधरी ने अदालत को बताया कि सोनहा थाना क्षेत्र के पड़रिया दत्तू गांव निवासी रामसुख ने थाने में तहरीर देकर कहा कि उसके तथा पड़ोसी दिग्विजय चौधरी के बीच गली के रास्ते को लेकर अक्सर वाद- विवाद हो जाया करता था। 31 मई 2014 को सुबह करीब 9 बजे गली की बात को लेकर विपक्षी दिग्विजय गाली देने लगे।
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मना करने पर दिग्विजय चौधरी, राजेश चौधरी पुत्र आज्ञाराम, राम धीरज, रामसूरत पुत्र जैराम, अंजनी, कुसुम देवी और धर्मेंद्र सहित एक अन्य शख्स लाठी-डंडा लेकर उसके दरवाजे पर चढ़कर उसे व उसके पिता झिनकान तथा उसकी पत्नी गीता को काफी मारापीटा।
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इससे उसका तथा उसके पिता का सया फट गया। पिता झिनकान मौके पर बेहोश होकर गिर गए। शोर मचाने पर गांव के तमाम लोग आ गए तब पिता को उठाकर सल्टौआ अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में झिनकान की मौत हो गई।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर सात लोगों पर केस दर्ज किया था। दौरान विवेचना पुलिस ने अंजनी, कुसुम देवी व धर्मेंद्र का नाम निकाल दिया था। आरोपपत्र केवल दिग्विजय, राजेश, राम धीरज व रामसूरत के विरुद्ध कोर्ट में दाखिल किया था। दौरान मुकदमा रामसूरत की मृत्यु हो गई थी।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दिग्विजय, राजेश व राम धीरज को गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।