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अभी और बढ़ सकती है गलन, कोहरा भी सताएगा
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अभी और बढ़ सकती है गलन, कोहरा भी सताएगा
बस्ती। बर्फीली पछुआ हवा से जनजीवन बेहाल है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अभी कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसे ही बना रहेगा। अगले 24 घंटे में आंशिक बादल छाए रहने और उसकी वजह से शीतलहर बढ़ने के आसार हैं। मध्यम से घना कोहरा छाया रह सकता है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि आने वाले 24 घंटे के दौरान मौसम की तासीर में ज्यादा अंतर नहीं पड़ेगा। रविवार को सुबह कोहरे के बीच सूरज निकलने के आसार नहीं दिख रहे थे। फिर भी दोपहर बाद सूरज तो निकला, लेकिन गलन बरकरार रही। सबसे ज्यादा असर तो कामगारों पर पड़ रहा है। काम के समय इनकी उंगलियां पाला पड़ने से सुन्न हो जाती हैं।
अलाव सेंकने के बाद ही उंगलियां सामान्य स्थिति में आ पाती हैं। वहीं तेज बर्फीली हवाओं के चलने से लोग बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। रविवार को अपराह्न धूप खत्म होते ही कोहरे की धुंध गहराने लगी। शाम होते-होते गलन भरी ठंड और कोहरे के धुंध की फिर छा गई। न्यूनतम तापमान छह डिग्री तथा अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा। वातावरण में नमी न्यूनतम 75 और अधिकतम 90 प्रतिशत होने की वजह से ठिठुरन बढ़ गई। इस दौरान दो किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पछुआ बर्फीली हवाओं ने लोगों को कंपा दिया।
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बस्ती। बर्फीली पछुआ हवा से जनजीवन बेहाल है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अभी कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसे ही बना रहेगा। अगले 24 घंटे में आंशिक बादल छाए रहने और उसकी वजह से शीतलहर बढ़ने के आसार हैं। मध्यम से घना कोहरा छाया रह सकता है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि आने वाले 24 घंटे के दौरान मौसम की तासीर में ज्यादा अंतर नहीं पड़ेगा। रविवार को सुबह कोहरे के बीच सूरज निकलने के आसार नहीं दिख रहे थे। फिर भी दोपहर बाद सूरज तो निकला, लेकिन गलन बरकरार रही। सबसे ज्यादा असर तो कामगारों पर पड़ रहा है। काम के समय इनकी उंगलियां पाला पड़ने से सुन्न हो जाती हैं।
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अलाव सेंकने के बाद ही उंगलियां सामान्य स्थिति में आ पाती हैं। वहीं तेज बर्फीली हवाओं के चलने से लोग बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। रविवार को अपराह्न धूप खत्म होते ही कोहरे की धुंध गहराने लगी। शाम होते-होते गलन भरी ठंड और कोहरे के धुंध की फिर छा गई। न्यूनतम तापमान छह डिग्री तथा अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा। वातावरण में नमी न्यूनतम 75 और अधिकतम 90 प्रतिशत होने की वजह से ठिठुरन बढ़ गई। इस दौरान दो किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पछुआ बर्फीली हवाओं ने लोगों को कंपा दिया।
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