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Basti News: खजूर है सेहत का खजाना... रोजा में इस्तेमाल से मिलती है ताकत
Sat, 16 Mar 2024 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 16 Mar 2024 01:16 AM IST
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खजूर के विभिन्न किस्मों से बाजार भरा
सहरी व इफ्तार में शामिल कर रहे रोजेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रमजान माह में खजूर व फलों की दुकानों पर काफी भीड़ देखी जा रही है। सुबह सहरी व शाम को इफ्तार में रोजेदार विभिन्न प्रकार के व्यंजन के साथ खजूर का प्रयोग करते हैं। खजूर सेहत का खजाना कहा जाता है। इसके प्रयोग से शरीर को तमाम विटामिन के साथ ताकत मिलती है।
गांधी नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में रमजान के लिए सेवई, खजूर व फलों की दुकानें सजी हैं। बाजार में 100 से लेकर 1000 रुपये तक के खजूर उपलब्ध हैं। गांधी नगर के कारोबारी मीरू ने बताया कि इस समय विभिन्न प्रकार के खजूर दुकानों पर मिल रहे हैं। सबसे महंगा खजूर 1000 रुपये किलो का है। यह डिब्बा बंद और अरब देश से खास मंगाया गया है। यूं तो अधिकतर रोजेदार खुला खजूर खरीदते हैं, मगर कुछ परिवारों में महंगे दामों के खजूर भी जाते हैं।
मौलाना अब्दुलहई ने बताया कि रोजेदार खजूर से ही अपना रोजा खोलते हैं। इस वजह से इस खास फल को इस्लाम में खास महत्व दिया जाता है। खजूर में भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। रोजे के समय इसका सेवन करने से शरीर में ताकत बनी रहती है। खजूर का सेवन समग्र रूप से स्वस्थ शरीर और दिमाग का समर्थन करने में मदद करता है।
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भारी खाना खाने से बचें
आमतौर पर लोग मानते हैं कि सहरी या इफ्तार के वक्त कुछ भारी खा लेने से लंबे समय तक भूख लगने से बचा जा सकता है। मगर, ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है। गर्मी के दिनों में रोजे के वक्त भूख से ज्यादा प्यास लगती है। अगर खासकर हम सहरी में ज्यादा भारी खाना खाते हैं, तो रोजे में प्यास ज्यादा लगती है। साथ ही, अपच के कारण खट्टी डकारें भी आ सकती हैं जो रोजे को मकरूह (खंडित) करने की वजह बनती है। इसलिए सहरी में हल्का खाना ही खाएं।
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तली चीजें खाने से बचें
डॉ. जावेद अहमद ने बताया कि सहरी या इफ्तार के वक्त तली हुई चीजों को खाने से बचें। अकसर लोग इफ्तार के वक्त तली हुई चीजें खाना पसंद करते हैं। इसके पीछे उनका मानना होता है कि इन चीजों से मुंह का स्वाद सही हो जाएगा, लेकिन दिनभर रोजे के चलते भूखा रहने के बाद आप तली हुई चीजें खाते हैं तो यह आपकी सेहत नुकसान पहुंचा सकती हैं। मुंह का स्वाद सही करने के लिए आप बिना तेल में तली हुई किसी नमकीन चीज को अपने इफ्तार के दस्तरखान पर रख सकते हैं। साथ ही, याद रखें कि सहरी के वक्त हरी पत्तेदार सब्जियां और सलाद खाने से ज्यादा खाएं, ताकि रोजे की हालत में शरीर में पानी का संतुलन बना रहे।
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सहरी व इफ्तार में शामिल कर रहे रोजेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रमजान माह में खजूर व फलों की दुकानों पर काफी भीड़ देखी जा रही है। सुबह सहरी व शाम को इफ्तार में रोजेदार विभिन्न प्रकार के व्यंजन के साथ खजूर का प्रयोग करते हैं। खजूर सेहत का खजाना कहा जाता है। इसके प्रयोग से शरीर को तमाम विटामिन के साथ ताकत मिलती है।
गांधी नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में रमजान के लिए सेवई, खजूर व फलों की दुकानें सजी हैं। बाजार में 100 से लेकर 1000 रुपये तक के खजूर उपलब्ध हैं। गांधी नगर के कारोबारी मीरू ने बताया कि इस समय विभिन्न प्रकार के खजूर दुकानों पर मिल रहे हैं। सबसे महंगा खजूर 1000 रुपये किलो का है। यह डिब्बा बंद और अरब देश से खास मंगाया गया है। यूं तो अधिकतर रोजेदार खुला खजूर खरीदते हैं, मगर कुछ परिवारों में महंगे दामों के खजूर भी जाते हैं।
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मौलाना अब्दुलहई ने बताया कि रोजेदार खजूर से ही अपना रोजा खोलते हैं। इस वजह से इस खास फल को इस्लाम में खास महत्व दिया जाता है। खजूर में भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। रोजे के समय इसका सेवन करने से शरीर में ताकत बनी रहती है। खजूर का सेवन समग्र रूप से स्वस्थ शरीर और दिमाग का समर्थन करने में मदद करता है।
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भारी खाना खाने से बचें
आमतौर पर लोग मानते हैं कि सहरी या इफ्तार के वक्त कुछ भारी खा लेने से लंबे समय तक भूख लगने से बचा जा सकता है। मगर, ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है। गर्मी के दिनों में रोजे के वक्त भूख से ज्यादा प्यास लगती है। अगर खासकर हम सहरी में ज्यादा भारी खाना खाते हैं, तो रोजे में प्यास ज्यादा लगती है। साथ ही, अपच के कारण खट्टी डकारें भी आ सकती हैं जो रोजे को मकरूह (खंडित) करने की वजह बनती है। इसलिए सहरी में हल्का खाना ही खाएं।
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तली चीजें खाने से बचें
डॉ. जावेद अहमद ने बताया कि सहरी या इफ्तार के वक्त तली हुई चीजों को खाने से बचें। अकसर लोग इफ्तार के वक्त तली हुई चीजें खाना पसंद करते हैं। इसके पीछे उनका मानना होता है कि इन चीजों से मुंह का स्वाद सही हो जाएगा, लेकिन दिनभर रोजे के चलते भूखा रहने के बाद आप तली हुई चीजें खाते हैं तो यह आपकी सेहत नुकसान पहुंचा सकती हैं। मुंह का स्वाद सही करने के लिए आप बिना तेल में तली हुई किसी नमकीन चीज को अपने इफ्तार के दस्तरखान पर रख सकते हैं। साथ ही, याद रखें कि सहरी के वक्त हरी पत्तेदार सब्जियां और सलाद खाने से ज्यादा खाएं, ताकि रोजे की हालत में शरीर में पानी का संतुलन बना रहे।