{"_id":"67436c56e2d81699ff090793","slug":"fake-birth-certificate-issued-in-gaur-area-investigation-started-basti-news-c-207-1-sgkp1006-127843-2024-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: गौर क्षेत्र में जारी हुआ फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: गौर क्षेत्र में जारी हुआ फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, जांच शुरू
विज्ञापन
- मेहदिया खड़कपुर शाही गांव के कई लोगों का बना है फर्जी प्रमाणपत्र
- थाने में केस दर्ज करवाने के लिए सीएचसी प्रभारी ले रहे विधिक राय
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। गौर क्षेत्र के मेहदिया खड़कपुर शाही गांव के तमाम लोगों का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सीएमओ डऑ. आरएस दुबे ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि यह उनके संज्ञान में नहीं है। मगर यदि कहीं ऐसा है, तो यह गंभीर विषय है।
उधर, गौर सीएचसी के प्रभारी डॉ. जेपी कुशवाहा का कहना है कि सोमवार को विधिक राय लेकर थाने में अभियोग दर्ज कराने के लिए तहरीर दी जाएगी। बता दें कि गौर सीएचसी के अंतर्गत आने वाले मेंहदिया खड़कपुर शाही गांव के चार लोगों का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का मामला शनिवार को सीएचसी गौर पर पकड़ा गया। उन प्रमाणपत्रों का क्रमांक एक है, और जिस एमओआईसी के हस्ताक्षर से यह प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं, उनका दो वर्ष पहले ही स्थानांतरण हो चुका है। प्रमाणपत्र पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौर से जारी लिखा गया है जबकि गौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है।
ये प्रमाणपत्र किस मकसद से बनवाए गए इसके बारे में किसी को अभी तक जानकारी नहीं है। जिन लोगों के नाम पर यह प्रमाणपत्र बनाए गए हैं, उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया मगर वे नहीं मिले। बताया जा रहा है कि इस तरह के प्रमाणपत्र से स्कूल में प्रवेश और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अमूमन प्रयोग किया जाता है। कई बार पासपोर्ट आदि बनवाने के लिए भी जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- थाने में केस दर्ज करवाने के लिए सीएचसी प्रभारी ले रहे विधिक राय
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। गौर क्षेत्र के मेहदिया खड़कपुर शाही गांव के तमाम लोगों का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सीएमओ डऑ. आरएस दुबे ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि यह उनके संज्ञान में नहीं है। मगर यदि कहीं ऐसा है, तो यह गंभीर विषय है।
उधर, गौर सीएचसी के प्रभारी डॉ. जेपी कुशवाहा का कहना है कि सोमवार को विधिक राय लेकर थाने में अभियोग दर्ज कराने के लिए तहरीर दी जाएगी। बता दें कि गौर सीएचसी के अंतर्गत आने वाले मेंहदिया खड़कपुर शाही गांव के चार लोगों का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का मामला शनिवार को सीएचसी गौर पर पकड़ा गया। उन प्रमाणपत्रों का क्रमांक एक है, और जिस एमओआईसी के हस्ताक्षर से यह प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं, उनका दो वर्ष पहले ही स्थानांतरण हो चुका है। प्रमाणपत्र पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौर से जारी लिखा गया है जबकि गौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है।
विज्ञापन
ये प्रमाणपत्र किस मकसद से बनवाए गए इसके बारे में किसी को अभी तक जानकारी नहीं है। जिन लोगों के नाम पर यह प्रमाणपत्र बनाए गए हैं, उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया मगर वे नहीं मिले। बताया जा रहा है कि इस तरह के प्रमाणपत्र से स्कूल में प्रवेश और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अमूमन प्रयोग किया जाता है। कई बार पासपोर्ट आदि बनवाने के लिए भी जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
विज्ञापन