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Basti News: गन्ना सर्वे में 60 फीसदी प्लॉटों में मिली विसंगति
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शिवपुर गांव में गन्ने की प्रजाति की जांच करते कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार। संवाद
- फोटो : Archive
टिनिच। गन्ना सर्वे में प्रजातियों के गलत दर्ज होने की शिकायतों की जांच में करीब 60 फीसदी प्लॉटों में विसंगतियां मिली हैं। रविवार को जिला गन्ना अधिकारी जगभान सिंह भदौरिया ने कृषि वैज्ञानिक के साथ शिवपुर गांव पहुंचकर किसानों के खेतों में गन्ने की प्रजातियों की जांच की। किसानों ने सर्वे में पक्षपात का आरोप लगाते हुए सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
जांच टीम ने अशोक सिंह, सुमित सिंह और ध्रुव नारायण सिंह के खेतों का निरीक्षण किया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि अशोक सिंह के खेत में 94184 प्रजाति का गन्ना मिला, जबकि सर्वे में 5191 दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि 5191 रिजेक्ट प्रजाति में शामिल है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। किसान दिवाकर सिंह ने बताया कि गांव में करीब 160 हेक्टेयर में गन्ने की बुआई हुई है।
शिवेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह और संजय ने आरोप लगाया कि सर्वे के दौरान पैसे नहीं देने वाले किसानों की प्रजाति रिजेक्ट दर्ज कर दी गई। उनका कहना है कि किसी प्रजाति को रिजेक्ट करने से पहले किसानों को सूचना दी जानी चाहिए, ताकि वे समय रहते निर्णय ले सकें। किसानों के अनुसार, सहकारी गन्ना विकास समिति में आयोजित शिकायत मेले में गांव से करीब 100 शिकायतें दी गई थीं, लेकिन जांच में केवल पांच प्लॉटों का निरीक्षण किया गया। किसानों ने इसे नाकाफी बताते हुए सभी शिकायतों की जांच की मांग की। इस दौरान समिति के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सिंह, सचिव लाल बहादुर, बभनान चीनी मिल के महाप्रबंधक केन दिनेश राय, उप प्रबंधक केन आलोक सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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जांच टीम ने अशोक सिंह, सुमित सिंह और ध्रुव नारायण सिंह के खेतों का निरीक्षण किया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि अशोक सिंह के खेत में 94184 प्रजाति का गन्ना मिला, जबकि सर्वे में 5191 दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि 5191 रिजेक्ट प्रजाति में शामिल है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। किसान दिवाकर सिंह ने बताया कि गांव में करीब 160 हेक्टेयर में गन्ने की बुआई हुई है।
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शिवेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह और संजय ने आरोप लगाया कि सर्वे के दौरान पैसे नहीं देने वाले किसानों की प्रजाति रिजेक्ट दर्ज कर दी गई। उनका कहना है कि किसी प्रजाति को रिजेक्ट करने से पहले किसानों को सूचना दी जानी चाहिए, ताकि वे समय रहते निर्णय ले सकें। किसानों के अनुसार, सहकारी गन्ना विकास समिति में आयोजित शिकायत मेले में गांव से करीब 100 शिकायतें दी गई थीं, लेकिन जांच में केवल पांच प्लॉटों का निरीक्षण किया गया। किसानों ने इसे नाकाफी बताते हुए सभी शिकायतों की जांच की मांग की। इस दौरान समिति के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सिंह, सचिव लाल बहादुर, बभनान चीनी मिल के महाप्रबंधक केन दिनेश राय, उप प्रबंधक केन आलोक सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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