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हत्या मामले में बाप-बेटे को उम्रकैद
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हत्या मामले मेें पिता-पुत्र को उम्रकैद
बस्ती। मुंडेरवा थानाक्षेत्र के हल्लौर नगरा गांव में जुलाई-2010 में हुई हत्या की घटना में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव यादव की अदालत ने पिता-पुत्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक को 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता राघवेश पांडेय ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि हल्लौर नगरा गांव के हीरालाल यादव ने पुलिस को तहरीर दी। बताया था कि एक जुलाई-2010 को वह गांव के लोहार के घर जा रहे थे। पड़ोस के पवन कुमार व उसके पिता राजाराम ने अपने घर के सामने के एक मामूली विवाद में उसके ऊपर हमला कर दिया। शोर सुनकर उसके भाई कन्हैयालाल, बेटी कुसुम एवं नतिनी अर्चना बचाने पहुंचीं। यह देखकर पवन ने कन्हैया पर तमंचे से फायर कर दिया। कन्हैयाल मौके पर गिर गए। अन्य को लाठी-डंडे से पीटकर घायल कर दिया। घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने कन्हैयालाल को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में 13 गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने साक्ष्यों एवं गवाही के आधार पर पवन और राजाराम को सजा सुनाई। दोनों परिवार के बीच जमीन विवाद लंबे समय से चल रहा था।
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बस्ती। मुंडेरवा थानाक्षेत्र के हल्लौर नगरा गांव में जुलाई-2010 में हुई हत्या की घटना में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव यादव की अदालत ने पिता-पुत्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक को 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता राघवेश पांडेय ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि हल्लौर नगरा गांव के हीरालाल यादव ने पुलिस को तहरीर दी। बताया था कि एक जुलाई-2010 को वह गांव के लोहार के घर जा रहे थे। पड़ोस के पवन कुमार व उसके पिता राजाराम ने अपने घर के सामने के एक मामूली विवाद में उसके ऊपर हमला कर दिया। शोर सुनकर उसके भाई कन्हैयालाल, बेटी कुसुम एवं नतिनी अर्चना बचाने पहुंचीं। यह देखकर पवन ने कन्हैया पर तमंचे से फायर कर दिया। कन्हैयाल मौके पर गिर गए। अन्य को लाठी-डंडे से पीटकर घायल कर दिया। घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने कन्हैयालाल को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में 13 गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने साक्ष्यों एवं गवाही के आधार पर पवन और राजाराम को सजा सुनाई। दोनों परिवार के बीच जमीन विवाद लंबे समय से चल रहा था।
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