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महुआपार में 24 घंटे बाद भी तपिश बरकरार
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Wed, 26 Apr 2017 11:19 PM IST
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कलवारी थाना क्षेत्र के महुआपार गांव में मंगलवार को दोपहर ढाई बजे लगी आग की तपिश बुधवार को भी बरकरार रही। धधकती आग तो बुझ गई, मगर राख से उठ रहा धुंआ और चारो ओर जले मकानों के अवशेष हर किसी के रोंगटे खड़े कर रहे हैं। इस हादसे में 80-80 घर घोसियाना व शेखाना टोला के तो साठ घर केवटाही टोला के आग की भेंट चढ़ गए। आग लगने का अब तक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, मगर जितने मुंह उतनी बातें सामने आ रही हैं। कोई शफीक उर्फ नाटे के घर से आग की बात कर रहा है तो शफीक इससे साफ इंकार करते हैं।
मंगलवार की दोपहर दोपहर 2.30 बजे गांव के पश्चिम में बसे शफीक अहमद उर्फ नाटे के घर से आग की लपटे उठने लगीं। जब तक लोग समझ पाते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। एक के बाद एक आग ने दो सौ घरों को अपनी जद मे ले लिया। इन घरों में रहने वालों ने मंगलवार की रात आसमान के नीचे बिताया। अब तक उनके रहने की व्यवस्था प्रशासनिक स्तर पर नहीं की जा सकी है।
मजनू, नसीरुल्लाह, गुलफान, रमजान, इमरान, इलफान ने बताया कि पूरी रात दहशत में और आग बुझाने में बीत गई। अनाज भूसे और अन्य सामान से सुबह दस बजे तक धुआं निकलता रहा। फायर सर्विस के एसीपी चालक राम चन्दर यादव ने बताया कि गांव में तालाब, बोरिंग आदि की कमी होने से आग बुझाने में बड़ी समस्या हुई। दो दमकल बस्ती से व एक गाड़ी कलवारी से पूरी रात आग बुझाने में लगी रही। कलवारी के थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम पूरी रात बचाव कार्य में मुस्तैदी से लगी रही। आग की विभीषिका अपना सब कुछ गवां लोगों के घर सुबह से ही रिश्तेदारों के अलावा आसपास के ग्रामीणों का तांता लगा रहा।
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मदद के लिए तमाम हाथ उठे। मंगलवार की रात प्रधान और कोटेदार के सहयोग से पीड़ितों को भोजन कराया गया। बुधवार की सुबह कई लोगों ने अग्नि पीड़ितों को नाश्ता दिया। अंबेडकर नगर के मुबारकपुर से लोग ट्राली में खाना लाकर अग्नि पीड़ितों में बांटा। प्रधान इरशाद ने कहा कि जब तक पुख्ता इंतजाम नहीं हो जाता तब तक सबके भोजन की व्यवस्था किया जाती रहेगी। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अवधेश कुमार ने पीड़ितों को अपनी तरफ से पांच कुंतल गेहूं व पांच कुंतल चावल देने की घोषणा की।
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मंगलवार की दोपहर दोपहर 2.30 बजे गांव के पश्चिम में बसे शफीक अहमद उर्फ नाटे के घर से आग की लपटे उठने लगीं। जब तक लोग समझ पाते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। एक के बाद एक आग ने दो सौ घरों को अपनी जद मे ले लिया। इन घरों में रहने वालों ने मंगलवार की रात आसमान के नीचे बिताया। अब तक उनके रहने की व्यवस्था प्रशासनिक स्तर पर नहीं की जा सकी है।
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मजनू, नसीरुल्लाह, गुलफान, रमजान, इमरान, इलफान ने बताया कि पूरी रात दहशत में और आग बुझाने में बीत गई। अनाज भूसे और अन्य सामान से सुबह दस बजे तक धुआं निकलता रहा। फायर सर्विस के एसीपी चालक राम चन्दर यादव ने बताया कि गांव में तालाब, बोरिंग आदि की कमी होने से आग बुझाने में बड़ी समस्या हुई। दो दमकल बस्ती से व एक गाड़ी कलवारी से पूरी रात आग बुझाने में लगी रही। कलवारी के थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम पूरी रात बचाव कार्य में मुस्तैदी से लगी रही। आग की विभीषिका अपना सब कुछ गवां लोगों के घर सुबह से ही रिश्तेदारों के अलावा आसपास के ग्रामीणों का तांता लगा रहा।
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मदद के लिए तमाम हाथ उठे। मंगलवार की रात प्रधान और कोटेदार के सहयोग से पीड़ितों को भोजन कराया गया। बुधवार की सुबह कई लोगों ने अग्नि पीड़ितों को नाश्ता दिया। अंबेडकर नगर के मुबारकपुर से लोग ट्राली में खाना लाकर अग्नि पीड़ितों में बांटा। प्रधान इरशाद ने कहा कि जब तक पुख्ता इंतजाम नहीं हो जाता तब तक सबके भोजन की व्यवस्था किया जाती रहेगी। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अवधेश कुमार ने पीड़ितों को अपनी तरफ से पांच कुंतल गेहूं व पांच कुंतल चावल देने की घोषणा की।