{"_id":"8b21a34646a6d6b12c09e01abc2d0bcd","slug":"angered-advocates-agitated-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साथी की पिटाई से नाराज वकीलों का प्रदर्शन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
साथी की पिटाई से नाराज वकीलों का प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2016 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। कोतवाली क्षेत्र के जिला अस्पताल चौकी इंचार्ज पर एक अधिवक्ता को
विज्ञापन
पीटने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता एसपी
कार्यालय पहुंचे। एसपी के न मिलने पर अधिवक्ता कार्यालय के सामने सड़क पर
आकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। तकरीबन आधा घंटा जाम लगाने के बाद अधिवक्ताओं
ने एएसपी वीरेंद्र कुमार यादव को पत्र देकर आरोपी चौकी प्रभारी के विरुद्ध
कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित अधिवक्ता संदीप द्विवेदी ने बताया कि वह 31 दिसंबर को रात में वह जिला अस्पताल में भर्ती अपने एक रिश्तेदार को देखने गए थे। इसी बीच रात में नौ बजे के करीब वह लघुशंका के लिए वार्ड से बाहर निकले। वह अस्पताल परिसर में बने पुलिस चौकी के पास ही पहुंचे थे कि चौकी प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें बुलाया।
जब उन्होंने प्रतिवाद किया और अपना परिचय दिया तो चौकी प्रभारी आग बबूला हो गए। इसके बाद दो सिपाही उन्हें पुलिस चौकी के अंदर घसीटते हुए ले गए और उन्हें पीटने लगे। चौकी प्रभारी ने रिवाल्वर निकाल कर एनकाउंटर तक की धमकी दी। इसके बाद वह उन्हें लेकर कोतवाली आए और लॉकअप में बंद कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद सिविल बार एसोसिएशन के एक पदाधिकारी पहुंचे और उन्हें देर रात लॉकअप से छुड़वाया।
पीड़ित अधिवक्ता ने बताया कि उन्हें इस घटना से मानसिक आघात लगा है। घटना की सूचना उन्होंने दूसरे दिन एक न्यायिक अधिकारी को दी। अधिवक्ता सुखदेव वर्मा और अखंड पाल ने कहा कि पुुलिस की यह हरकत अमानवीय है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसपी ने सीओ (सिटी) को दी जांच
एसपी शिवहरि मीणा ने कहा कि अधिवक्ता की पिटाई का मामला संवेदनशील प्रकरण है। जिस समय अधिवक्ता उनसे मिलने आए थे, वह हर्रैया में थे। पीड़ित अधिवक्ता का प्रार्थना पत्र उन्हें शाम को मिला है। मामले की जांच सीओ (सिटी) अतुल सोनकर को दी गई है। यदि जांच में चौकी प्रभारी व पुलिस कर्मी दोषी पाए गए तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित अधिवक्ता संदीप द्विवेदी ने बताया कि वह 31 दिसंबर को रात में वह जिला अस्पताल में भर्ती अपने एक रिश्तेदार को देखने गए थे। इसी बीच रात में नौ बजे के करीब वह लघुशंका के लिए वार्ड से बाहर निकले। वह अस्पताल परिसर में बने पुलिस चौकी के पास ही पहुंचे थे कि चौकी प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें बुलाया।
जब उन्होंने प्रतिवाद किया और अपना परिचय दिया तो चौकी प्रभारी आग बबूला हो गए। इसके बाद दो सिपाही उन्हें पुलिस चौकी के अंदर घसीटते हुए ले गए और उन्हें पीटने लगे। चौकी प्रभारी ने रिवाल्वर निकाल कर एनकाउंटर तक की धमकी दी। इसके बाद वह उन्हें लेकर कोतवाली आए और लॉकअप में बंद कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद सिविल बार एसोसिएशन के एक पदाधिकारी पहुंचे और उन्हें देर रात लॉकअप से छुड़वाया।
पीड़ित अधिवक्ता ने बताया कि उन्हें इस घटना से मानसिक आघात लगा है। घटना की सूचना उन्होंने दूसरे दिन एक न्यायिक अधिकारी को दी। अधिवक्ता सुखदेव वर्मा और अखंड पाल ने कहा कि पुुलिस की यह हरकत अमानवीय है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसपी ने सीओ (सिटी) को दी जांच
एसपी शिवहरि मीणा ने कहा कि अधिवक्ता की पिटाई का मामला संवेदनशील प्रकरण है। जिस समय अधिवक्ता उनसे मिलने आए थे, वह हर्रैया में थे। पीड़ित अधिवक्ता का प्रार्थना पत्र उन्हें शाम को मिला है। मामले की जांच सीओ (सिटी) अतुल सोनकर को दी गई है। यदि जांच में चौकी प्रभारी व पुलिस कर्मी दोषी पाए गए तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।