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जिले के किसी भी केंद्र पर धान बेच सकेंगे किसान
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जिले के किसी भी केंद्र पर धान बेच सकेंगे किसान
बस्ती। इस बार शासन ने शुरुआती दौर से ही सभी किसानों को जिले में कहीं भी धान बेचने की सुविधा उपलब्ध करा दी है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को अपनी उपज बेचने का मौका मिल सके। यही नहीं, अगर किसान के नजदीक पड़ोसी जिले का केंद्र स्थापित है और किसान वहां धान बेचना चाहता है तो उसे यह भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
पहली नवंबर से धान की खरीद शुरू की जाएगी। उसके लिए लगातार शासन से दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं और तरह-तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हर बार जब धान खरीद अंतिम दौर में पहुंचता था, तब शासन किसानों को जिले के किसी भी केंद्र पर धान बेचने की सुविधा उपलब्ध कराता था।
पीसीएफ के जिला प्रबंधक अमित कुमार चौधरी के अनुसार, इस बार शासन ने पहल करते हुए शुरुआती दौर में ही यह सुविधा उपलब्ध करा दी है। ताकि अधिक से अधिक किसान इस सुविधा का लाभ उठा सकें। वहीं, किसानों को यह भी सुविधा दी गई है कि अगर उन्हें बगल के जिले के किसी नजदीकी केंद्र पर धान बेचने में आसानी हो रही है तो वह वहां भी धान बेच सकते हैं। अगर कोई बाधा आ रही है तो तत्काल आरएफसी यानी संभागीय खाद्य नियंत्रक कार्यालय से संपर्क कर यह सुविधा ले सकते हैं।
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एक ही केंद्र पर अंत तक बेचना होगा धान
पीसीएफ के जिला प्रबंधक अमित कुमार चौधरी ने बताया कि किसान जिस केंद्र पर धान बेचेंगे, उसी पर अंत तक विक्रय करना होगा। इससे मूल्य भुगतान आसानी से होगा।
केंद्रों का किया जा रहा निर्धारण
डिप्टी आरएमओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में 38 धान क्रय केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है। अन्य केंद्रों के लिए पीसीएफ समेत अन्य एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। धान खरीद की तैयारी शुरू हो गई है। समय से खरीद चालू कर दी जाएगी।
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बस्ती। इस बार शासन ने शुरुआती दौर से ही सभी किसानों को जिले में कहीं भी धान बेचने की सुविधा उपलब्ध करा दी है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को अपनी उपज बेचने का मौका मिल सके। यही नहीं, अगर किसान के नजदीक पड़ोसी जिले का केंद्र स्थापित है और किसान वहां धान बेचना चाहता है तो उसे यह भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
पहली नवंबर से धान की खरीद शुरू की जाएगी। उसके लिए लगातार शासन से दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं और तरह-तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हर बार जब धान खरीद अंतिम दौर में पहुंचता था, तब शासन किसानों को जिले के किसी भी केंद्र पर धान बेचने की सुविधा उपलब्ध कराता था।
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पीसीएफ के जिला प्रबंधक अमित कुमार चौधरी के अनुसार, इस बार शासन ने पहल करते हुए शुरुआती दौर में ही यह सुविधा उपलब्ध करा दी है। ताकि अधिक से अधिक किसान इस सुविधा का लाभ उठा सकें। वहीं, किसानों को यह भी सुविधा दी गई है कि अगर उन्हें बगल के जिले के किसी नजदीकी केंद्र पर धान बेचने में आसानी हो रही है तो वह वहां भी धान बेच सकते हैं। अगर कोई बाधा आ रही है तो तत्काल आरएफसी यानी संभागीय खाद्य नियंत्रक कार्यालय से संपर्क कर यह सुविधा ले सकते हैं।
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एक ही केंद्र पर अंत तक बेचना होगा धान
पीसीएफ के जिला प्रबंधक अमित कुमार चौधरी ने बताया कि किसान जिस केंद्र पर धान बेचेंगे, उसी पर अंत तक विक्रय करना होगा। इससे मूल्य भुगतान आसानी से होगा।
केंद्रों का किया जा रहा निर्धारण
डिप्टी आरएमओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में 38 धान क्रय केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है। अन्य केंद्रों के लिए पीसीएफ समेत अन्य एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। धान खरीद की तैयारी शुरू हो गई है। समय से खरीद चालू कर दी जाएगी।