{"_id":"592db41a4f1c1b050abdb2c6","slug":"prisoners-jail-can-be-change","type":"story","status":"publish","title_hn":"बवाली बंदियों की बदली जाएगी जेल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बवाली बंदियों की बदली जाएगी जेल
basti
Updated Tue, 30 May 2017 11:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती।
जेल में खुराफात करने वाले बंदियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। प्रशासन उन्हें दूरस्थ जेलों में भेजने की तैयारी कर चुका है। फिलहाल, चार कुख्यात बंदियों को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद शासन स्तर से तबादले की एक और लिस्ट जारी होगी। उसके लिए अलग से सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही इन्हें दूसरी जेलों में भेज दिया जाएगा।
वर्चस्व को लेकर दोनों गुटों में 25 और 26 मई को बवाल हुआ। बैरक नंबर पांच और सात के बंदियों की झड़प में धोनी तिवारी नाम के हिस्ट्रीशीटर का सिर फट गया था। बंदियों में घमासान होते देखकर जेल प्रशासन सकते में आ गया। आनन-फानन में घायल बंदियों को जेल अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। कई की जेल बदली गई। इसके बाद भी जेल के भीतर माहौल तनावपूर्ण है। सोमवार को भी बैरक में मारपीट की खबरें मुलाकातियों के जरिए बाहर आईं लेकिन उसकी पुष्टि नहीं हुई। बावजूद इसके प्रशासन ने धोनी समेत चार बंदियों को दूसरी जेल भेजने का प्रबंध करना शुरू कर दिया। जेलर बीके मिश्र का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया चल रही है।
ओवर क्राउडिंग हुई लाइलाज
जेल में ओवर क्राउडिंग लाइलाज होती जा रही है, जिसके नाते समस्या बढ़ती ही जा रही। 12 बैरकों में कुल 480 बंदी रखने की क्षमता है। लेकिन 12 सौ से ऊपर बंदी रखे गए हैं। इनमें बस्ती जिले के 800 और संतकबीरनगर के 400 हैं। मैनुअल में व्यवस्था क्षमता के अनुरूप देने का प्रावधान है, लेकिन मौके की जरूरत डेढ़ गुना ज्यादा है। इस कारण रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी व्यवस्थाएं करने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार यह चीजें बंदियों के बीच आपसी झगड़ों की वजह बन जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जेल में खुराफात करने वाले बंदियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। प्रशासन उन्हें दूरस्थ जेलों में भेजने की तैयारी कर चुका है। फिलहाल, चार कुख्यात बंदियों को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद शासन स्तर से तबादले की एक और लिस्ट जारी होगी। उसके लिए अलग से सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही इन्हें दूसरी जेलों में भेज दिया जाएगा।
वर्चस्व को लेकर दोनों गुटों में 25 और 26 मई को बवाल हुआ। बैरक नंबर पांच और सात के बंदियों की झड़प में धोनी तिवारी नाम के हिस्ट्रीशीटर का सिर फट गया था। बंदियों में घमासान होते देखकर जेल प्रशासन सकते में आ गया। आनन-फानन में घायल बंदियों को जेल अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। कई की जेल बदली गई। इसके बाद भी जेल के भीतर माहौल तनावपूर्ण है। सोमवार को भी बैरक में मारपीट की खबरें मुलाकातियों के जरिए बाहर आईं लेकिन उसकी पुष्टि नहीं हुई। बावजूद इसके प्रशासन ने धोनी समेत चार बंदियों को दूसरी जेल भेजने का प्रबंध करना शुरू कर दिया। जेलर बीके मिश्र का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
ओवर क्राउडिंग हुई लाइलाज
जेल में ओवर क्राउडिंग लाइलाज होती जा रही है, जिसके नाते समस्या बढ़ती ही जा रही। 12 बैरकों में कुल 480 बंदी रखने की क्षमता है। लेकिन 12 सौ से ऊपर बंदी रखे गए हैं। इनमें बस्ती जिले के 800 और संतकबीरनगर के 400 हैं। मैनुअल में व्यवस्था क्षमता के अनुरूप देने का प्रावधान है, लेकिन मौके की जरूरत डेढ़ गुना ज्यादा है। इस कारण रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी व्यवस्थाएं करने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार यह चीजें बंदियों के बीच आपसी झगड़ों की वजह बन जाती हैं।
विज्ञापन