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Basti News: सरयू में फिर शुरू हुई कटान, मकान नदी में बहा
Sun, 08 Sep 2024 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 08 Sep 2024 12:52 AM IST
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गायघाट क्षेत्र में सरयू नदी में काटन की डर से मकान तोड़ते शेषराम पासवान।
कटान के डर से मकान तोड़ते हुए मिले गांव लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
गायघाट (बस्ती)। शुक्रवार की रात से सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ नदी तेजी से कटान कर रही है। कुदरहा ब्लॉक के कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण बसे माईपुर और मदरहवा पुरवा में कटान से राजबिहारी पासवान का मकान नदी की धारा में बह गया।
शेषराम पासवान कटान के डर से पक्का मकान तोड़कर गृहस्थी का सामान और मलबा सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते दिखे। शनिवार को सरयू नदी की कटान तेज होने से मदरहवा पुरवा में राज बिहारी का घर नदी की धारा में बह गया। काटन की डर से शेषराम अपने पक्के मकान को तोड़कर गृहस्थी का सारा सामान व मलबा सुरक्षित स्थान पर ले जाते हुए मिले। पूछने पर बताया कि नदी लगातार कटान करती हुई उनके मकान तक आ गई है।
उन्होंने बताया कि बहाव तेज है। कभी भी मकान बह सकता है। कटान को देखते हुए सुरेंद्र पासवान, गंगाराम पासवान, मोले पासवान आदि ने अपने पक्के मकान को तोड़कर सामान रिश्तेदारों के यहां या किराये के मकान में शिफ्ट कर चुके हैं। अब तक करीब दर्जनभर ग्रामीणों का मकान नदी की कटान में बह चुका है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गायघाट (बस्ती)। शुक्रवार की रात से सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ नदी तेजी से कटान कर रही है। कुदरहा ब्लॉक के कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण बसे माईपुर और मदरहवा पुरवा में कटान से राजबिहारी पासवान का मकान नदी की धारा में बह गया।
शेषराम पासवान कटान के डर से पक्का मकान तोड़कर गृहस्थी का सामान और मलबा सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते दिखे। शनिवार को सरयू नदी की कटान तेज होने से मदरहवा पुरवा में राज बिहारी का घर नदी की धारा में बह गया। काटन की डर से शेषराम अपने पक्के मकान को तोड़कर गृहस्थी का सारा सामान व मलबा सुरक्षित स्थान पर ले जाते हुए मिले। पूछने पर बताया कि नदी लगातार कटान करती हुई उनके मकान तक आ गई है।
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उन्होंने बताया कि बहाव तेज है। कभी भी मकान बह सकता है। कटान को देखते हुए सुरेंद्र पासवान, गंगाराम पासवान, मोले पासवान आदि ने अपने पक्के मकान को तोड़कर सामान रिश्तेदारों के यहां या किराये के मकान में शिफ्ट कर चुके हैं। अब तक करीब दर्जनभर ग्रामीणों का मकान नदी की कटान में बह चुका है।
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