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Basti News: साल में दो बार होगा निपुण परिषदीय विद्यालय के छात्रों का मूल्यांकन

Fri, 27 Jun 2025 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Fri, 27 Jun 2025 12:25 AM IST
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Evaluation of students of Nipun Parishad Vidyalaya will be done twice a year
- लर्निंग एट होम को बढ़ावा देने के लिए अभिभावकों के साथ बढ़ाया जाएगा संवाद
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बस्ती। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा दो तक छात्रों को निपुण बनाने में इस बार ज्यादा जोर दिया जा रहा है। अब निपुण विद्यालयों का साल में दो बार मूल्यांकन करने की योजना है। यह मूल्यांकन डायट स्तर पर प्रशिक्षण प्रांत डीएलएड प्रशिक्षुओं से कराया जाएगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना कक्षा दो तक के छात्र पढ़ने, समझने और गणना में दक्ष हो सकें।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को भेजे गए पत्र में कहा है कि यह मूल्यांकन कार्य दिसंबर और फरवरी माह में कराया जाए। इसके साथ उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पाठ्यपुस्तक के साथ वर्क बुक, मैथ्स चार्ट और भाषा किट का उपयोग करते हुए छात्र-छात्राओं में तर्क, अनुमान की क्षमता को विकसित किया जाएगा।
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उन्हाेंने कहा है कि प्रदेश के सभी परिषदीय प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों को ‘निपुण विद्यालय’ के रूप में विकसित करने के लिए वार्षिक लक्ष्य तय कर दिए गए हैं। प्रत्येक स्कूल में न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। कक्षा और विषयवार पाठ्यक्रम को हर महीने पूरा करना होगा। खंड शिक्षा अधिकारी, डायट मेंटर्स, एसआरजी, एआरपी और शिक्षक संकुल को इसकी पूरी जिम्मेदारी दी गई है। इसमें हर खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के 21 स्कूलों को ‘निपुण विद्यालय’ के रूप में विकसित करेंगे।
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वहीं, प्रत्येक शिक्षक संकुल, एसआरजी व एआरपी को 10 विद्यालयों में मूल शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए मिशन के उद्देश्यों को लागू करना होगा। शिक्षकों को प्रशिक्षण के अनुसार शिक्षण पद्धतियों को कक्षा में अपनाने, छात्रों की प्रगति का सतत आकलन करने और रेमेडियल क्लासेस चलाने की जिम्मेदारी दी गई है। पत्र में कहा गया है कि ‘लर्निंग एट होम’ को बढ़ावा देने के लिए अभिभावकों से संवाद बनाए रखें। उन्हें दीक्षा एप, रीड अलांग और खान अकादमी जैसे प्लेटफाॅर्म के प्रयोग के लिए प्रेरित करें। साथ ही, विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठकों के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करें। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों से यह भी कहा गया है वे हर महीने के चौथे शनिवार को प्रधानाध्यापकों के साथ समीक्षा बैठक करें।
डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि पत्र मिला है। निर्देश के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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