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डेंगू की मार, 38 बीमार, एक की मौत
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डेंगू की मार, 38 बीमार, एक की मौत
बस्ती। डेंगू का प्रकोप जिले में तेजी से फैल रहा है। 60 दिनों में यहां 38 मरीज पाए जा चुके हैं। उनमें से एक की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू के इलाज के लिए जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज के अलावा सीएचसी, पीएचसी में व्यवस्था करा रखी है। हालांकि, लगातार डेंगू के मरीज मिलने से स्वास्थ्य प्रशासन परेशान है। विभाग के जिम्मेदारों का तर्क है कि जो मरीज मिले हैं, उनमें अधिकांश लखनऊ में रहते हैं और उनका आधार का पता यहां का है।
जिले में इस बार सितंबर व अक्तूबर में डेंगू का प्रकोप तेज हो गया है। अब तक एडीज मच्छर के काटने से होने वाले डेंगू ने परशुरामपुर क्षेत्र के एक युवक की जान ले ली है, जबकि छह से ज्यादा लोग गंभीर हैं। करीब 15 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं।
बोले सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र ने कहा कि यह महीना डेेंगू के लिए सर्वाधिक संवेदनशील है। इसकी तैयारी की गई है। डेंगू पीड़ित बीमारों के इलाज की पूरी व्यवस्था ग्रामीण इलाकों से लेकर जिला मुख्यालय तक की गई है। जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में दस-दस बेड डेंगू पीड़ितों के लिए सुरक्षित किए गए हैं। सीएचसी पर इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर में चार बेड पीएचसी के ईटीसी में तीन बेड डेंगू पीड़ित मरीजों के लिए सुरक्षित किए गए हैं। इन अस्पतालों में दवाओं का भी इंतजाम किया गया है।
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बोले चिकित्सक
डॉ. आरके सिंह ने बताया कि अप्रैल से लेकर नवंबर तक डेंगू व संचारी रोग के लिए संवेदनशील रहता है। ऐसे में मच्छरों से बचने के लिए सभी को व्यवस्था बनानी चाहिए। डॉ. सिंह के अनुसार डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं। एकत्र पानी में पैदा होते हैं। ऐसे में मच्छर न पैदा हों, उसके लिए गमलों, बाहर रखे डब्बों, खराब पड़े टायरों में पानी न जमा होने दें। आसपास सफाई रखें। दूसरी ओर, जिला मलेरिया अधिकारी आईए अंसारी ने कहा कि इस बार सितंबर, अक्तूबर में डेेंगू का प्रकोप बढ़ गया है। गांवों में छिड़काव व फागिंग आदि कराई गई है। डेंगू से एक मौत का मामला आया है। सुकरौली पांडेय ग्राम के युवक की मौत हुई है। वहां निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।
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बस्ती। डेंगू का प्रकोप जिले में तेजी से फैल रहा है। 60 दिनों में यहां 38 मरीज पाए जा चुके हैं। उनमें से एक की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू के इलाज के लिए जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज के अलावा सीएचसी, पीएचसी में व्यवस्था करा रखी है। हालांकि, लगातार डेंगू के मरीज मिलने से स्वास्थ्य प्रशासन परेशान है। विभाग के जिम्मेदारों का तर्क है कि जो मरीज मिले हैं, उनमें अधिकांश लखनऊ में रहते हैं और उनका आधार का पता यहां का है।
जिले में इस बार सितंबर व अक्तूबर में डेंगू का प्रकोप तेज हो गया है। अब तक एडीज मच्छर के काटने से होने वाले डेंगू ने परशुरामपुर क्षेत्र के एक युवक की जान ले ली है, जबकि छह से ज्यादा लोग गंभीर हैं। करीब 15 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं।
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सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र ने कहा कि यह महीना डेेंगू के लिए सर्वाधिक संवेदनशील है। इसकी तैयारी की गई है। डेंगू पीड़ित बीमारों के इलाज की पूरी व्यवस्था ग्रामीण इलाकों से लेकर जिला मुख्यालय तक की गई है। जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में दस-दस बेड डेंगू पीड़ितों के लिए सुरक्षित किए गए हैं। सीएचसी पर इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर में चार बेड पीएचसी के ईटीसी में तीन बेड डेंगू पीड़ित मरीजों के लिए सुरक्षित किए गए हैं। इन अस्पतालों में दवाओं का भी इंतजाम किया गया है।
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बोले चिकित्सक
डॉ. आरके सिंह ने बताया कि अप्रैल से लेकर नवंबर तक डेंगू व संचारी रोग के लिए संवेदनशील रहता है। ऐसे में मच्छरों से बचने के लिए सभी को व्यवस्था बनानी चाहिए। डॉ. सिंह के अनुसार डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं। एकत्र पानी में पैदा होते हैं। ऐसे में मच्छर न पैदा हों, उसके लिए गमलों, बाहर रखे डब्बों, खराब पड़े टायरों में पानी न जमा होने दें। आसपास सफाई रखें। दूसरी ओर, जिला मलेरिया अधिकारी आईए अंसारी ने कहा कि इस बार सितंबर, अक्तूबर में डेेंगू का प्रकोप बढ़ गया है। गांवों में छिड़काव व फागिंग आदि कराई गई है। डेंगू से एक मौत का मामला आया है। सुकरौली पांडेय ग्राम के युवक की मौत हुई है। वहां निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।