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सुयश पेपर मिल श्रमिक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2015 12:05 AM IST
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बस्ती। मूड़घाट गनेशपुर रोड पर स्थित सुयश पेपर मिल में काम के दौरान पट्टे
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में फंस जाने से गंभीर रूप से घायल मजदूर इंद्रवास वर्मा की मंगलवार की
देर रात दो बजे के करीब मेडिकल कॉलेज लखनऊ के ट्रामा सेंटर में मौत हो गई।
मंगलवार को साढ़े तीन बजे के करीब हुए हादसे के बाद मिल प्रबंधन और घर के लोग उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। हालत गंभीर देख डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया था।
उपचार के दौरान मंगलवार की देर रात दो बजे के करीब श्रमिक ने दम तोड़ दिया। इससे श्रमिकों में मिल प्रबंधन के प्रति गुस्सा है। उन्होंने मिल प्रबंधन से मुआवजे की मांग की है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के कटरा मोहल्ले के 42 वर्षीय इंद्रवास वर्मा पुत्र निक्कू राम मूड़घाट गनेशपुर रोड पर स्थित सुयश पेपर मिल में पिछले सात वर्षों से श्रमिक थे। मौत की सूचना जैसे ही श्रमिक के घर पर पहुंची कोहराम मच गया।
पेपर मिल के जीएम लालजी सिंह ने कहा कि श्रमिक इंद्रवास वर्मा हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मिल प्रबंधन ने उनका बस्ती से लेकर लखनऊ तक उपचार कराया, पर उन्हें बचाया न जा सका। उन्हें भी श्रमिक की मौत का दु:ख है। मिल प्रबंधन श्रमिक के परिवार के साथ खड़ा है, जो मुआवजा होगा। वह मृतक आश्रितों को जरूर मिलेगा।
पीछे छोड़ गए पत्नी और दो मासूम
दिवंगत श्रमिक इंद्रवास वर्मा अपने पीछे पत्नी मंजू और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। बेटे अंकित (10) और आदित्य (08) को इस बात का अहसास नहीं है कि उनके पिता अब वापस नहीं लौटने वाले हैं। घर में जहां मातम का माहौल है, वहीं इन सब से अंजान दोनों घर के बाहर टहलते मिले। जबकि उनकी मां घर के बरामदे में बेसुध पड़ी थीं।
मंगलवार को साढ़े तीन बजे के करीब हुए हादसे के बाद मिल प्रबंधन और घर के लोग उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। हालत गंभीर देख डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया था।
उपचार के दौरान मंगलवार की देर रात दो बजे के करीब श्रमिक ने दम तोड़ दिया। इससे श्रमिकों में मिल प्रबंधन के प्रति गुस्सा है। उन्होंने मिल प्रबंधन से मुआवजे की मांग की है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के कटरा मोहल्ले के 42 वर्षीय इंद्रवास वर्मा पुत्र निक्कू राम मूड़घाट गनेशपुर रोड पर स्थित सुयश पेपर मिल में पिछले सात वर्षों से श्रमिक थे। मौत की सूचना जैसे ही श्रमिक के घर पर पहुंची कोहराम मच गया।
पेपर मिल के जीएम लालजी सिंह ने कहा कि श्रमिक इंद्रवास वर्मा हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मिल प्रबंधन ने उनका बस्ती से लेकर लखनऊ तक उपचार कराया, पर उन्हें बचाया न जा सका। उन्हें भी श्रमिक की मौत का दु:ख है। मिल प्रबंधन श्रमिक के परिवार के साथ खड़ा है, जो मुआवजा होगा। वह मृतक आश्रितों को जरूर मिलेगा।
पीछे छोड़ गए पत्नी और दो मासूम
दिवंगत श्रमिक इंद्रवास वर्मा अपने पीछे पत्नी मंजू और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। बेटे अंकित (10) और आदित्य (08) को इस बात का अहसास नहीं है कि उनके पिता अब वापस नहीं लौटने वाले हैं। घर में जहां मातम का माहौल है, वहीं इन सब से अंजान दोनों घर के बाहर टहलते मिले। जबकि उनकी मां घर के बरामदे में बेसुध पड़ी थीं।