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Basti News: पोषण ट्रैकर एप पर ई-केवाईसी न कराने पर रुकेगा आहार
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के 2656 आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत एक लाख 12 हजार 775 बच्चों का पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से उपस्थिति और लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूरी नहीं हुई है।
इसको लेकर प्रमुख सचिव बाल विकास ने नाराजगी जताई। वह बुधवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये ई-केवाईसी और एफआरएस संबंधी कार्यों की समीक्षा की, जिसमें स्थिति ठीक नहीं मिली। उन्होंने जिन लाभार्थियों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है उनका आहार तत्काल रोकने का निर्देश जारी किया।
प्रमुख सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार लीना जौहरी ने सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक वीसी के जरिये समीक्षा की। डीपीओ बस्ती राकेश कुमार से जानकारी ली। बताया गया कि जिले में एक लाख 12 हजार 775 बच्चों का ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण होना है। इसमें एक लाख से ऊपर बच्चों का प्रमाणीकरण हो चुका है। प्रमुख सचिव ने कहा कि 15 अगस्त तक यह समय दिया गया था, फिर भी शत-प्रतिशत प्रमाणीकरण न होना लापरवाही है। बिना ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण के किसी भी दशा में अनाज न दें। ई-केवाईसी से बाहर होने वाले बच्चों को खाद्यान्न नहीं मिलेगा। प्रोत्साहन राशि भी नहीं मिलेगी।
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बताया कि आंगनबाड़ी में तीन से छह साल तक के जो भी बच्चे पंजीकृत हैं, उनका ई-केवाईसी कराना सुनिश्चित करें, ताकि सही डाटा जिले से तैयार हो सके। डीपीओ ने जानकारी दी कि निर्धारित समय तक पोषण ट्रैकर पर उपस्थिति प्रमाणीकरण, फोटो कैप्चर और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। आंगनबाड़ी सेवाओं के लिए अनिवार्य फेस रिक्रिएशन सिस्टम (एफआरएस) करना होगा।
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बस्ती। जिले के 2656 आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत एक लाख 12 हजार 775 बच्चों का पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से उपस्थिति और लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूरी नहीं हुई है।
इसको लेकर प्रमुख सचिव बाल विकास ने नाराजगी जताई। वह बुधवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये ई-केवाईसी और एफआरएस संबंधी कार्यों की समीक्षा की, जिसमें स्थिति ठीक नहीं मिली। उन्होंने जिन लाभार्थियों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है उनका आहार तत्काल रोकने का निर्देश जारी किया।
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प्रमुख सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार लीना जौहरी ने सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक वीसी के जरिये समीक्षा की। डीपीओ बस्ती राकेश कुमार से जानकारी ली। बताया गया कि जिले में एक लाख 12 हजार 775 बच्चों का ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण होना है। इसमें एक लाख से ऊपर बच्चों का प्रमाणीकरण हो चुका है। प्रमुख सचिव ने कहा कि 15 अगस्त तक यह समय दिया गया था, फिर भी शत-प्रतिशत प्रमाणीकरण न होना लापरवाही है। बिना ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण के किसी भी दशा में अनाज न दें। ई-केवाईसी से बाहर होने वाले बच्चों को खाद्यान्न नहीं मिलेगा। प्रोत्साहन राशि भी नहीं मिलेगी।
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बताया कि आंगनबाड़ी में तीन से छह साल तक के जो भी बच्चे पंजीकृत हैं, उनका ई-केवाईसी कराना सुनिश्चित करें, ताकि सही डाटा जिले से तैयार हो सके। डीपीओ ने जानकारी दी कि निर्धारित समय तक पोषण ट्रैकर पर उपस्थिति प्रमाणीकरण, फोटो कैप्चर और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। आंगनबाड़ी सेवाओं के लिए अनिवार्य फेस रिक्रिएशन सिस्टम (एफआरएस) करना होगा।