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विक्रमजोत में पुलिस व्यापारी आमने-सामने
basti
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:21 PM IST
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अपराध्ा
- फोटो : amar ujala
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विक्रमजोत (बस्ती)।
कस्बे में विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर चल रहे घमासान में मंगलवार को नया मोड़ तब आ गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अब तक की कार्रवाई से असंतुष्ट व्यापारियों ने सुबह छह बजे से बंद का आह्वान कर दिया। पुलिस ने ऐसा करने से रोका तो व्यापारी उग्र होकर कस्बे में दुर्गा मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गए। सीओ गौरव त्रिपाठी और एसओ एमपी चतुर्वेदी ने कई बार वार्ता करके मनाने की कोशिश की लेकिन व्यापारी टस से मस नहीं हुए।
विक्रमजोत में खाली पड़ी जमीन पर कब्जे को लेकर हुई मारपीट के मामले को मंगलवार को तूल दिया जाने लगा। पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ व्यापार संगठन के लोग विक्रमजोत बाजार बंद कराने लगे। चौकी इंचार्ज जय प्रकाश दुबे ने बंद करा रहे व्यापारियों को समझाना चाहा तो वे उग्र होने लगे। व्यापार मण्डल अध्यक्ष राजेश सोनी और महामंत्री अरुण जायसवाल तमाम व्यापारियों को लेकर दुर्गा मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गए। वे डीएम-एसपी को बुलाने की जिद पर अड़ गए। सीओ हर्रैया गौरव त्रिपाठी ने धरने पर बैठे व्यापारियों के अलावा पीड़ित महिलाओं राजकुमारी, शान्ती, फूलमती आदि से वार्ता की। लेकिन धरना दे रहे व्यापारी अपनी मांग पर डटे रहे। धरने में शामिल राजेश सोनी, रामसेवक, अंकुर सिंह, छोटू सिंह, निलेश, काली प्रसाद, अजय कसौधन, सालिक राम, शान्ती, मनोजकुमार, कृष्ण कुमार, अक्षय कुमार, अशोक सिंह, शंभू सिंह, शरद तिवारी सहित तमाम प्रमुख लोग शामिल रहे।
वहीं, सीओ हर्रैया का कहना है कि इस मामले कि विवेचना मैं स्वयं कर रहा हूं। दो पक्षों में किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं होगा। विवादित भूमि खाली स्थिति में रहेगी। अगर धरना दे रहे पक्ष की मांगें जायज हैं तो जांच के बाद जो दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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एसओ और चौकी प्रभारी हटाने की मांग
असल विवाद से इतर मामला पुलिस के खिलाफ हो गया। व्यापारी विवादित जमीन पर राजस्व विभाग की पैमाइश करने के बाद कब्जा मुक्त कराने, मामले में दर्ज एफआईआर से कथित तौर पर गलत धाराओं को निकालने की मांग कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। उधर, एसओ का कहना है कि दोनों पक्षों ने जो तहरीर दी, उसी आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ।
क्या है मामला
रविवार को विक्रमजोत कस्बे में विवादित जमीन पर निर्माण को लेकर मारपीट में दोनों पक्ष से छह लोग घायल हुए। पुलिस ने एक पक्ष के राम विलास की तहरीर पर कस्बे के संदीप कुमार, राकेश कुमार, राजेश, संतराम, सुजीत, विजय कुमार, श्रीप्रकाश, कुलदीप व शुभम और दूसरे पक्ष के संदीप कुमार की तहरीर पर रामविलास सोनी, विपिन, दिनेश, रजत, किरण सोनी व उनकी बहू के खिलाफ बलवा और घर में घुसकर मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज किया।
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कस्बे में विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर चल रहे घमासान में मंगलवार को नया मोड़ तब आ गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अब तक की कार्रवाई से असंतुष्ट व्यापारियों ने सुबह छह बजे से बंद का आह्वान कर दिया। पुलिस ने ऐसा करने से रोका तो व्यापारी उग्र होकर कस्बे में दुर्गा मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गए। सीओ गौरव त्रिपाठी और एसओ एमपी चतुर्वेदी ने कई बार वार्ता करके मनाने की कोशिश की लेकिन व्यापारी टस से मस नहीं हुए।
विक्रमजोत में खाली पड़ी जमीन पर कब्जे को लेकर हुई मारपीट के मामले को मंगलवार को तूल दिया जाने लगा। पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ व्यापार संगठन के लोग विक्रमजोत बाजार बंद कराने लगे। चौकी इंचार्ज जय प्रकाश दुबे ने बंद करा रहे व्यापारियों को समझाना चाहा तो वे उग्र होने लगे। व्यापार मण्डल अध्यक्ष राजेश सोनी और महामंत्री अरुण जायसवाल तमाम व्यापारियों को लेकर दुर्गा मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गए। वे डीएम-एसपी को बुलाने की जिद पर अड़ गए। सीओ हर्रैया गौरव त्रिपाठी ने धरने पर बैठे व्यापारियों के अलावा पीड़ित महिलाओं राजकुमारी, शान्ती, फूलमती आदि से वार्ता की। लेकिन धरना दे रहे व्यापारी अपनी मांग पर डटे रहे। धरने में शामिल राजेश सोनी, रामसेवक, अंकुर सिंह, छोटू सिंह, निलेश, काली प्रसाद, अजय कसौधन, सालिक राम, शान्ती, मनोजकुमार, कृष्ण कुमार, अक्षय कुमार, अशोक सिंह, शंभू सिंह, शरद तिवारी सहित तमाम प्रमुख लोग शामिल रहे।
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वहीं, सीओ हर्रैया का कहना है कि इस मामले कि विवेचना मैं स्वयं कर रहा हूं। दो पक्षों में किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं होगा। विवादित भूमि खाली स्थिति में रहेगी। अगर धरना दे रहे पक्ष की मांगें जायज हैं तो जांच के बाद जो दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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एसओ और चौकी प्रभारी हटाने की मांग
असल विवाद से इतर मामला पुलिस के खिलाफ हो गया। व्यापारी विवादित जमीन पर राजस्व विभाग की पैमाइश करने के बाद कब्जा मुक्त कराने, मामले में दर्ज एफआईआर से कथित तौर पर गलत धाराओं को निकालने की मांग कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। उधर, एसओ का कहना है कि दोनों पक्षों ने जो तहरीर दी, उसी आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ।
क्या है मामला
रविवार को विक्रमजोत कस्बे में विवादित जमीन पर निर्माण को लेकर मारपीट में दोनों पक्ष से छह लोग घायल हुए। पुलिस ने एक पक्ष के राम विलास की तहरीर पर कस्बे के संदीप कुमार, राकेश कुमार, राजेश, संतराम, सुजीत, विजय कुमार, श्रीप्रकाश, कुलदीप व शुभम और दूसरे पक्ष के संदीप कुमार की तहरीर पर रामविलास सोनी, विपिन, दिनेश, रजत, किरण सोनी व उनकी बहू के खिलाफ बलवा और घर में घुसकर मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज किया।