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Basti News: रबी सीजन शुरू होते ही जिले में डीएपी का अकाल

Wed, 13 Nov 2024 01:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 13 Nov 2024 01:15 AM IST
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DAP famine in the district as Rabi season begins
समितियों पर डीएपी पहुंचते ही कतार लगाकर खड़े हो जा रहे किसान
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1.71 लाख हेक्टेयर में बोआई का लक्ष्य, 17.625 मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रबी सीजन में गेहूं की बोआई शुरू होने से पहले ही डीएपी को लेकर मारामारी तेज हो गई है। पहले से उर्वरक खरीदकर रख लेने की होड़ में समितियों पर लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगह मारपीट तक की नौबत आ चुकी है। जिस समिति पर दो-चार सौ बोरी डीएपी पहुंच रही है,उसके लिए किसान टूट पड़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे डीएपी के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। जबकि विभाग का दावा है कि जिले में डीएपी की कोई समस्या नहीं है।
जिले में इस बार रबी सीजन में 1.71 लाख हेक्टेयर में बोआई का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 1.41 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल बोआई होगी। इसके लिए अगर किसान सिर्फ डीएपी का इस्तेमाल करें तो 17.625 मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत पड़ेगी। जिला कृषि अधिकारी डाॅ. बीआर मौर्य ने बताया कि किसान सिंगल सुपर फास्फेट और एनपीके भी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, इसलिए इससे कम डीएपी की ही जरूरत होगी।
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इसके सापेक्ष नवंबर, दिसंबर और जनवरी मिलाकर शासन स्तर से आपूर्ति की समयसारिणी तय की गई है। नवंबर में कुल 9339 मीट्रिक टन डीएपी का आवंटन है, जिसके सापेक्ष 7667 मीट्रिक टन डीएपी जिले में आ चुकी है। दो दिन में एक और रैक आ रही है, जिससे मांग पूरा करने में सहूलियत मिलेगी। समितियों पर नैनो डीएपी और नैनो यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को धैर्य रखना चाहिए।
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जिले की ज्यादातर समितियों पर पड़ा अकाल
- कप्तानगंज संवाद के मुताबिक स्थानीय समिति पर 9 नवम्बर को 450 बोरी डीएपी आयी थी। 10 नवंबर से किसानों में डीएपी बांटी जा रही हैं। सचिव विजयभान पांडेय ने बताया कि मंगलवार की सुबह 272 बोरी डीएपी गोदाम में बांटा जा रहा है। मानिकचंद संवाद के मुताबिक किसान सेवा समिति बसडीला में 450 बोरी डीएपी आयी है। सचिव दिनेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि बुधवार को वितरण किया जाएगा। पैकोलिया संवाद के मुताबिक क्षेत्र के साधन सहकारी समिति सेमरा में 450 व साधन सहकारी समिति कठौतिया सांवडीह में 450 बोरी डीएपी 21 अक्टूबर को आयी थी। अभी 240 बोरी डीएपी बची हुई है। यह जानकारी दोनों समितियों के सचिव सुबास सिंह ने दी है। मुंडेरवा संवाद के अनुसार सहकारी गन्ना समिति में 22 अक्टूबर के बाद से ही डीएपी खाद नहीं है। लवकुश कन्नौजिया, मोनू चौधरी, रिंकू चौधरी, राम प्रकाश सहित अन्य किसानों ने बताया कि बीस से पचीस दिन से प्रतिदिन आ रहे हैं। यहां आज कल कह करके घुमा रहे हैं। साधन सहकारी समिति टिनिच पर जुलाई माह में ही 360 बोरी डीएपी आई थी। जिसमें अभी भी 80 बोरी बची है। सचिव चन्द्रशेखर ने बताया कि इस क्षेत्र में डीएपी की खपत कम है। जुलाई में जो डीएपी आई थी, बडी मुश्किल से बिक पाई है।
किसान गंगाराम चौधरी, उमाशंकर यादव, दिलीप कुमार ने बताया कि वहां डीएपी की कमी नहींं है।
दुबौलिया संवाद के मुताबिक ब्लाक क्षेत्र में सात समितियों पारा, बैरागल, भरुकहवा, महुआडांड,दुबौलिया, सूदीपुर, समौड़ा में से किसी पर डीएपी नहीं है। दो एक समितियों पर शाम तक ट्रक आने का अनुमान बताया जा रहा है। भानपुर संवाद के मुताबिक साधन सहकारी समिति मोहम्मदनगर में 450 बोरी डीएपी शनिवार को आयी थी। सचिव चंद्र शेखर ने बताया 200 किसानों में वितरित हुई है। शीघ्र ही और खाद लाने के लिये पैसे की व्यवस्था की जा रही है। सल्टौआ संवाद के अनुसार साधन सहकारी समिति उभाईं पर 450 बोरी डीएपी आई थी। सचिव चंद्रशेखर उपाध्याय ने बताया शनिवार को ही सारी डीएपी बिक गई। रात तक 250 बोरी आने की उम्मीद है। किसान राजेंद्र निषाद, भीमसेन उपाध्याय, धर्मेन्द्र उपाध्याय सोनू, विजय प्रताप नारायण उपाध्याय, शैलेन्द्र मिश्रा, वेद प्रकाश उपाध्याय, रामपाल उपाध्याय ने बताया तीन दिनों से समिति का सुबह-शाम चक्कर काट रहे हैं। कहीं पिछली बार की तरह इस बार भी न चूक जाएं। गायघाट संवाद के अनुसार साधन सहकारी समिति गायघाट कुदरहा और पिपरपाती से डीएपी खाद नदारद है। किसान डीएपी के लिए समितियों का चक्कर लगा रहे हैं। समितियां से डीएपी खाद गायब होने से सरसों की बुवाई पिछड़ रही है। प्राइवेट दुकानदारों के यहां डीएपी खाद अंकित मूल्य से अधिक 1650 रुपये प्रति बोरी बिक रही है। परसांव निवासी महेश पाल ने बताया कि गायघाट और पिपरा समिति पर पिछले 20 दिनों से किसान समितियों का चक्कर लगा रहे हैं।

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2959 मीट्रिक टन की लगी रैक
- एआर कोऑपरेटिव आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद को 2959 मैट्रिक टन मिली फास्फेटिक खाद मिली है। इसकी रैक सोमवार को बस्ती रेलवे स्टेशन पर लगी। इस खाद का समान रूप से वितरण मंडल के तीनों जिलों में हो रहा है। एआर कोऑपरेटिव ने बताया कि शासन से आवंटित 1920 मीट्रिक टन डीएपी और 1039 मीट्रिक टन एनपीके प्राप्त हुई। इसमें से बस्ती को 660 एमटी डीएपी और 340 एमटी एनपीके मिलेगी। इन खादों को 34 उर्वरक बिक्री केंद्रों को रैक प्वाइंट से ही भेज दिया गया। खाद को जिन बिक्री केंद्रों को भेजा गया है उनमें साधन सहकारी समितियों, इफको बिक्री केंद्र, सहकारी क्रय विक्रय केंद्र, केंद्रीय उपभोक्ता भंडार व डीसीएफ के केंद्रों को भेजा गया।
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