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भ्रष्टाचार के खिलाफ शिक्षक धरने पर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2016 11:51 PM IST
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तख्ती लिए शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के समक्ष बृहस्पतिवार को धरना दिया। शिक्षक नेताओं ने कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कहा कि इस कार्यालय में बिना लेन देन के कोई भी कार्य नहीं होता है। संघ के जिला अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद सिंह ने कहा कि वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया है। इससे शिक्षकों में गुस्सा है। जिला अध्यक्ष ने मांग की है कि 23 जुुलाई 2012 के आदेश क्रम में तत्काल जीपीएफ पासबुक उपलब्ध कराया जाए। नई पेंशन स्कीम के तहत आवंटित नंबर के आधार पर पीएफ की कटौती शुरू की जाए।
जिला मंत्री शांतिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि गणित, विज्ञान शिक्षकों के बराबर पूर्व में पदोन्नत शिक्षकों को लाभ दिया जाए। शिक्षक हितों की अन्य मांगें दोहराई। कहा कि लेखा कार्यालय में भ्रष्टाचार खत्म नहीं कराया गया तो ताला बंदी आखिरी विकल्प होगा। जिला उपाध्यक्ष बालकृष्ण ओझा ने ऑडिट के नाम पर हो रहे शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद की। कोषाध्यक्ष जवाहर प्रजापति ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के देयकों के तुरंत भुुगतान की मांग की। संयुक्तमंत्री समीउल्लाह अंसारी ने विरोधियों पर हमला बोला। कहा कि कुछ लोग फर्जी रसीदें काटकर संगठन को बदनाम कर रहे हैं। उपाध्यक्ष उमाकांत शुक्ल ने कहा कि शोषण बंद नहीं हुआ तो आमरण अनशन करेंगे।
शिक्षक नेता शांतिभूषण ने कहा कि धरना प्रदर्शन की जानकारी होने पर वित्त एवं लेखाधिकारी ऑफिस नहीं आए। अब इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को भी धरना दिया जाएगा। धरने में वाल्मीकि सिंह, नरेंद्र पांडेय, चंद्रेश सिंह, अशोक यादव, प्रताप नारायण चौधरी, उमाशंकर पांडेय, रंजन सिंह, देवेंद्र सिंह, हरिओम यादव, दुर्गेश यादव, लाल बहादुर चौधरी, सुरेश गौड़, प्रमोद सिंह, नीरज, अंगद सिंह, राजेश गिरी, फौजदार यादव, शिवपूजन आर्य आदि शामिल रहे।
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जिला मंत्री शांतिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि गणित, विज्ञान शिक्षकों के बराबर पूर्व में पदोन्नत शिक्षकों को लाभ दिया जाए। शिक्षक हितों की अन्य मांगें दोहराई। कहा कि लेखा कार्यालय में भ्रष्टाचार खत्म नहीं कराया गया तो ताला बंदी आखिरी विकल्प होगा। जिला उपाध्यक्ष बालकृष्ण ओझा ने ऑडिट के नाम पर हो रहे शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद की। कोषाध्यक्ष जवाहर प्रजापति ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के देयकों के तुरंत भुुगतान की मांग की। संयुक्तमंत्री समीउल्लाह अंसारी ने विरोधियों पर हमला बोला। कहा कि कुछ लोग फर्जी रसीदें काटकर संगठन को बदनाम कर रहे हैं। उपाध्यक्ष उमाकांत शुक्ल ने कहा कि शोषण बंद नहीं हुआ तो आमरण अनशन करेंगे।
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शिक्षक नेता शांतिभूषण ने कहा कि धरना प्रदर्शन की जानकारी होने पर वित्त एवं लेखाधिकारी ऑफिस नहीं आए। अब इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को भी धरना दिया जाएगा। धरने में वाल्मीकि सिंह, नरेंद्र पांडेय, चंद्रेश सिंह, अशोक यादव, प्रताप नारायण चौधरी, उमाशंकर पांडेय, रंजन सिंह, देवेंद्र सिंह, हरिओम यादव, दुर्गेश यादव, लाल बहादुर चौधरी, सुरेश गौड़, प्रमोद सिंह, नीरज, अंगद सिंह, राजेश गिरी, फौजदार यादव, शिवपूजन आर्य आदि शामिल रहे।
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