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अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं ठप हुई
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Tue, 20 Sep 2016 11:36 PM IST
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जिला अस्पताल मे फार्मासिस्ट और लैब टेक्निशयनो ने किया प्रर्दशन।
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लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट तथा स्टाफ नर्सों की हड़ताल से जिला अस्पताल समेत सीएचसी व पीएचसी पर चिकित्सा सेवा व्यवस्था बाधित हो गई है। हड़ताल के कारण अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा भी ठप रही। जिला अस्पताल, ओपेक चिकित्सालय कैली, जिला महिला अस्पताल में मंगलवार को सुबह से मरीज ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए खड़े रहे।
अस्पतालों में डॉक्टरों ने मरीजों की जांच तो की लेकिन काउंटर पर तैनात संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण उन्हें दवाएं नहीं मिल पाईं। इमरजेंसी में डॉक्टर अकेले बैठे थे। फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्सों की हड़ताल से मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बिना इलाज के वापस कर दिया गया।
कई मरीजों को एंबुलेंस बाहर छोड़कर चली गई, जो कि इलाज के लिए भटकते रहे। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड आदि भी बंद रहे। इसी तरह पैथालाजिकल जांच भी नहीं हो सकी। जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन आठ से नौ सौ तक मरीज आते हैं। हालात यह थे कि ब्लड बैंक बंद होने से कई लोगों को खून तक नहीं मिल सका।
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यूपी लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुशील सिंह ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर नौ सूत्री मांगों को लेकर पूरे प्रदेश में कार्यरत लैब टेक्नीशियन हड़ताल पर रहे। जिला अस्पताल, ओपेक चिकित्सालय कैली, महिला चिकित्सालय, सीएचसी और पीएचसी पर पैथालाजी जांच से संबंधित सेवाएं भी ठप रहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व से निर्देश मिलने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। कार्य बहिष्कार के बाद लैब टेक्नीशियनों ने जिला अस्पताल में प्रदर्शन किया।
इस मौके पर ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, संतोष पांडेय, योगेन्द्र चौधरी, चन्द्र प्रकाश, चन्द्रभान मणि, घनश्याम गुप्ता, आरके सिंह, राजेश चौधरी, मनोज पाल, ममता, सुरेन्द्र श्रीवास्तव, पीडी दुबे, शरद चन्द्र, अनिल, योगेश प्रताप, शैलेष, मनीष, सिराजुद्दीन, एसएन शुक्ल, अरुण धर द्विवेदी सहित आदि मौजूद रहे।
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अस्पतालों में डॉक्टरों ने मरीजों की जांच तो की लेकिन काउंटर पर तैनात संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण उन्हें दवाएं नहीं मिल पाईं। इमरजेंसी में डॉक्टर अकेले बैठे थे। फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्सों की हड़ताल से मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बिना इलाज के वापस कर दिया गया।
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कई मरीजों को एंबुलेंस बाहर छोड़कर चली गई, जो कि इलाज के लिए भटकते रहे। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड आदि भी बंद रहे। इसी तरह पैथालाजिकल जांच भी नहीं हो सकी। जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन आठ से नौ सौ तक मरीज आते हैं। हालात यह थे कि ब्लड बैंक बंद होने से कई लोगों को खून तक नहीं मिल सका।
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यूपी लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुशील सिंह ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर नौ सूत्री मांगों को लेकर पूरे प्रदेश में कार्यरत लैब टेक्नीशियन हड़ताल पर रहे। जिला अस्पताल, ओपेक चिकित्सालय कैली, महिला चिकित्सालय, सीएचसी और पीएचसी पर पैथालाजी जांच से संबंधित सेवाएं भी ठप रहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व से निर्देश मिलने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। कार्य बहिष्कार के बाद लैब टेक्नीशियनों ने जिला अस्पताल में प्रदर्शन किया।
इस मौके पर ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, संतोष पांडेय, योगेन्द्र चौधरी, चन्द्र प्रकाश, चन्द्रभान मणि, घनश्याम गुप्ता, आरके सिंह, राजेश चौधरी, मनोज पाल, ममता, सुरेन्द्र श्रीवास्तव, पीडी दुबे, शरद चन्द्र, अनिल, योगेश प्रताप, शैलेष, मनीष, सिराजुद्दीन, एसएन शुक्ल, अरुण धर द्विवेदी सहित आदि मौजूद रहे।