फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Firecracker smoke can increase the problem of post covid patients

पोस्ट कोविड मरीजों की समस्या बढ़ा सकता पटाखे का धुआं

Wed, 03 Nov 2021 11:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Nov 2021 11:42 PM IST
विज्ञापन
Firecracker smoke can increase the problem of post covid patients
जीआईसी में पटाखों की खरीदारी करते लोग। - फोटो : BASTI
पोस्ट कोविड मरीजों की समस्या बढ़ा सकता पटाखे का धुआं
विज्ञापन

आधे घंटे तक लगातार धुएं में रहने से शुरू हो सकती है सांस फूलने की समस्या
बस्ती। इस दीपावली कोविड पॉजिटिव रह चुके जिले के 11718 लोगों को पटाखा फोड़ने से परहेज करना होगा। कोविड के मरीज रह चुके लोगों (पोस्ट कोविड मरीजों) के लिए पटाखे का धुआं उनकी समस्या को बढ़ा सकता है। लगातार आधे घंटे तक धुएं में रहने से कोविड पॉजिटिव रह चुके मरीजों को दोबारा सांस फूलने की गंभीर समस्या झेलनी पड़ सकती है।
यह कहना है मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार का। उन्होंने बताया कि कोविड की दूसरी लहर में ज्यादा मामले सिंटोमेटिक थे तथा उसमें बड़ी संख्या गंभीर मरीजों की रही। जिले में 11 हजार से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव हुए तथा इसमें से कई ऐसे हैं, जो गंभीर हालत से गुजरते हुए कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं। इसमें कम उम्र के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि कोरोना का प्रभाव सबसे ज्यादा फेफड़ों पर पड़ता है। कोविड पॉजिटिव रहे काफी लोग ऐसे हैं, जिनका फेफड़ा पूर्व की तरह न होकर कमजोर है। ऐसे में धुआं उनके लिए जहर हो सकता है। दोबारा सांस फूलने की समस्या बढ़ने पर उन्हें अस्पताल तक में भर्ती होना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोरोना के पूर्व मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए इस साल पटाखा न फोड़े। लोगों को चाहिए कि परिवार के लोगों को पटाखा फोड़ने से मना करें तथा पड़ोसियों को भी ऐसा न करने की अपील करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

‘मास्क पहनें और धुएं से दूर रहें’
मेडिकल कॉलेज के चेस्ट फिजीशियन डॉ. प्रवीण गौतम का कहना है कि शहर से लेकर गांव तक बड़ी संख्या में लोग कोविड पॉजिटिव तो हुए, लेकिन जांच नहीं कराई। दुकान से दवा लेकर ठीक हो गए। कोविड से अलग-अलग स्तर तक लोगों का फेफड़ा प्रभावित हुआ है। सभी के लिए धुआं नुकसानदेह है। जिन लोगों का सीटी स्कोर 22 से 25 प्रतिशत तक है, उनके लिए धुआं गंभीर खतरा है। कोविड प्रभावित रहे लोगों को चाहिए कि नियमित रूप से मास्क का प्रयोग करें और धुएं से दूर रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed