{"_id":"6244a4c6a38d75486673a42a","slug":"father-and-son-arrested-in-daroga-case-basti-news-gkp4316425143","type":"story","status":"publish","title_hn":"दरोगा की पिटाई के बहुचर्चित मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दरोगा की पिटाई के बहुचर्चित मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दरोगा की पिटाई के बहुचर्चित मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार
बस्ती/दुबौलिया। संदिग्ध हालात में पकड़े गए दरोगा (बर्खास्त) को बंधक बनाकर पिटाई के मामले में नामजद पिता-पुत्र को दुबौलिया पुलिस ने बुधवार को उनके घर से गिरफ्तार किया है। इनमें संग्राम सिंह व उसके पिता नरेंद्र बहादुर सिंह निवासी ऊंजी मुस्कहकम थाना दुबौलिया शामिल हैं। 18 अगस्त 2021 की रात हुई घटना में ग्रामीणों ने दुबौलिया थाने पर तैनात रहे दरोगा अशोक कुमार चतुर्वेदी को खंभे में बांधकर काफी पीटा था। बाद में थाने की फोर्स ने अशोक कुमार चतुर्वेदी को छुड़ाकर ले गई थी।
अगले दिन ग्रामीणों की तहरीर पर पुलिस ने दरोगा के विरुद्ध मारपीट धमकी व हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। जिसके बाद उसे निलंबित कर जेल भेज दिया गया। इसके अगले ही दिन तत्कालीन आईजी अनिल कुमार राय ने निलंबित दरोगा अशोक कुमार चतुर्वेदी को बर्खास्त कर दिया था। इस मामले में तब नया मोड़ आ गया जब पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर बर्खास्त दरोगा के रिश्तेदार शैलेंद्र कुमार मिश्र निवासी देदना थाना कैंपियरगंज गोरखपुर की तहरीर पर ऊंजी मुस्हकम गांव के 18 नामजद व सात-आठ अज्ञात के विरुद्ध बलवा, मारपीट, लूट व हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया। जिसमें संग्राम सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया। तहरीर में शैलेंद्र कुमार मिश्र ने लिखा है कि घटना के दिन उनके रिश्तेदार अशोक कुमार चतुर्वेदी को अचानक संज्ञेय अपराध की सूचना मिली थी। जिस पर वह अपनी मोटरसाइकिल से थानाक्षेत्र की चौकी उमरिया से मिलने निकले थे। रास्ते में ऊंजी मुस्तहकम गांव की पक्की सड़क पर संग्राम सिंह, अभिनंदन सिंह, शुभम सिंह, गौरव सिंह, सौरव सिंह, सत्यम सिंह, रजत सिंह, स्वप्निल सिंह, सुनील सिंह पुत्र सहदेव सिंह, सुनील सिंह पुत्र गज्जू सिंह, तुफानी सिंह, प्रिंस सिंह, नागेंद्र सिंह, राजू सिंह, शिव कुमार, मिंटू सिंह, नरेंद्र बहादुर, भोलेलाल व सात-आठ अन्य लोगों ने उन्हें दबोच लिया। उनकी सर्विस पिस्टल, मोटर साइकिल, मोबाइल फोन व सोने की चेन छीन लिए। बंधक बनाकर अशोक कुमार चतुर्वेदी को मार पीटकर अधमरा कर दिया और छीने गए पिस्टल से दरोगा पर फायर किया। इस मुकदमे में वांछित संग्राम सिंह व उनके पिता नरेंद्र बहादुर सिंह को गिरफ्तार किया है।
ग्रामीणों का यह था आरोप
ग्रामीणों की तरफ से संग्राम सिंह ने तहरीर देकर दरोगा पर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि दुबौलिया थाने के हल्का नंबर चार में तैनात दरोगा अशोक कुमार चतुर्वेदी का ऊंजी मुस्तहकम गांव के एक परिवार में अक्सर रात के वक्त आना-जाना था। जो गांव के लोगों को नागवार लगता था। 18 अगस्त की रात में गांव के बाहर जूनियर हाईस्कूल के पास दरोगा की पल्सर बाइक खड़ी देख गांव के कुछ लोग छिपकर इंतजार करने लगे। रात करीब तीन बजे दरोगा जैसे ही पहुंचा तो ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि दरोगा ने सर्विस रिवाल्वर से दो फायर कर दिया। इससे नाराज होकर लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। सूचना पाकर मौके पर प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार त्रिपाठी फोर्स पहुंचे और दरोगा को इलाज के लिए भेजवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती/दुबौलिया। संदिग्ध हालात में पकड़े गए दरोगा (बर्खास्त) को बंधक बनाकर पिटाई के मामले में नामजद पिता-पुत्र को दुबौलिया पुलिस ने बुधवार को उनके घर से गिरफ्तार किया है। इनमें संग्राम सिंह व उसके पिता नरेंद्र बहादुर सिंह निवासी ऊंजी मुस्कहकम थाना दुबौलिया शामिल हैं। 18 अगस्त 2021 की रात हुई घटना में ग्रामीणों ने दुबौलिया थाने पर तैनात रहे दरोगा अशोक कुमार चतुर्वेदी को खंभे में बांधकर काफी पीटा था। बाद में थाने की फोर्स ने अशोक कुमार चतुर्वेदी को छुड़ाकर ले गई थी।
अगले दिन ग्रामीणों की तहरीर पर पुलिस ने दरोगा के विरुद्ध मारपीट धमकी व हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। जिसके बाद उसे निलंबित कर जेल भेज दिया गया। इसके अगले ही दिन तत्कालीन आईजी अनिल कुमार राय ने निलंबित दरोगा अशोक कुमार चतुर्वेदी को बर्खास्त कर दिया था। इस मामले में तब नया मोड़ आ गया जब पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर बर्खास्त दरोगा के रिश्तेदार शैलेंद्र कुमार मिश्र निवासी देदना थाना कैंपियरगंज गोरखपुर की तहरीर पर ऊंजी मुस्हकम गांव के 18 नामजद व सात-आठ अज्ञात के विरुद्ध बलवा, मारपीट, लूट व हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया। जिसमें संग्राम सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया। तहरीर में शैलेंद्र कुमार मिश्र ने लिखा है कि घटना के दिन उनके रिश्तेदार अशोक कुमार चतुर्वेदी को अचानक संज्ञेय अपराध की सूचना मिली थी। जिस पर वह अपनी मोटरसाइकिल से थानाक्षेत्र की चौकी उमरिया से मिलने निकले थे। रास्ते में ऊंजी मुस्तहकम गांव की पक्की सड़क पर संग्राम सिंह, अभिनंदन सिंह, शुभम सिंह, गौरव सिंह, सौरव सिंह, सत्यम सिंह, रजत सिंह, स्वप्निल सिंह, सुनील सिंह पुत्र सहदेव सिंह, सुनील सिंह पुत्र गज्जू सिंह, तुफानी सिंह, प्रिंस सिंह, नागेंद्र सिंह, राजू सिंह, शिव कुमार, मिंटू सिंह, नरेंद्र बहादुर, भोलेलाल व सात-आठ अन्य लोगों ने उन्हें दबोच लिया। उनकी सर्विस पिस्टल, मोटर साइकिल, मोबाइल फोन व सोने की चेन छीन लिए। बंधक बनाकर अशोक कुमार चतुर्वेदी को मार पीटकर अधमरा कर दिया और छीने गए पिस्टल से दरोगा पर फायर किया। इस मुकदमे में वांछित संग्राम सिंह व उनके पिता नरेंद्र बहादुर सिंह को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का यह था आरोप
ग्रामीणों की तरफ से संग्राम सिंह ने तहरीर देकर दरोगा पर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि दुबौलिया थाने के हल्का नंबर चार में तैनात दरोगा अशोक कुमार चतुर्वेदी का ऊंजी मुस्तहकम गांव के एक परिवार में अक्सर रात के वक्त आना-जाना था। जो गांव के लोगों को नागवार लगता था। 18 अगस्त की रात में गांव के बाहर जूनियर हाईस्कूल के पास दरोगा की पल्सर बाइक खड़ी देख गांव के कुछ लोग छिपकर इंतजार करने लगे। रात करीब तीन बजे दरोगा जैसे ही पहुंचा तो ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि दरोगा ने सर्विस रिवाल्वर से दो फायर कर दिया। इससे नाराज होकर लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। सूचना पाकर मौके पर प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार त्रिपाठी फोर्स पहुंचे और दरोगा को इलाज के लिए भेजवाया।
विज्ञापन