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Basti News: नए तरीके से साइबर अपराधी डाल रहे डोरा...चूके तो कर देंगे कंगाल

Tue, 25 Nov 2025 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 25 Nov 2025 12:45 AM IST
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Cybercriminals are using new methods to trap you...if you fail, they will make you bankrupt.
बस्ती। साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी का नया-नया फंदा अपना रहे हैं। अब वे फोन कॉल, ओटीपी या बैंक डिटेल पूछकर नहीं, बल्कि असली जैसी दिखने वाली वेबसाइट और मोबाइल एप बनाकर सीधे लोगों के मोबाइल में सेंध लगा रहे हैं।
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दिखने में असली बैंक, यूपीआई एप, ई-काॅमर्स, यहां तक कि सरकारी पोर्टल जैसी हूबहू डिजाइन तैयार की जा रही है। जैसे ही कोई इनका भेजा लिंक क्लिक करता है, दूर बैठे जालसाज मोबाइल का सिस्टम कंट्रोल, गैलरी, एसएमएस, बैंकिंग एप्स और कॉन्टैक्ट बुक तक एक्सेस हासिल कर लेते हैं। इसके बाद मिनटों में खातों से रकम उड़ जाती है।
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जांच एजेंसियों के अनुसार, जालसाज पहले व्हाट्सएप, एसएमएस या सोशल मीडिया के जरिये यह मैसेज भेजते हैं कि केवाईसी आज ही अपडेट करा लें अन्यथा खाता बंद हो जाएगा। इसके बाद पावर बिल बकाया, पेनल्टी से बचने के लिए लिंक भेजते हें। लिंक पर क्लिक करते ही बैंक खाते से रुपये गायब होने लगते हैं।
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साइबर विशेषज्ञ विकास यादव बताते हैं कि जालसाज के दिए लिंक पर क्लिक करते ही एक फर्जी एप डाउनलोड हो जाता है, जो दिखने में असली बैंक या यूपीआई ऐप जैसा लगता है। यह एप मोबाइल से स्क्रीन रिकॉर्डिंग, की–लॉगिंग, एसएमएस और कॉल डिटेल पढ़ने की अनुमति मांगता है। जैसे ही पीड़ित अनुमति देता है, अपराधी उसके मोबाइल का वर्चुअल एक्सेस ले लेते हैं।
साइबर विशेषज्ञ सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी के अनुसार 90 प्रतिशत पीड़ित जल्दीबाजी में लिंक खोल देते हैं। आजकल अपराधी क्लोन वेबसाइट और ऑथेंटिक लोगो इतनी खूबसूरती से बनाते हैं कि धोखा पकड़ना मुश्किल हो गया है।

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केस एक

पैकोलिया थाना क्षेत्र के महादेवा निवासी शिवेंद्र कुमार सिंह पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि उनके मोबाइल पर 19 नवंबर को एक अनजान नंबर से ओटीपी प्राप्त हुई। 0 देखकर वे हैरान हो गए। उन्होंने इसकी शिकायत संबंधित कस्टमर केयर पर की। कस्टमर केयर पर ओटीपी के संबंध में पूरी जानकारी दी। इसके बाद शाम करीब शाम बजे उनके मोबाइल पर फिर एक मैसेज आया। इसमें बताया कि आपके एप के लेनदेन की लिमिट को दो लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिए गए हैं। थोड़ी देर बाद चार बार में उनके बैंक खाते से नौ लाख 65 हजार रुपये किसी अज्ञात शख्स के खाते में ट्रांसफर हो गए।

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केस दो



सोनहा थाना क्षेत्र के सल्टौआ गोपालपुर निवासी प्रमोद कुमार दुबे ने साइबर थाने में तहरीर देकर बताया है कि उनका शहर कोतवाली के शिवा कॉलोनी मार्केट में पूर्वांचल कंप्यूटर सेंटर है। जालसाज ने उनके सेंटर को ओ-लेवल और ट्रीपल-सी का अप्रूवल दिलाने के नाम पर संपर्क साधा। अप्रूवल दिलाने का भरोसा दिलाकर विश्वास में ले लिया। जालसाज ने उनके बैंक खाते से 17 नवंबर को 25 लाख 22 हजार 917 रुपये धोखे से एक अकाउंट में ट्रांसफर करा लिए।


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कैसे बचें, पुलिस की एडवाइजरी
- किसी भी लिंक, क्यूआर कोड या फर्जी एप को डाउनलोड न करें।

-अपडेट, केवाईसी या बिजली बिल से जुड़े काम सीधे आधिकारिक एप/वेबसाइट पर जाकर करें।

- बैंक कभी भी व्हाट्सएप लिंक से केवाईसी अपडेट नहीं कराता।
-स्क्रीन शेयरिंग/रिमोट एक्सेस देने वाले एप तुरंत हटा दें।

-ठगी होते ही 1930 हेल्पलाइन या साइबर सेल में तुरंत शिकायत करें।
कोट

साइबर अपराध जागरूकता से ही रोका जा सकता है। पीड़ितों अनजान नंबरों से आने वाले फोन की सूचना तत्काल पुलिस को देनी चाहिए। इस पर त्वरित कार्रवाई कर पुलिस साइबर अपराधियों को पकड़ लेगी या फिर पीड़ित ठगे जाने से बच जाएगा।
-अभिनंदन, एसपी बस्ती।
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