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भ्रष्टाचार के खिलाफ ठेकेदारों का प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Apr 2016 11:42 PM IST
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ठेकेदार संघर्ष समिति के लोगों ने सरयू नहर खंड चार के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन दिया।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। सिंचाई विभाग के सरयू नहर (खंड चतुर्थ) में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर ठेकेदारों ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ प्रदर्शन कर धरना दिया। ठेकेदारों ने अधिशासी अभियंता पर 50 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि अगर कमीशनखोरी बंद नहीं हुई तो अधिशासी अभियंता के खिलाफ ठेकेदार संघर्ष समिति आंदोलन और तेज करेगी।
सोमवार को समिति के आह्वान पर तमाम ठेकेदार सिंचाई विभाग के सरयू नहर (खंड चतुर्थ) के दफ्तर पहुंचे। वहां पर ठेकेदारों ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और धरने पर बैठ गए। ठेकेेदारों ने कहा कि अधिशासी अभियंता 50 फीसदी तक कमीशन मांगते हैं। बातचीत के लिए उन्हें सरकारी सीयूजी नंबर मिला हुआ है। मगर अननोन नंबर को उन्होंने ऑटो रिजेक्ट मोड पर डाल रखा है, जिससे वह वही नंबर उठाते हैं, जो उनके मोबाइल में फीड होता है।
ठेकेदारों ने कहा कि अधिशासी अभियंता अजय जायसवाल ने पूरे दफ्तर में लूट-खसोट मचा रखी है। वह दफ्तर में ही नहीं बैठते हैं। होटल या अन्य किसी स्थान पर कर्मचारियों से फाइलें मंगवा लेते हैं और वहीं स्वीकृति देकर भेज देते हैं। ठेकेेदारों ने आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता शासन-सत्ता में अपनी पकड़ होने का धौंस देते रहते हैं। और नहीं तो ठेकेदारों को धमकाते भी हैं।
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इसके बाद ठेकेदार विभाग के अधीक्षण अभियंता से मिले और उनसे वार्ता की। अधीक्षण अभियंता ने ठेकेदारों को आश्वासन दिया कि अधिशासी अभियंता जायसवाल पर लगे आरोपों की जांच एक हफ्ते में करा ली जाएगी। तब तक वे अपना आंदोलन स्थगित रखें। ठेकेदारों ने कहा कि वे एक मई तक इंतजार करेंगे। अगर जांच कर कार्रवाई नहीं हुई तो दो मई को वे दोबारा आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इस मौके पर सूर्यमणि यादव, शिवानंद शुक्ल, देवेंद्र कुमार पांडेय, सतेंद्र पांडेय, श्रीवत्स पांडेय, परशुराम सिंह, जगन्नाथ सिंह, संदीप श्रीवास्तव आदि थे। इधर, अधिशासी अभियंता अजय कुमार जायसवाल का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया तो एक रिंग जाने के बाद मोबाइल कट जा रहा था।
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सोमवार को समिति के आह्वान पर तमाम ठेकेदार सिंचाई विभाग के सरयू नहर (खंड चतुर्थ) के दफ्तर पहुंचे। वहां पर ठेकेदारों ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और धरने पर बैठ गए। ठेकेेदारों ने कहा कि अधिशासी अभियंता 50 फीसदी तक कमीशन मांगते हैं। बातचीत के लिए उन्हें सरकारी सीयूजी नंबर मिला हुआ है। मगर अननोन नंबर को उन्होंने ऑटो रिजेक्ट मोड पर डाल रखा है, जिससे वह वही नंबर उठाते हैं, जो उनके मोबाइल में फीड होता है।
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ठेकेदारों ने कहा कि अधिशासी अभियंता अजय जायसवाल ने पूरे दफ्तर में लूट-खसोट मचा रखी है। वह दफ्तर में ही नहीं बैठते हैं। होटल या अन्य किसी स्थान पर कर्मचारियों से फाइलें मंगवा लेते हैं और वहीं स्वीकृति देकर भेज देते हैं। ठेकेेदारों ने आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता शासन-सत्ता में अपनी पकड़ होने का धौंस देते रहते हैं। और नहीं तो ठेकेदारों को धमकाते भी हैं।
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इसके बाद ठेकेदार विभाग के अधीक्षण अभियंता से मिले और उनसे वार्ता की। अधीक्षण अभियंता ने ठेकेदारों को आश्वासन दिया कि अधिशासी अभियंता जायसवाल पर लगे आरोपों की जांच एक हफ्ते में करा ली जाएगी। तब तक वे अपना आंदोलन स्थगित रखें। ठेकेदारों ने कहा कि वे एक मई तक इंतजार करेंगे। अगर जांच कर कार्रवाई नहीं हुई तो दो मई को वे दोबारा आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इस मौके पर सूर्यमणि यादव, शिवानंद शुक्ल, देवेंद्र कुमार पांडेय, सतेंद्र पांडेय, श्रीवत्स पांडेय, परशुराम सिंह, जगन्नाथ सिंह, संदीप श्रीवास्तव आदि थे। इधर, अधिशासी अभियंता अजय कुमार जायसवाल का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया तो एक रिंग जाने के बाद मोबाइल कट जा रहा था।