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घाघरा में डूबे किशोर का नहीं मिला सुराग
बस्ती ब्यूरो
Updated Sat, 20 May 2017 11:33 PM IST
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लालगंज थाना क्षेत्र के परसांव गांव में शनिवार को भी मातम छाया रहा। गांव के दो बेटे अतुल व राधेश्याम घाघरा नदी में शुक्रवार को नहाते समय डूबे गए थे। राधेश्याम का शव तो मशक्कत के बाद शाम तीन बजे खोज निकाला, मगर अतुल के शव की तलाश शनिवार को भी पूरी नहीं हो सकी है।
शनिवार को गोताखोरों ने चार घंटे नदी के उन सभी संभावित स्थानों को खंगाला, जहां शव मिलने का अंदेशा था, मगर सफलता हाथ नहीं आई। वहीं मां की आंखों में आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, बेटे को न सही उसके शव की एक झलक पाने की उम्मीद अब भी लगाए हैं। पूरा गांव नदी के तट पर ही देर रात तक जुट रहा। गांव के लोग उस घड़ी को कोसते रहे जब शुक्रवार सुबह सूरज, अमित, अमन, राधेश्याम व अतुल नहाने के लिए निकले थे। नहाते समय पांचों दोस्त डूबने लगे। सूरज व राधेश्याम नदी के गहराई में चले गए, जिससे वे डूब गए। जबकि तीन को घाट बना रहे मजदूरों में बचा लिया।
घटना की जानकारी के बाद पूरा गांव नदी तट पर उमड़ पड़ा। इसी बीच पुलिस को भी सूचना मिली वह भी बानपुर के गोताखोरों के साथ मौके पर जा पहुंची। राधेश्याम का शव तो ढूंढ लिया, मगर अतुल का कहीं पता नहीं चल सका। शनिवार को भी चौकी प्रभारी राम प्रकाश नौ गोताखोरों की टीम लेकर नदी पर पहुंचे और उन्हें पानी में उतारा गया। इस दौरान ग्रामीण भी नाव आदि लेकर शव की तलाश में जुटे रहे, मगर शव ढूंढा नहीं जा सका। मां बिंदू के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बेटे की झलक पाने की उम्मीद में वह घाघरा मइया से गुहार लगा रही थी। पुलिस के अनुसार रविवार को भी गोताखोरों की टीम तलाशी जारी रखेगी।
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शनिवार को गोताखोरों ने चार घंटे नदी के उन सभी संभावित स्थानों को खंगाला, जहां शव मिलने का अंदेशा था, मगर सफलता हाथ नहीं आई। वहीं मां की आंखों में आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, बेटे को न सही उसके शव की एक झलक पाने की उम्मीद अब भी लगाए हैं। पूरा गांव नदी के तट पर ही देर रात तक जुट रहा। गांव के लोग उस घड़ी को कोसते रहे जब शुक्रवार सुबह सूरज, अमित, अमन, राधेश्याम व अतुल नहाने के लिए निकले थे। नहाते समय पांचों दोस्त डूबने लगे। सूरज व राधेश्याम नदी के गहराई में चले गए, जिससे वे डूब गए। जबकि तीन को घाट बना रहे मजदूरों में बचा लिया।
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घटना की जानकारी के बाद पूरा गांव नदी तट पर उमड़ पड़ा। इसी बीच पुलिस को भी सूचना मिली वह भी बानपुर के गोताखोरों के साथ मौके पर जा पहुंची। राधेश्याम का शव तो ढूंढ लिया, मगर अतुल का कहीं पता नहीं चल सका। शनिवार को भी चौकी प्रभारी राम प्रकाश नौ गोताखोरों की टीम लेकर नदी पर पहुंचे और उन्हें पानी में उतारा गया। इस दौरान ग्रामीण भी नाव आदि लेकर शव की तलाश में जुटे रहे, मगर शव ढूंढा नहीं जा सका। मां बिंदू के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बेटे की झलक पाने की उम्मीद में वह घाघरा मइया से गुहार लगा रही थी। पुलिस के अनुसार रविवार को भी गोताखोरों की टीम तलाशी जारी रखेगी।
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