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Basti News: पूर्वजों की पूजा से मिलेगी पितृदोष से मुक्ति
Fri, 09 Feb 2024 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 09 Feb 2024 01:32 AM IST
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मौनी अमावस्या : सरयू, कुआनो व मनवर नदी के तट पर डुबकी लगाएंगे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौनी अमावस्या शुक्रवार को मनाई जाएगी। नदियों के घाटों पर स्नान कर श्रद्धालु दान कर पुण्य प्राप्त करेंगे। ज्योतिषाचार्य मंगलाचार्य पाठक ने बताया कि मौनी अमावस्या पर मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूर्वजों का पूजा पाठ की जाए तो पितृ दोष से मुक्ति मिल जाती है।
उन्होंने बताया कि पद्मपुराण के उत्तरखंड में माघ मास की अमावस्या के महात्व का वर्णन किया गया है। इसके अनुसार व्रत, दान और तपस्या से श्रीहरि को उतनी प्रसन्नता नहीं होती, जितनी कि माघ माह में स्नान मात्र से होती है। इसलिए स्वर्ग लाभ, पापों से मुक्ति के लिए प्रत्येक मनुष्य को माघ स्नान करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य मंगलाचार्य ने बताया कि प्रातः काल मौन रखकर स्नान ध्यान से सहस्र गोदान का पुण्य फल प्राप्त होता है। वैसे मौनी अमावस्या पर स्नान के बाद दान का विशेष महत्व है। दान में भूमि, स्वर्ण, अश्व, हाथी के साथ ही तिल से बनी सामग्री, उष्ण वस्तुएं, कंबल-स्वेटर, शाक-सब्जी दान करने से पुण्य प्राप्त होता है।
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शुक्रवार को सरयू, कुआनो, मनवर नदी के तट पर श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। सरयू नदी के टांडा पुल तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करने पहुंचते हैं। घाट पर सफाई आदि व्यवस्था की गई है। बृहस्पतिवार को पुलिस अधिकारियों ने घाट का जायजा लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौनी अमावस्या शुक्रवार को मनाई जाएगी। नदियों के घाटों पर स्नान कर श्रद्धालु दान कर पुण्य प्राप्त करेंगे। ज्योतिषाचार्य मंगलाचार्य पाठक ने बताया कि मौनी अमावस्या पर मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूर्वजों का पूजा पाठ की जाए तो पितृ दोष से मुक्ति मिल जाती है।
उन्होंने बताया कि पद्मपुराण के उत्तरखंड में माघ मास की अमावस्या के महात्व का वर्णन किया गया है। इसके अनुसार व्रत, दान और तपस्या से श्रीहरि को उतनी प्रसन्नता नहीं होती, जितनी कि माघ माह में स्नान मात्र से होती है। इसलिए स्वर्ग लाभ, पापों से मुक्ति के लिए प्रत्येक मनुष्य को माघ स्नान करना चाहिए।
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ज्योतिषाचार्य मंगलाचार्य ने बताया कि प्रातः काल मौन रखकर स्नान ध्यान से सहस्र गोदान का पुण्य फल प्राप्त होता है। वैसे मौनी अमावस्या पर स्नान के बाद दान का विशेष महत्व है। दान में भूमि, स्वर्ण, अश्व, हाथी के साथ ही तिल से बनी सामग्री, उष्ण वस्तुएं, कंबल-स्वेटर, शाक-सब्जी दान करने से पुण्य प्राप्त होता है।
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शुक्रवार को सरयू, कुआनो, मनवर नदी के तट पर श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। सरयू नदी के टांडा पुल तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करने पहुंचते हैं। घाट पर सफाई आदि व्यवस्था की गई है। बृहस्पतिवार को पुलिस अधिकारियों ने घाट का जायजा लिया।