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ट्रक लुटेरों के गिरोह का पर्दाफाश
basti
Updated Tue, 17 May 2016 12:16 AM IST
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एसपी ने किया गिरोह का खुलासा।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती की स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार रात हाईवे स्थित कोतवाली के मूड़घाट चौराहे पर मुठभेड़ में चार ट्रक लुटेरों को गिरफ्तार किया। इसकी निशानदेही पर लूटे गए ट्रकों को खरीदने वाले तीन लोगों को प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए सभी अभियुक्त प्रतापगढ़ जिले के निवासी हैं।
दरअसल, पुरानी बस्ती में 17 फरवरी और कोतवाली क्षेत्र में पांच मई को हुई ट्रक लूट की घटनाओं के खुलासे के लिए एसपी कृपाशंकर सिंह ने स्वॉट टीम प्रभारी सर्वेश राय, कोतवाली क्षेत्र के तीन चौकी प्रभारी पंकज पांडेय, जयप्रकाश दूबे और संतोष मिश्र की टीम गठित की थी। टीम लुटेरों की कई तलाश में जुटी थी। इसी बीच रविवार रात सूचना मिली कि लुटेरे मूड़घाट चौराहे पर किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बाद टीम वहां पहुंची तो आल्टो कार खड़ी मिली। कार में बैठे लोगों से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे बांसी जा रहे हैं।
इसी बीच पुलिस ने एक शख्स आशिक अली को पहचान लिया। वह 2013 में पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में ट्रक चोरी के मामले में पकड़ा जा चुका था। इसके बाद जब चारों युवकों ने सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वे ट्रकों को लुटने और चुराने का काम करते हैं। इन ट्रकों को बेचने के संबंध में पूछे जाने पर अभियुक्ताें ने बताया कि वे लोग प्रतापगढ़ के कुंडा के तीन लोगों को ट्रक बेचते हैं। इसके बाद पुलिस ने इन तीनों को भी कुंडा से गिरफ्तार कर लिया।
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सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान एसपी ने ट्रक लुटेरों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए ट्रक लुटेरे अंतरराज्यीय गैंग के सदस्य है।
टीम को मिलेगा पांच हजार का पुरस्कार ः एसपी कृपाशंकर ने बताया कि स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने ट्रक लुटेरों के गिरोह का पर्दाफाश कर बेहतरीन काम किया है। टीम को पांच हजार रुपये नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके अलावा डीआईजी से भी पुरस्कार के लिए संस्तुति की गई है।
खाली ट्रकों को बनाते थे निशाना ः पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि इनके द्वारा प्रमुख मार्गों पर खड़े खाली ट्रकों को निशाना बनाया जाता था। चालक और खलासी को बंधक बनाकर काफी दूर ले जाकर छोड़ देते थे। लूटे गए ट्रक को पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले में और यूपी के संभल जिले में कटवाया जाता है। चेचिस नंबर की कूट रचना कर ट्रक के कागजात तैयार किए जाते थे। इनका नेटवर्क पूरे देश में फैला है। गैंग का सरगना सरवर अली है। इनका अपराध क्षेत्र प्रतापगढ़, इलाहाबाद, जौनपुर, रायबरेली, अमेठी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, बस्ती, गोंडा, बाराबंकी, लखनऊ और आजमगढ़ है।
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दरअसल, पुरानी बस्ती में 17 फरवरी और कोतवाली क्षेत्र में पांच मई को हुई ट्रक लूट की घटनाओं के खुलासे के लिए एसपी कृपाशंकर सिंह ने स्वॉट टीम प्रभारी सर्वेश राय, कोतवाली क्षेत्र के तीन चौकी प्रभारी पंकज पांडेय, जयप्रकाश दूबे और संतोष मिश्र की टीम गठित की थी। टीम लुटेरों की कई तलाश में जुटी थी। इसी बीच रविवार रात सूचना मिली कि लुटेरे मूड़घाट चौराहे पर किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बाद टीम वहां पहुंची तो आल्टो कार खड़ी मिली। कार में बैठे लोगों से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे बांसी जा रहे हैं।
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इसी बीच पुलिस ने एक शख्स आशिक अली को पहचान लिया। वह 2013 में पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में ट्रक चोरी के मामले में पकड़ा जा चुका था। इसके बाद जब चारों युवकों ने सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वे ट्रकों को लुटने और चुराने का काम करते हैं। इन ट्रकों को बेचने के संबंध में पूछे जाने पर अभियुक्ताें ने बताया कि वे लोग प्रतापगढ़ के कुंडा के तीन लोगों को ट्रक बेचते हैं। इसके बाद पुलिस ने इन तीनों को भी कुंडा से गिरफ्तार कर लिया।
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सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान एसपी ने ट्रक लुटेरों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए ट्रक लुटेरे अंतरराज्यीय गैंग के सदस्य है।
टीम को मिलेगा पांच हजार का पुरस्कार ः एसपी कृपाशंकर ने बताया कि स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने ट्रक लुटेरों के गिरोह का पर्दाफाश कर बेहतरीन काम किया है। टीम को पांच हजार रुपये नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके अलावा डीआईजी से भी पुरस्कार के लिए संस्तुति की गई है।
खाली ट्रकों को बनाते थे निशाना ः पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि इनके द्वारा प्रमुख मार्गों पर खड़े खाली ट्रकों को निशाना बनाया जाता था। चालक और खलासी को बंधक बनाकर काफी दूर ले जाकर छोड़ देते थे। लूटे गए ट्रक को पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले में और यूपी के संभल जिले में कटवाया जाता है। चेचिस नंबर की कूट रचना कर ट्रक के कागजात तैयार किए जाते थे। इनका नेटवर्क पूरे देश में फैला है। गैंग का सरगना सरवर अली है। इनका अपराध क्षेत्र प्रतापगढ़, इलाहाबाद, जौनपुर, रायबरेली, अमेठी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, बस्ती, गोंडा, बाराबंकी, लखनऊ और आजमगढ़ है।