{"_id":"5bc38b77bdec22697455686a","slug":"krana-businessman-hanging-on-a-trap-in-his-shop","type":"story","status":"publish","title_hn":"किराना व्यवसायी अपनी दुकान में फंदे पर लटका","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
किराना व्यवसायी अपनी दुकान में फंदे पर लटका
बस्ती (ब्यूरो)
Updated Mon, 15 Oct 2018 12:01 AM IST
विज्ञापन
किराना व्यवसायी अपनी दुकान में फंदे पर लटका
- फोटो : अमर उजाला
भानपुर (बस्ती)। असनहरा पुलिस चौकी के डिडई माफी पड़ाव पर युवा किराना व्यवसायी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दुकान के भीतर ही छत की कुंडी से फंदा लगाकर लटक जाने की सूचना पर पहुंची असनहरा चौकी व सोनहा पुलिस शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गई।
महेश कुमार चौधरी (35) निवासी नौवागांव डिडई माफी चौराहे पर किराए के मकान में किराने की दुकान खोले हुए थे। शनिवार की रात दुकान के ही भीतर छत की कुंडी में रस्सी डाल कर वह फंदे पर लटक गए। इस बात की जानकारी लोगों को तब हुई, जब उनका 12 वर्षीय बेटा राज रविवार को सुबह दुकान पर पहुंचा। शटर गिरा होने के बाद भी ताला नहीं लगा था। उसने शटर खोला तो दुकान के भीतर पिता महेश कुमार को फंदे से लटकते देख शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चे का शोर सुनकर आसपास के लोग भी पहुंच गए। देखते ही देखते भीड़ जुट गई। घटना की सूचना किसी ने पुलिस को भी दी। सोनहा थाना और असनहरा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। शव को दुकान से बाहर निकला गया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। लोगों के मुताबिक महेश काफी सहज और सरल स्वभाव का था। उसने आत्महत्या क्यों की, यह कोई भी समझ नहीं पा रहा है।
विज्ञापन
महेश कुमार चौधरी (35) निवासी नौवागांव डिडई माफी चौराहे पर किराए के मकान में किराने की दुकान खोले हुए थे। शनिवार की रात दुकान के ही भीतर छत की कुंडी में रस्सी डाल कर वह फंदे पर लटक गए। इस बात की जानकारी लोगों को तब हुई, जब उनका 12 वर्षीय बेटा राज रविवार को सुबह दुकान पर पहुंचा। शटर गिरा होने के बाद भी ताला नहीं लगा था। उसने शटर खोला तो दुकान के भीतर पिता महेश कुमार को फंदे से लटकते देख शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चे का शोर सुनकर आसपास के लोग भी पहुंच गए। देखते ही देखते भीड़ जुट गई। घटना की सूचना किसी ने पुलिस को भी दी। सोनहा थाना और असनहरा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। शव को दुकान से बाहर निकला गया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। लोगों के मुताबिक महेश काफी सहज और सरल स्वभाव का था। उसने आत्महत्या क्यों की, यह कोई भी समझ नहीं पा रहा है।
विज्ञापन