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पुरानी पेंशन बहाली के लिए दिया धरना
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कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित किया गया कर्मचारी संयुक्त परिषद का धरना। संवाद
- फोटो : BASTI
पुरानी पेंशन बहाली के लिए दिया धरना
बस्ती। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने पुरानी पेंशन नीति बहाली के साथ ही 11 मांगों के लिए धरना दिया। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम न्यायिक अतुल आनंद को दिया।
सुबह 10 बजे से ही विभिन्न विभागोें के कर्मचारी कलेक्ट्रेट में एकत्रित हुए। कर्मियों ने पुरानी पेंशन नीति की बहाली सहित 11 मांगों को पूरा करने के लिए आवाज उठाई। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष मस्तराम वर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष राम अधार पाल ने कहा कि सरकार जानबूझकर कर्मचारी हितों की अनदेखी कर रही है। लंबे समय से पुरानी पेंशन नीति बहाल किए जाने की मांग चल रही है। कुछ राज्यों की सरकारोें ने पुरानी पेंशन को बहाल कर दिया, पर प्रदेश की सरकार इस दिशा में गंभीर नहीं है। कहा कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, राज्य कर्मचारी चरणबद्ध ढंग से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। कहा कि कर्मचारियों ने जिस प्रकार से आज अपनी ताकत का अहसास कराया है, इसी तरह की एकजुटता से हक हासिल होगा। संचालन करते हुए जिला मंत्री तौलू प्रसाद ने कहा कि कर्मचारी इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। मांगों की अनदेखी चिंताजनक है।
धरने को कोषागार कर्मचारी संघ अध्यक्ष अखिलेश पाठक, पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष अजय आर्य, दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ अध्यक्ष अशोक सिंह, कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ अध्यक्ष अशोक मिश्र, सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेश कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ अध्यक्ष अरुणेश पाल, ग्राम विकास अधिकारी संघ अध्यक्ष अमरनाथ गौतम, सिंचाई संघ अध्यक्ष अशोक सिंह, डिप्लोमा इंजीनियर संघ लोक निर्माण अध्यक्ष ई. अभिषेक सिंह आदि ने संबोधित किया।
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इस मौके पर प्रमोद शुक्ल, रामशंकर चौधरी, फिरोज खान, मो. कलीम, विनय शुक्ल, आशीष शर्मा, जितेंद्र अरोरा, जलालुद्दीन कुरेशी, अरविंद चौधरी, बजरंगी प्रसाद, पेशकार, रुद्रनरायन रूदल आदि मौजूद रहे।
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बस्ती। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने पुरानी पेंशन नीति बहाली के साथ ही 11 मांगों के लिए धरना दिया। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम न्यायिक अतुल आनंद को दिया।
सुबह 10 बजे से ही विभिन्न विभागोें के कर्मचारी कलेक्ट्रेट में एकत्रित हुए। कर्मियों ने पुरानी पेंशन नीति की बहाली सहित 11 मांगों को पूरा करने के लिए आवाज उठाई। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष मस्तराम वर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष राम अधार पाल ने कहा कि सरकार जानबूझकर कर्मचारी हितों की अनदेखी कर रही है। लंबे समय से पुरानी पेंशन नीति बहाल किए जाने की मांग चल रही है। कुछ राज्यों की सरकारोें ने पुरानी पेंशन को बहाल कर दिया, पर प्रदेश की सरकार इस दिशा में गंभीर नहीं है। कहा कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, राज्य कर्मचारी चरणबद्ध ढंग से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। कहा कि कर्मचारियों ने जिस प्रकार से आज अपनी ताकत का अहसास कराया है, इसी तरह की एकजुटता से हक हासिल होगा। संचालन करते हुए जिला मंत्री तौलू प्रसाद ने कहा कि कर्मचारी इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। मांगों की अनदेखी चिंताजनक है।
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धरने को कोषागार कर्मचारी संघ अध्यक्ष अखिलेश पाठक, पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष अजय आर्य, दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ अध्यक्ष अशोक सिंह, कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ अध्यक्ष अशोक मिश्र, सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेश कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ अध्यक्ष अरुणेश पाल, ग्राम विकास अधिकारी संघ अध्यक्ष अमरनाथ गौतम, सिंचाई संघ अध्यक्ष अशोक सिंह, डिप्लोमा इंजीनियर संघ लोक निर्माण अध्यक्ष ई. अभिषेक सिंह आदि ने संबोधित किया।
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इस मौके पर प्रमोद शुक्ल, रामशंकर चौधरी, फिरोज खान, मो. कलीम, विनय शुक्ल, आशीष शर्मा, जितेंद्र अरोरा, जलालुद्दीन कुरेशी, अरविंद चौधरी, बजरंगी प्रसाद, पेशकार, रुद्रनरायन रूदल आदि मौजूद रहे।