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हर्रैया में महिला अस्पताल का रास्ता साफ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Dec 2015 12:39 AM IST
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बस्ती। मुख्यमंत्री की घोषणा के नौ माह बाद हर्रैया तहसील क्षेत्र में 100
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शैया वाले महिला चिकित्सालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। डीएम ने
ग्राम करमडाड़ में 0.594 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने का आदेश जारी किया
है।
डीएम ने कहा है कि अगर सीएमओ ने प्रस्तावित चिकित्सालय का निर्माण तीन वर्षों में नहीं कराया तो भूमि पुन: ग्राम समाज के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। उन्होंने हर्रैया तहसीलदार को राजस्व अभिलेखों में भूमि को अंकित कर उसकी खतौनी की एक प्रति संबंधित विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
नौ अप्रैल 2015 को चंगेरवा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हर्रैया तहसील क्षेत्र में 100 शैया वाले महिला अस्पताल स्थापित करने की घोषणा की थी। घोषणा के नौ माह बाद पर अमल शुरू हो गया है।
हालांकि अस्पताल निर्माण के लिए प्रक्रिया तो काफी पहले शुरू हो चुकी थी, मगर उपयोगी भूमि न मिलने से मामला लंबित रहा। चूंकि भूमि निशुल्क चाहिए थी, इसलिए भूमि तलाशने में देरी हो गई।
डीएम अनिल कुमार दमेले ने बताया कि महिला अस्पताल का निर्माण हो जाने से न सिर्फ हर्रैया तहसील क्षेत्र के लोगों का लाभ होगा बल्कि आसपास के लोग भी इससे लाभान्वित होंगे। वर्तमान में इस क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय जाना पड़ता था।
डीएम ने कहा है कि अगर सीएमओ ने प्रस्तावित चिकित्सालय का निर्माण तीन वर्षों में नहीं कराया तो भूमि पुन: ग्राम समाज के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। उन्होंने हर्रैया तहसीलदार को राजस्व अभिलेखों में भूमि को अंकित कर उसकी खतौनी की एक प्रति संबंधित विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
नौ अप्रैल 2015 को चंगेरवा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हर्रैया तहसील क्षेत्र में 100 शैया वाले महिला अस्पताल स्थापित करने की घोषणा की थी। घोषणा के नौ माह बाद पर अमल शुरू हो गया है।
हालांकि अस्पताल निर्माण के लिए प्रक्रिया तो काफी पहले शुरू हो चुकी थी, मगर उपयोगी भूमि न मिलने से मामला लंबित रहा। चूंकि भूमि निशुल्क चाहिए थी, इसलिए भूमि तलाशने में देरी हो गई।
डीएम अनिल कुमार दमेले ने बताया कि महिला अस्पताल का निर्माण हो जाने से न सिर्फ हर्रैया तहसील क्षेत्र के लोगों का लाभ होगा बल्कि आसपास के लोग भी इससे लाभान्वित होंगे। वर्तमान में इस क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय जाना पड़ता था।