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बस्ती में रेलवे साइट हैक करने वाला पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Apr 2016 12:11 AM IST
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आईआरसीटीसी की साइट को हैक करने वाला हामिद अशरफ को सीबीआई और रेलवे बिजिलेंस की टीम ने पकड़ा।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। आईआरसीटीसी की साइट हैक करके टिकटों में हेरफेर कर रेलवे को बड़ी चोट देने वाले युवक को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई और रेलवे विजिलेंस टीम की छापेमारी में 12वीं के इस छात्र के कब्जे से 10 लैपटॉप, 16 एटीएम कार्ड, कई पैन कार्ड और बैंक की पास बुक मिली हैं। बैंकों में 18 एकाउंट संचालित होने के रिकॉर्ड और एक खाते में 50 लाख रुपये जमा होने की जानकारी ने छापामार दल कोचौंका दिया है। अभी तक की पूछताछ में उसके दो साल से इस तरह की धंधेबाजी करने और रेलवे को अब तक लाखों की चोट पहुंचाने की जानकारी मिली है।
यह छापेमारी बुधवार देर रात शहर के दक्षिण दरवाजा चौराहे के पास स्थित एक मकान में की गई। सूत्र बताते हैं कि रहस्यमय गुफा जैसे कई कमरों वाले मकान में स्थानीय पुलिस के साथ दाखिल हुई रेलवे विजिलेंस और सीबीआई की टीम ने एकाएक सारे कमरे घेरकर तलाशी शुरू की तो एक कमरे में 19 साल के युवक को कई लैपटॉप से घिरा देखकर तलाशी शुरू की तो जांच टीम चौंक गई।
डिजिटल डाटा की पड़ताल से साइट हैक करके आईआरसीटीसी के सॉफ्टवेयर का क्लोन तैयार कर मनमाने ढंग से रेल टिकट निकालने के खेल का खुलासा हुआ। पकड़ में आया युवक कप्तानगंज थाना क्षेत्र के वायरलेस चौराहे पर रहने वाले जमीरुल हसन का बेटा हामिद अशरफ है। 12वीं का छात्र हामिद यहां दो साल से अपने मामा नसीम अंसारी के मकान में रह रहा था। मामा रमवापुर मदरसे में शिक्षक हैं, जबकि पिता खेती के साथ बल्ली किराये पर देने का काम करते हैं।
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पूछताछ में पता चला कि रेलवे टिकट के निजी काउंटर (जेटीबीएस) पर कुछ समय काम करके हामिद आईआरसीटीसी की साइट और टिकट निकालने के तरीकों से वाकिफ हुआ था और साइबर तकनीक को करीब से समझकर सॉफ्टवेयर का क्लोन तैयार कर लेने तक की महारत हासिल कर ली। सॉफ्टवेयर के इस क्लोन को अपने जैसे दूसरों को मोटी रकम में बेचने और तत्काल रिजर्वेशन से लेकर रेल टिकटों में हेरफेर से अब तक लाखों के वारे-न्यारे करने की जानकारी मिली है।
छापेमारी में साथ रहे बस्ती थाने के प्रभारी निरीक्षक रणधीर मिश्रा ने बताया कि जांच दल में सीबीआई की बेंगलूरू इकाई के इंस्पेक्टर टी राजशेखर, लखनऊ से सीबीआई इंस्पेक्टर रमेश पांडेय और रेलवे विजिलेंस के कुछ अफसर शामिल थे। आगे की पूछताछ के लिए सीबीआई टीम हामिद को मय साजो सामान अपने साथ ले गई है।
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यह छापेमारी बुधवार देर रात शहर के दक्षिण दरवाजा चौराहे के पास स्थित एक मकान में की गई। सूत्र बताते हैं कि रहस्यमय गुफा जैसे कई कमरों वाले मकान में स्थानीय पुलिस के साथ दाखिल हुई रेलवे विजिलेंस और सीबीआई की टीम ने एकाएक सारे कमरे घेरकर तलाशी शुरू की तो एक कमरे में 19 साल के युवक को कई लैपटॉप से घिरा देखकर तलाशी शुरू की तो जांच टीम चौंक गई।
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डिजिटल डाटा की पड़ताल से साइट हैक करके आईआरसीटीसी के सॉफ्टवेयर का क्लोन तैयार कर मनमाने ढंग से रेल टिकट निकालने के खेल का खुलासा हुआ। पकड़ में आया युवक कप्तानगंज थाना क्षेत्र के वायरलेस चौराहे पर रहने वाले जमीरुल हसन का बेटा हामिद अशरफ है। 12वीं का छात्र हामिद यहां दो साल से अपने मामा नसीम अंसारी के मकान में रह रहा था। मामा रमवापुर मदरसे में शिक्षक हैं, जबकि पिता खेती के साथ बल्ली किराये पर देने का काम करते हैं।
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पूछताछ में पता चला कि रेलवे टिकट के निजी काउंटर (जेटीबीएस) पर कुछ समय काम करके हामिद आईआरसीटीसी की साइट और टिकट निकालने के तरीकों से वाकिफ हुआ था और साइबर तकनीक को करीब से समझकर सॉफ्टवेयर का क्लोन तैयार कर लेने तक की महारत हासिल कर ली। सॉफ्टवेयर के इस क्लोन को अपने जैसे दूसरों को मोटी रकम में बेचने और तत्काल रिजर्वेशन से लेकर रेल टिकटों में हेरफेर से अब तक लाखों के वारे-न्यारे करने की जानकारी मिली है।
छापेमारी में साथ रहे बस्ती थाने के प्रभारी निरीक्षक रणधीर मिश्रा ने बताया कि जांच दल में सीबीआई की बेंगलूरू इकाई के इंस्पेक्टर टी राजशेखर, लखनऊ से सीबीआई इंस्पेक्टर रमेश पांडेय और रेलवे विजिलेंस के कुछ अफसर शामिल थे। आगे की पूछताछ के लिए सीबीआई टीम हामिद को मय साजो सामान अपने साथ ले गई है।