{"_id":"5df91a7c8ebc3e87984d3291","slug":"debt-taken-by-duplicate-sign-case-basti-news-gkp333673678","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी हस्ताक्षर से लिया कर्ज,मुकदमा दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी हस्ताक्षर से लिया कर्ज,मुकदमा दर्ज
विज्ञापन
फर्जी हस्ताक्षर से लिया कर्ज, मुकदमा दर्ज
बस्ती। व्यक्तिगत ऋण लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ लिपिक ने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक का फर्जी हस्ताक्षर कर सात लाख रुपये कर्ज ले लिया। जानकारी होने पर जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. ओपी सिंह ने कनिष्ठ सहायक रविंद्र कुमार के खिलाफ पुरानी बस्ती थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
जिला अस्पताल में आउट डोर पर मरीज की पर्ची काउंटर पर रवींद्र कुमार बतौर कनिष्ठ सहायक तैनात है। आरोप है कि रवींद्र ने अपने वेतन प्रमाणपत्र बनाकर एसआईसी के फर्जी हस्ताक्षर बना लिया। इस प्रमाणपत्र के आधार पर स्टेट बैंक साऊंघाट शाखा से सात लाख रुपये व्यक्तिगत ऋण ले लिया। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद इसकी जानकारी हुई। फर्जीवाडे़ की आशंका को देखते हुए एसआईसी डॉ. ओपी सिंह ब्रांच पहुंचे। बैंक स्टॉफ से मिलकर अभिलेख की जांच की तो हस्ताक्षर फर्जी पाया। उन्होंने बैंक स्टॉफ से लिपिक का खाता सीज करने को कहा। एसओ सर्वेश राय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश की जा रही है।
विज्ञापन
बस्ती। व्यक्तिगत ऋण लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ लिपिक ने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक का फर्जी हस्ताक्षर कर सात लाख रुपये कर्ज ले लिया। जानकारी होने पर जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. ओपी सिंह ने कनिष्ठ सहायक रविंद्र कुमार के खिलाफ पुरानी बस्ती थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
जिला अस्पताल में आउट डोर पर मरीज की पर्ची काउंटर पर रवींद्र कुमार बतौर कनिष्ठ सहायक तैनात है। आरोप है कि रवींद्र ने अपने वेतन प्रमाणपत्र बनाकर एसआईसी के फर्जी हस्ताक्षर बना लिया। इस प्रमाणपत्र के आधार पर स्टेट बैंक साऊंघाट शाखा से सात लाख रुपये व्यक्तिगत ऋण ले लिया। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद इसकी जानकारी हुई। फर्जीवाडे़ की आशंका को देखते हुए एसआईसी डॉ. ओपी सिंह ब्रांच पहुंचे। बैंक स्टॉफ से मिलकर अभिलेख की जांच की तो हस्ताक्षर फर्जी पाया। उन्होंने बैंक स्टॉफ से लिपिक का खाता सीज करने को कहा। एसओ सर्वेश राय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश की जा रही है।
विज्ञापन