कथित नर्सिंग होम में नवजात की मौत, हंगामा

basti Updated Wed, 08 Nov 2017 11:47 PM IST
 one newborn death in hospital
crime scene - फोटो : amar ujala
बस्ती। 
कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित रौता मोहल्ले में स्थित एक मैरिज हाल के पीछे कथित रूप से संचालित अमन हॉस्पिटल मल्टी स्पेशियलिटी सेंटर में बुधवार को लापरवाही के चलते गर्भ में ही शिशु की मौत का मामला प्रकाश में आया है। परिवार के लोगों के हंगामा शुरू करते ही अस्पताल के संचालक और कर्मचारी मरीजों को छोड़कर भाग निकले। अस्पताल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। खबर पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
अस्पताल में गायघाट निवासी तनवीर अहमद की गर्भवती पत्नी शबाना खातून को मंगलवार को भर्ती कराया गया। इससे पहले शबाना को महिला अस्पताल से चिकित्सकों ने गोरखपुर रेफर कर दिया था। अस्पताल परिसर में घूम रहे नर्सिंग होम के लोग उसे अपने अस्पताल ले आए। यहां डिलिवरी के नाम पर 20 हजार रुपये वसूले गए। तनवीर अहमद ने बताया कि अस्पताल में दिन में भर्ती हुई मरीज की तबीयत रात को खराब हुई तो डॉक्टर हीलाहवाली करने लगे। जान पर बनी देखकर बुधवार की भोर में साढ़े तीन बजे शबाना को मालवीय रोड स्थित दूसरे नर्सिंग होम में पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने बताया कि गर्भस्थ शिशु की मौत हो चुकी है। बाद में मृत बच्चे को ऑपरेशन कर डॉक्टर ने बाहर निकाला तब मां की जान बच सकी। 
सुबह इस मामले में तब नया मोड़ आ गया। जब मरीज के परिवार के लोग अस्पताल पर पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिए। हंगामा होते देखकर संचालक सहित कर्मचारी वहां भर्ती करीब आधा दर्जन मरीजों को छोड़कर फरार हो गए। हालांकि, बाद में इनमें से अधिकतर मरीज तो जैसे-तैसे वहां से चले गए मगर देर शाम तक दो मरीज अस्पताल में डॉक्टर की प्रतीक्षा करते रहे। इधर, कोतवाल बृजेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़ित के ससुर की तहरीर पर अस्पताल के संचालक गिरजेश सोनी पर गर्भस्थ शिशु की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। अस्पताल के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उसकी तलाश की जा रही है। 
इस संबंध में सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने कहा कि अस्पताल का पंजीकरण नहीं हुआ है। पहले भी शिकायत के बाद इसका बोर्ड आदि हटवाया गया था। जिला और पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई। इसके बाद अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के संचालक पर कार्रवाई हो रही है। गलियों में यदि फर्जी लोग अस्पताल चला रहे हैं या प्रैक्टिस कर रहे हैं तो इन पर कार्रवाई पुलिस और प्रशासन करता है। एडी हेल्थ डॉ. पीके शाही ने कहा कि पंजीकरण की जिम्मेदारी सीएमओ की होती है। ऐसे संस्थानों में घटना होती है तो सीएमओ को कार्रवाई का अधिकार है। लेकिन अपंजीकृत संस्थानों के मामले में प्रशासन कार्रवाई करेगा।
 

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