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बैंक मैनेजर के खाते से 67 लाख उड़ाने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तार
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बैंक मैनेजर के खाते से 67 लाख उड़ाने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तार
2019 में लखनऊ के एक बैंक से उड़ाई गई थी रकम, बरेली के निवासी हैं शातिर
मंडलीय साइबर थाने की टीम को मिली कामयाबी, बड़ेवन फ्लाई ओवर के पास से पकड़े गए
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मंडलीय साइबर थाने की टीम ने अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की सिद्धार्थनगर शाखा के मैनेजर के खाते से एक साल पहले 67 लाख रुपये उड़ाने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनो बस्ती में खाता खुलवाने आए थे। तभी बुधवार तड़के पकड़े गए।
यह जानकारी रेंज कैंप कार्यालय में स्थित साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश यादव ने प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की सिद्धार्थनगर शाखा के प्रबंधक मोहम्मद आसिम खान निवासी शेखनगर थाना व जिला सिद्धार्थनगर ने कोतवाली सिद्धार्थनगर में तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उनके लखनऊ स्थित एक आईडीबीआई बैंक के खाते को हैक करके साइबर अपराधियों ने 67 लाख 29 हजार 990 रुपये निकाल लिए। मामले में दो फरवरी 2019 को सिद्धार्थनगर में मुकदमा दर्ज हुआ था। सितंबर 2019 में तत्कालीन एडीजी साइबर क्राइम रामकुमार के आदेश पर मुकदमे की विवेचना मंडलीय साइबर क्राइम थाने को सौंपी गई।
छानबीन में हैकरों द्वारा 10 अलग-अलग बैंक खातों का पता चला, जिसमें वह रकम ट्रांसफर की गई थी। इन सभी खातों को खोलने में फर्जी आधार कार्ड आदि अभिलेखों का प्रयोग किया गया था। लेकिन उन खातों में काफी लेनदेन की गई थी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि छानबीन में एक मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ लगा। इसकी मदद से शातिरों तक पहुंचने में कामयाबी मिली। मुखबिर की सूचना पर बुधवार को बरेली जिले के भोजीपुरा थानांतर्गत सैदपुर चुन्नीलाल निवासी निजाकत अली खां और वहीं के राशिद खां को कोतवाली क्षेत्र के बड़ेवन फ्लाईओवर के पास से दबोच लिया गया। यूपी के साथ ही उत्तराखंड और बिहार आदि राज्यों में यह गिरोह अपराध को अंजाम दे चुका है। पकड़े गए दोनों शातिरों ने नोएडा के सेक्टर 62 स्थित निजी बैंक में भी खाता खुलवाया था। इनके कब्जे से दो कूटरचित आधार कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
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सरगना की हो रही तलाश
इस गैंग में राशिद खां नाम के दो बदमाश हैं। गिरफ्त में आया राशिद फ्राड की रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कराने से लेकर फर्जी नाम पता वाले अभिलेख जुटाने, कमीशन पर फर्जी लोगों को बैंक में खड़ा करने आदि का काम करता था। निजाकत अली खां अपने खाते में 8.65 लाख रुपये रकम ट्रांसफर किए थे। इन दोनों से पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर साइबर टीम गैंग के सरगना समेत अन्य लोगों तक पहुंचने में जुटी है। गिरोह का सरगना भी राशिद बताया जा रहा है। पुलिस को शक है कि उसके पास साइबर एक्सपर्ट की टीम है।
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इन्हें मिली कामयाबी
परिक्षेत्र के साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश यादव के साथा एसआई हरेन्द्र चौहान, आरक्षी प्रदीप सोम, राकेश कुमार पटेल व सर्विलांस टीम के आरक्षी मोहम्मद हिन्दे आजाद ने अहम भूमिका निभाई। आईजी एके राय व एसपी हेमराज मीणा ने टीम के कार्य की सराहना की है।
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2019 में लखनऊ के एक बैंक से उड़ाई गई थी रकम, बरेली के निवासी हैं शातिर
मंडलीय साइबर थाने की टीम को मिली कामयाबी, बड़ेवन फ्लाई ओवर के पास से पकड़े गए
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मंडलीय साइबर थाने की टीम ने अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की सिद्धार्थनगर शाखा के मैनेजर के खाते से एक साल पहले 67 लाख रुपये उड़ाने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनो बस्ती में खाता खुलवाने आए थे। तभी बुधवार तड़के पकड़े गए।
यह जानकारी रेंज कैंप कार्यालय में स्थित साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश यादव ने प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की सिद्धार्थनगर शाखा के प्रबंधक मोहम्मद आसिम खान निवासी शेखनगर थाना व जिला सिद्धार्थनगर ने कोतवाली सिद्धार्थनगर में तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उनके लखनऊ स्थित एक आईडीबीआई बैंक के खाते को हैक करके साइबर अपराधियों ने 67 लाख 29 हजार 990 रुपये निकाल लिए। मामले में दो फरवरी 2019 को सिद्धार्थनगर में मुकदमा दर्ज हुआ था। सितंबर 2019 में तत्कालीन एडीजी साइबर क्राइम रामकुमार के आदेश पर मुकदमे की विवेचना मंडलीय साइबर क्राइम थाने को सौंपी गई।
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छानबीन में हैकरों द्वारा 10 अलग-अलग बैंक खातों का पता चला, जिसमें वह रकम ट्रांसफर की गई थी। इन सभी खातों को खोलने में फर्जी आधार कार्ड आदि अभिलेखों का प्रयोग किया गया था। लेकिन उन खातों में काफी लेनदेन की गई थी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि छानबीन में एक मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ लगा। इसकी मदद से शातिरों तक पहुंचने में कामयाबी मिली। मुखबिर की सूचना पर बुधवार को बरेली जिले के भोजीपुरा थानांतर्गत सैदपुर चुन्नीलाल निवासी निजाकत अली खां और वहीं के राशिद खां को कोतवाली क्षेत्र के बड़ेवन फ्लाईओवर के पास से दबोच लिया गया। यूपी के साथ ही उत्तराखंड और बिहार आदि राज्यों में यह गिरोह अपराध को अंजाम दे चुका है। पकड़े गए दोनों शातिरों ने नोएडा के सेक्टर 62 स्थित निजी बैंक में भी खाता खुलवाया था। इनके कब्जे से दो कूटरचित आधार कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
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सरगना की हो रही तलाश
इस गैंग में राशिद खां नाम के दो बदमाश हैं। गिरफ्त में आया राशिद फ्राड की रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कराने से लेकर फर्जी नाम पता वाले अभिलेख जुटाने, कमीशन पर फर्जी लोगों को बैंक में खड़ा करने आदि का काम करता था। निजाकत अली खां अपने खाते में 8.65 लाख रुपये रकम ट्रांसफर किए थे। इन दोनों से पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर साइबर टीम गैंग के सरगना समेत अन्य लोगों तक पहुंचने में जुटी है। गिरोह का सरगना भी राशिद बताया जा रहा है। पुलिस को शक है कि उसके पास साइबर एक्सपर्ट की टीम है।
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इन्हें मिली कामयाबी
परिक्षेत्र के साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश यादव के साथा एसआई हरेन्द्र चौहान, आरक्षी प्रदीप सोम, राकेश कुमार पटेल व सर्विलांस टीम के आरक्षी मोहम्मद हिन्दे आजाद ने अहम भूमिका निभाई। आईजी एके राय व एसपी हेमराज मीणा ने टीम के कार्य की सराहना की है।