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जन सुविधाएं नदारद, डीएम का अल्टीमेटम
basti
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:47 AM IST
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डीएम ने शहर का निरीक्षण किया।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। शहर में सफाई की हालत खस्ता है। कहीं भी ठोस अपशिष्ट कचरे के निपटान की न तो माकूल जगह है। न ही कहीं सार्वजनिक शौचालय या कूड़ा डंप करने के कंटेनर ही रखे हैं। ऐसे हालात देखकर डीएम ने ईओ हिदायत दी। ईओ ने जो दलील दी, उसे खारिज करते हुए निर्देश दिए कि जो सफाई कर्मचारी ड्यूटी करने से कतराए उसे सेवा से तत्काल हटा दें। ऐसे किसी सफाई कर्मी या पर्यवेक्षक को वेतन नहीं ड्रॉ हो जो अपने क्षेत्र के अपशिष्ट उठाने में अक्षम है।
डीएम डॉ. राजशेखर शहर के प्रमुख मार्गों पर जन सुविधाओं का जायजा लेने निकले तो यह देखकर हैरान रह गए कि कम से कम 10 जगह खुले में लोग अपने कचरे फेंक रहे हैं। उनमें से कई से डीएम ने पूछा भी लेकिन सबने पालिका को कोसते हुए बताया कि कभी भी इन सुविधाओं को लेकर पहल नहीं की गई। 14वें वित्त आयोग मद से 20-30 बड़ी मशीनों की निविदा कराने को कहा। यह भी सुनिश्चित करने को निर्देशित किया कि पीपीपी मॉडल पर (पे एंड यूज) आधारित अच्छे जन शौचालयों का गुणवत्तापूर्ण निर्माण, बेहतर रखरखाव और संचालन का प्रबंध करने के लिए 31 अगस्त तक निविदा कराएं। सुलभ शौचालय समूह जैसे निजी तौर पर निवेश कराया जाए। इसकी 30 सितंबर तक निविदा और 31 दिसंबर तक तैयार करने के निर्देश दिए गए। शहर के आसपास अपशिष्ट निपटान के लिए कुछ स्थल चिह्नित करने के लिए डीएम ने एसडीएम सदर, तहसीलदार और ईओ को निर्देशित किया। जहां नगरपालिका और सीएनडीएस संयुक्त रूप से तैयार किये जा रहे नए सॉलिड कचरा प्रबंधन साइट का काम पूरा न कर ले।
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डीएम डॉ. राजशेखर शहर के प्रमुख मार्गों पर जन सुविधाओं का जायजा लेने निकले तो यह देखकर हैरान रह गए कि कम से कम 10 जगह खुले में लोग अपने कचरे फेंक रहे हैं। उनमें से कई से डीएम ने पूछा भी लेकिन सबने पालिका को कोसते हुए बताया कि कभी भी इन सुविधाओं को लेकर पहल नहीं की गई। 14वें वित्त आयोग मद से 20-30 बड़ी मशीनों की निविदा कराने को कहा। यह भी सुनिश्चित करने को निर्देशित किया कि पीपीपी मॉडल पर (पे एंड यूज) आधारित अच्छे जन शौचालयों का गुणवत्तापूर्ण निर्माण, बेहतर रखरखाव और संचालन का प्रबंध करने के लिए 31 अगस्त तक निविदा कराएं। सुलभ शौचालय समूह जैसे निजी तौर पर निवेश कराया जाए। इसकी 30 सितंबर तक निविदा और 31 दिसंबर तक तैयार करने के निर्देश दिए गए। शहर के आसपास अपशिष्ट निपटान के लिए कुछ स्थल चिह्नित करने के लिए डीएम ने एसडीएम सदर, तहसीलदार और ईओ को निर्देशित किया। जहां नगरपालिका और सीएनडीएस संयुक्त रूप से तैयार किये जा रहे नए सॉलिड कचरा प्रबंधन साइट का काम पूरा न कर ले।
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