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Basti News: लक्ष्य तक पहुंचना दूर, 50 फीसदी विद्यालय भी नहीं बन पाए निपुण

Sun, 13 Sep 2026 01:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2026 01:09 AM IST
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Far from reaching the goal, not even 50 percent of schools have achieved 'Nipun' status.
बस्ती। बच्चों को निपुण बनाने का लक्ष्य हासिल करना तो दूर, जिले के आधे विद्यालय भी इस मानक तक नहीं पहुंच सके। वर्ष 2025 में जिले के 1647 परिषदीय विद्यालयों को निपुण बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष महज 652 विद्यालय ही निपुण घोषित हो सके। यानी लक्ष्य का करीब 40 प्रतिशत ही हासिल हो सका।
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सरकार की ओर से परिषदीय विद्यालयों में निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा एक और दो के बच्चों की भाषा और गणित की दक्षता का आकलन कराया जाता है। निपुण प्लस एप और ओएमआर शीट के माध्यम से बच्चों का मूल्यांकन होता है। किसी विद्यालय की कक्षा में 80 प्रतिशत बच्चे निर्धारित निपुण मानक पर खरे उतरते हैं तो उस विद्यालय को निपुण घोषित किया जाता है।
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हर वर्ष इसी प्रक्रिया के तहत बच्चों का आकलन कराया जाता है। मूल्यांकन के लिए डीएलएड प्रशिक्षुओं की भी मदद ली जाती है। वर्ष 2025 में जिले के 1647 विद्यालयों को निपुण बनाने का लक्ष्य दिया गया था। इनमें से 652 विद्यालय ही निर्धारित मानक पूरा कर सके। कक्षा एक और दो के आकलन में करीब 28 हजार बच्चे निपुण मानक पर पाए गए थे। विद्यालयों के स्तर पर लक्ष्य की उपलब्धि 50 प्रतिशत से भी कम रही।
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पिछले साल भी 39 प्रतिशत विद्यालय ही हुए थे निपुण
पिछले वर्ष भी जिले में करीब 39 प्रतिशत विद्यालय ही निपुण घोषित हो सके थे। इस उपलब्धि के साथ बस्ती प्रदेश में 14वें स्थान पर रहा था। उस दौरान करीब 28 हजार बच्चे निपुण आकलन में निर्धारित मानक पर खरे उतरे थे। लगातार दूसरे वर्ष विद्यालयों के लक्ष्य की उपलब्धि अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंचने से निपुण भारत मिशन की प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं।
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जिले में तैनात हैं 71 एआरपी
जिले में 71 एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) तैनात हैं। इनकी जिम्मेदारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों को सहयोगात्मक पर्यवेक्षण प्रदान करने की है। प्रत्येक एआरपी को महीने में करीब 30 विद्यालयों का संरचित कक्षा भ्रमण करना होता है। इस दौरान शिक्षकों को शिक्षण कार्य में सहयोग देने के साथ रचनात्मक प्रतिक्रिया भी दी जाती है। बच्चों को निपुण बनाने के लक्ष्य में एआरपी की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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कोट
वर्तमान शैक्षिक सत्र में अभी निपुण आकलन नहीं हुआ है। इसके नवंबर तक होने की उम्मीद है। इस बार लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और विद्यालयों को निर्धारित मानक पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है।
-अनूप कुमार, बीएसए
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