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बस्ती में फेल होने से आहत किशोरी ने जान दी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2016 12:55 AM IST
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आत्महत्या
- फोटो : ANI
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बस्ती। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में फेल होने से आहत नगर थानाक्षेत्र के राजघाट निवासी छात्रा शालू ने पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी। राहगीरों ने सूनसान जगह पर स्थित इमली के पेड़ में फंदा लगाते देख शोर मचाया, लेकिन जब तक लोग उसके पास पहुंचते, वह फंदे से झूल गई। आनन-फानन में लोगों ने उसे पेड़ से उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
सूर्य कुमारी बालिका विद्यालय में पढ़ने वाली बहरैची निषाद की पुत्री शालू रविवार को गांव के बाकी लड़के-लड़कियों के साथ नगर बाजार स्थित साइबर कैफे में अपना रिजल्ट देखने गई। उसे जब फेल होने की जानकारी हुई तो रोते हुए घर पहुंची। कुछ देर तक एकांत में उदास बैठी रही। दोपहर में करीब ढाई बजे एकाएक शालू घर से निकली और ग्राम देवता के स्थान के पास एकांत में स्थित इमली के पेड़ से लटक गई।
शालू के पिता खाड़ी देशों में नौकरी करते रहे, इसके बावजूद घर की माली हालत ठीक नहीं है। दो भाई अनिल (27) व विजय (25) के अलावा तीन बहनों पूनम (23) व नीलम (21) के बाद शालू सबसे छोटी थी। इसीलिए सबसे दुलारी थी। उसके इस कदम से पूरा परिवार बदहवास है। ग्राम प्रधान राम कृपाल यादव ने कहा कि शालू गांव की उन लड़कियों में थी,जिनसे कुछ बेहतर करने उम्मीद की जाती है। मगर उसका फेल होना आश्चर्यजनक है। उसकी मौत से सभी आहत हैं।
सूर्य कुमारी बालिका विद्यालय में पढ़ने वाली बहरैची निषाद की पुत्री शालू रविवार को गांव के बाकी लड़के-लड़कियों के साथ नगर बाजार स्थित साइबर कैफे में अपना रिजल्ट देखने गई। उसे जब फेल होने की जानकारी हुई तो रोते हुए घर पहुंची। कुछ देर तक एकांत में उदास बैठी रही। दोपहर में करीब ढाई बजे एकाएक शालू घर से निकली और ग्राम देवता के स्थान के पास एकांत में स्थित इमली के पेड़ से लटक गई।
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शालू के पिता खाड़ी देशों में नौकरी करते रहे, इसके बावजूद घर की माली हालत ठीक नहीं है। दो भाई अनिल (27) व विजय (25) के अलावा तीन बहनों पूनम (23) व नीलम (21) के बाद शालू सबसे छोटी थी। इसीलिए सबसे दुलारी थी। उसके इस कदम से पूरा परिवार बदहवास है। ग्राम प्रधान राम कृपाल यादव ने कहा कि शालू गांव की उन लड़कियों में थी,जिनसे कुछ बेहतर करने उम्मीद की जाती है। मगर उसका फेल होना आश्चर्यजनक है। उसकी मौत से सभी आहत हैं।
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