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Basti News: पटाखा कारोबारी सक्रिय...लाइसेंस के लिए आए 280 आवेदन
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बस्ती। दिवाली को लेकर फुटकर पटाखा कारोबार के अस्थायी लाइसेंस की होड़ मची है। विभिन्न थाना क्षेत्रों से बुधवार तक कलेक्ट्रेट कार्यालय में 280 लोग आवेदन कर चुके हैं। बृहस्पतिवार तक इसमें और बढ़ोतरी होगी। प्रशासन का अनुमान है कि पटाखा के फुटकर विक्रय के लिए 500 से अधिक आवेदन आ सकते हैं।
अभी लाइसेंस निर्गत करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। बृहस्पतिवार तक आवेदनों का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के साथ कारोबारियों को अस्थायी लाइसेंस निर्गत किए जाएंगे। पिछले साल जिले भर में 460 पटाखा के फुटकर कारोबार का अस्थायी लाइसेंस जारी किया गया था। इस बार संख्या बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन की तरफ से कारोबारियों को अस्थायी लाइसेंस निर्गत करने के साथ शर्तों से भी अवगत कराया जाएगा।
घनी आबादी वाले क्षेत्र में पटाखा की दुकानें नहीं लगाई जाएंगी। इसके लिए शहर से लेकर ग्रामीण कस्बों तक पूर्व से ही स्थल चिह्नित है। सुनसान इलाकों में पटाखा की दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी। शहर में पटाखा की मंडी धनतेरस के दिन से लगनी शुरू हो जाएगी। जीआईसी परिसर, आईटीआई परिसर, स्टेशन रोड पर पटाखा की दुकानें लगाई जाती हैं। कोतवाली और पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में कुल दो सौ के करीब पटाखा की फुटकर दुकानें सजती है।
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कानपुर और लखनऊ की मंडी से हो रही पटाखे की आपूर्ति
दिवाली में पटाखा कारोबार चटख बनाने के लिए थोक विक्रेताओं ने कानपुर और लखनऊ की मंडी से पटाखा की आपूर्ति करना शुरू कर दिया है। इस बार सतरंगी एवं हरित पटाखों की भी उपलब्धता की गई है। थोक व्यवसायी रमेश कुमार बताते हैं कि ब्रांड के पटाखों से प्रदूषण फैलने एवं खतरा की गुंजाइश कम रहती है। अच्छे पटाखे फुटकर में 50 रुपये से एक हजार रुपये तक है। अनार, चकरघिन्नी, फुलझड़ी की वेरायटी बढ़ाई गई है। बाजार में इसकी मांग ज्यादा रहती है। इसके अलावा युवाओं के लिए सुतली बम, रॉकेट, चटाई, 12 एवं 15 राउंड के पटाखे भी मंगाए गए हैं।
28 थोक विक्रेताओं के यहां जांच प्रक्रिया पूरी
पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने थोक पटाखा विक्रेताओं के यहां जांच प्रक्रिया पूरी कर ली है। जिले में पटाखा के कुल 28 थोक कारोबारी है। एडीएम, एएसपी, सीओ स्तर के अफसर इन कारोबारियों के लाइसेंस की वैधता जांचने के साथ गोदाम, दुकान का निरीक्षण कर चुके हैं। सभी को क्षमता से अधिक पटाखे का भंडारण नहीं करने की हिदायत दी गई हैं। स्टॉक रजिस्टर अपडेट रखने के अलावा गोदाम या दुकान का संचालन निर्धारित स्थल पर किया जाना अनिवार्य है।
कोट::::पटाखा कारोबार को लेकर पुलिस पहले से अलर्ट है। थोक कारोबारियों के यहां सुरक्षा के सभी जरूरी उपाय सुनिश्चित करा दिए गए हैं। इस बार पांच सौ के आसपास अस्थायी लाइसेंस निर्गत होने की संभावना है। कलेक्ट्रेट में प्रक्रिया शुरू हो गई है। 24 घंटे बाद अस्थायी लाइसेंस की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। -श्यामकांत, एएसपी।
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अभी लाइसेंस निर्गत करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। बृहस्पतिवार तक आवेदनों का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के साथ कारोबारियों को अस्थायी लाइसेंस निर्गत किए जाएंगे। पिछले साल जिले भर में 460 पटाखा के फुटकर कारोबार का अस्थायी लाइसेंस जारी किया गया था। इस बार संख्या बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन की तरफ से कारोबारियों को अस्थायी लाइसेंस निर्गत करने के साथ शर्तों से भी अवगत कराया जाएगा।
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घनी आबादी वाले क्षेत्र में पटाखा की दुकानें नहीं लगाई जाएंगी। इसके लिए शहर से लेकर ग्रामीण कस्बों तक पूर्व से ही स्थल चिह्नित है। सुनसान इलाकों में पटाखा की दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी। शहर में पटाखा की मंडी धनतेरस के दिन से लगनी शुरू हो जाएगी। जीआईसी परिसर, आईटीआई परिसर, स्टेशन रोड पर पटाखा की दुकानें लगाई जाती हैं। कोतवाली और पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में कुल दो सौ के करीब पटाखा की फुटकर दुकानें सजती है।
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कानपुर और लखनऊ की मंडी से हो रही पटाखे की आपूर्ति
दिवाली में पटाखा कारोबार चटख बनाने के लिए थोक विक्रेताओं ने कानपुर और लखनऊ की मंडी से पटाखा की आपूर्ति करना शुरू कर दिया है। इस बार सतरंगी एवं हरित पटाखों की भी उपलब्धता की गई है। थोक व्यवसायी रमेश कुमार बताते हैं कि ब्रांड के पटाखों से प्रदूषण फैलने एवं खतरा की गुंजाइश कम रहती है। अच्छे पटाखे फुटकर में 50 रुपये से एक हजार रुपये तक है। अनार, चकरघिन्नी, फुलझड़ी की वेरायटी बढ़ाई गई है। बाजार में इसकी मांग ज्यादा रहती है। इसके अलावा युवाओं के लिए सुतली बम, रॉकेट, चटाई, 12 एवं 15 राउंड के पटाखे भी मंगाए गए हैं।
28 थोक विक्रेताओं के यहां जांच प्रक्रिया पूरी
पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने थोक पटाखा विक्रेताओं के यहां जांच प्रक्रिया पूरी कर ली है। जिले में पटाखा के कुल 28 थोक कारोबारी है। एडीएम, एएसपी, सीओ स्तर के अफसर इन कारोबारियों के लाइसेंस की वैधता जांचने के साथ गोदाम, दुकान का निरीक्षण कर चुके हैं। सभी को क्षमता से अधिक पटाखे का भंडारण नहीं करने की हिदायत दी गई हैं। स्टॉक रजिस्टर अपडेट रखने के अलावा गोदाम या दुकान का संचालन निर्धारित स्थल पर किया जाना अनिवार्य है।
कोट::::पटाखा कारोबार को लेकर पुलिस पहले से अलर्ट है। थोक कारोबारियों के यहां सुरक्षा के सभी जरूरी उपाय सुनिश्चित करा दिए गए हैं। इस बार पांच सौ के आसपास अस्थायी लाइसेंस निर्गत होने की संभावना है। कलेक्ट्रेट में प्रक्रिया शुरू हो गई है। 24 घंटे बाद अस्थायी लाइसेंस की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। -श्यामकांत, एएसपी।