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मिट्टी की दीवार ढही, बुजुर्ग की मौत
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Mon, 13 Feb 2017 11:12 PM IST
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कप्तानगंज क्षेत्र में दिवाल गिरने से मौत पर रोते बिलखते परिजन
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कप्तानगंज थाने के रैकवार (पेड़रहिया) में सोमवार को ईंट निकालते वक्त पुरानी दीवाल ढह गई, जिसके मलबे में दबकर एक बुजुर्ग की मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रैकवार (पेड़रहिया) निवासी बद्री प्रसाद यादव (60) का पुश्तैनी मकान जर्जर हो चुका था तो गांव के बाहर नया मकान बनवा रहे थे। पुराने मकान में काफी ईंट व अन्य सामग्री है, जिसे धीरे-धीरे निकाल रहे थे। उस मकान में अध्कितर दीवाल मिट्टी की है, जिसमें काफी ईंट भी लगी है। सोमवार शाम को बद्री अपने बेटे अनिल कुमार के साथ उन ईंटों को निकाल रहे थे। बद्री कुदाल से दीवाल खोदकर ईंट निकालने में जुट गए। उनके बेटे अनिल मलवा ढोनेे लगे। अनिल ने बताया कि जब वह खेप लेकर निकले तभी पूरी दीवाल एकाएक ढह गई।
आवाज सुनकर वह भागा पहुंचा तो देखा कि पिता का पैर भर दिखाई दे रहा है। चीख-पुकार सुनकर आसपास के तमाम लोग जुटे और मलबे से निकाला। लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर सूचना पर सीओ कलवारी अशरफ जमाल सिद्दीकी व थानाध्यक्ष ओमप्रकाश चौबे घटनास्थल पर पहुंच गए। राजस्व विभाग अभी दीवार गिरने की इस घटना से बेखबर है।
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रैकवार (पेड़रहिया) निवासी बद्री प्रसाद यादव (60) का पुश्तैनी मकान जर्जर हो चुका था तो गांव के बाहर नया मकान बनवा रहे थे। पुराने मकान में काफी ईंट व अन्य सामग्री है, जिसे धीरे-धीरे निकाल रहे थे। उस मकान में अध्कितर दीवाल मिट्टी की है, जिसमें काफी ईंट भी लगी है। सोमवार शाम को बद्री अपने बेटे अनिल कुमार के साथ उन ईंटों को निकाल रहे थे। बद्री कुदाल से दीवाल खोदकर ईंट निकालने में जुट गए। उनके बेटे अनिल मलवा ढोनेे लगे। अनिल ने बताया कि जब वह खेप लेकर निकले तभी पूरी दीवाल एकाएक ढह गई।
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आवाज सुनकर वह भागा पहुंचा तो देखा कि पिता का पैर भर दिखाई दे रहा है। चीख-पुकार सुनकर आसपास के तमाम लोग जुटे और मलबे से निकाला। लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर सूचना पर सीओ कलवारी अशरफ जमाल सिद्दीकी व थानाध्यक्ष ओमप्रकाश चौबे घटनास्थल पर पहुंच गए। राजस्व विभाग अभी दीवार गिरने की इस घटना से बेखबर है।
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