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विदेश से शव पहुंचते ही मच गया कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jan 2016 12:34 AM IST
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पैकोलिया। थाना क्षेत्र के ऐनपुर गांव निवासी और दक्षिण अफ्रीका की एक
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कंपनी में काम करने वाले 50 वर्षीय शेषमणि तिवारी की डरबन शहर के पास बस
हादसे में हुई मौत के बाद उनका शव शनिवार की सुबह गांव पहुंचा तो कोहराम मच
गया। गांव का हर कोई उनके घर की ओर दौड़ पड़ा।
हरीराम तिवारी के पुत्र शेषमणि तिवारी गुजरात में किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। अगस्त 2014 में वे दक्षिण अफ्रीका चले गए। वह दक्षिण अफ्रीका के शहर रिटिका में एक प्राइवेट स्टील कंपनी में काम करते थे। दिसंबर 2015 में उनकी कंपनी ने उन्हें क्रिसमस पर्व पर अन्य कर्मियों के साथ टूूर के लिए दक्षिण अफ्रीका के शहर डरबन भेजा था। 26 दिसंबर को डरबन से लौटते समय उनकी बस सड़क हादसे का शिकार हो गई।
उसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने दूसरे दिन 27 दिसंबर को दम तोड़ दिया। इसके बाद शनिवार को उनका शव दक्षिण अफ्रीका से गांव ऐनपुर पहुंचा। शव पहुंचते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। शव पहुंचने की खबर लगते ही गांव और आसपास के गांवों के लोग हरीराम तिवारी के घर पहुंच गए।
शेषमणि तिवारी का गांव के पास बाग में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बड़े पुत्र जितेंद्र तिवारी ने मुखाग्नि दी। शेषमणि अपने पीछे पत्नी कुसुम तिवारी, बेटा जितेंद्र 28 वर्ष, शैलेंद्र 24 वर्ष और बेटी साधना 20 वर्ष को छोड़ गए है।
भाई की भी विदेश में मौत हुई थी
दिवंगत शेष मणि तिवारी की मौत दक्षिण अफ्रीका में हुई तो इसके पूर्व उनके छोटे भाई की भी मौत विदेश में हो चुकी है। उनके छोटे भाई मनोज तिवारी की मौत वर्ष 2014 में दुबई में हुई थी। उन्हें हार्ट अटैक हुआ था।
हरीराम तिवारी के पुत्र शेषमणि तिवारी गुजरात में किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। अगस्त 2014 में वे दक्षिण अफ्रीका चले गए। वह दक्षिण अफ्रीका के शहर रिटिका में एक प्राइवेट स्टील कंपनी में काम करते थे। दिसंबर 2015 में उनकी कंपनी ने उन्हें क्रिसमस पर्व पर अन्य कर्मियों के साथ टूूर के लिए दक्षिण अफ्रीका के शहर डरबन भेजा था। 26 दिसंबर को डरबन से लौटते समय उनकी बस सड़क हादसे का शिकार हो गई।
उसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने दूसरे दिन 27 दिसंबर को दम तोड़ दिया। इसके बाद शनिवार को उनका शव दक्षिण अफ्रीका से गांव ऐनपुर पहुंचा। शव पहुंचते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। शव पहुंचने की खबर लगते ही गांव और आसपास के गांवों के लोग हरीराम तिवारी के घर पहुंच गए।
शेषमणि तिवारी का गांव के पास बाग में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बड़े पुत्र जितेंद्र तिवारी ने मुखाग्नि दी। शेषमणि अपने पीछे पत्नी कुसुम तिवारी, बेटा जितेंद्र 28 वर्ष, शैलेंद्र 24 वर्ष और बेटी साधना 20 वर्ष को छोड़ गए है।
भाई की भी विदेश में मौत हुई थी
दिवंगत शेष मणि तिवारी की मौत दक्षिण अफ्रीका में हुई तो इसके पूर्व उनके छोटे भाई की भी मौत विदेश में हो चुकी है। उनके छोटे भाई मनोज तिवारी की मौत वर्ष 2014 में दुबई में हुई थी। उन्हें हार्ट अटैक हुआ था।