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Basti News: अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के नाम पर 1.46 करोड़ का गबन
Sat, 21 Jun 2025 01:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 21 Jun 2025 01:40 AM IST
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बस्ती। शैक्षिक सत्र 2021-22 में अल्पसंख्यक वर्ग के फर्जी 1832 विद्यार्थियों के नाम पर 1.46 लाख रुपये छात्रवृत्ति के गबन का मामला प्रकाश में आया है। जांच में गबन की पुष्टि होने के बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सर्वेयर वक्फ निरीक्षक मोहम्मद इफि्तखार ने कोतवाली में तहरीर दी।
कोतवाल राना डीपी सिंह ने बताया कि संबंधित एनआईओ जीशान खान समेत 75 आरोपियों के खिलाफ सरकारी धन के गबन का केस दर्ज किया गया है। आरोपियों में शिक्षण संस्थानों के प्रबंधक व प्रधानाचार्य भी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की छात्रवृत्ति में जनपद के 50 शिक्षण संस्थाओं की जांच कराई गई थी। नामित जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच रिपोर्ट में यह तथ्य प्रकाश में आया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में 47 संस्थाओं के कुल 1832 छात्र-छात्राओं के आवेदन फर्जी हैं।
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जबकि, उन्हें छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया था। कुछ संस्थाओं के आईएनओ/एचओआई सही एवं कुछ फर्जी है। इस प्रकार कुल 47 संस्थाओं के 1832 छात्र-छात्राओं को भेजी गई धनराशि 1 करोड़ 46 लाख 37 हजार 604 रुपये की प्रथम दृष्टया अनियमित्ता प्रतीत होती है।
जांच रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई। निदेशालय के निर्देश पर कोतवाली में तहरीर दी गई। जिन शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधक व प्रधानाचार्यों ने गोलमाल किया है उनमें ज्यादातर वित्तीय सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज हैं।
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कोतवाल राना डीपी सिंह ने बताया कि संबंधित एनआईओ जीशान खान समेत 75 आरोपियों के खिलाफ सरकारी धन के गबन का केस दर्ज किया गया है। आरोपियों में शिक्षण संस्थानों के प्रबंधक व प्रधानाचार्य भी शामिल हैं।
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जानकारी के अनुसार, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की छात्रवृत्ति में जनपद के 50 शिक्षण संस्थाओं की जांच कराई गई थी। नामित जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच रिपोर्ट में यह तथ्य प्रकाश में आया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में 47 संस्थाओं के कुल 1832 छात्र-छात्राओं के आवेदन फर्जी हैं।
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जबकि, उन्हें छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया था। कुछ संस्थाओं के आईएनओ/एचओआई सही एवं कुछ फर्जी है। इस प्रकार कुल 47 संस्थाओं के 1832 छात्र-छात्राओं को भेजी गई धनराशि 1 करोड़ 46 लाख 37 हजार 604 रुपये की प्रथम दृष्टया अनियमित्ता प्रतीत होती है।
जांच रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई। निदेशालय के निर्देश पर कोतवाली में तहरीर दी गई। जिन शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधक व प्रधानाचार्यों ने गोलमाल किया है उनमें ज्यादातर वित्तीय सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज हैं।