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हियुुवा का प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2016 12:08 AM IST
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बस्ती। प्रदेश में कानून व्यवस्था की लचर स्थिति और किसानों की बदहाली के
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मुद्दे पर हियुुवा ने सपा सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया।
जिलाध्यक्ष अजय अज्जू हिंदुस्थानी के नेतृत्व में शनिवार को कार्यकर्ताओं
ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया।
अंत में राज्यपाल को संबोधित नौ सूत्रीय मांगपत्र देकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की। प्रदेश प्रभारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने पदाधिकारियों का आह्वान किया कि वे प्रदेश सरकार के जनविरोधी नीतियों का प्रतिकार करें।
वक्ताओं ने कहा कि पिछले साल आपदा से प्रभावित किसानों को अभी तक आपदा राहत का चेक वितरित नहीं किया गया। तमाम किसान अभी भी धनाभाव के शिकार होकर खेती नहीं कर पा रहे हैं। गन्ने का निर्धारित मूल्य किसानों की लागत से भी कम है। जिससे किसान गन्ने की खेती से मुंह मोड़ रहा है।
चीनी मिलें बकाए का भुगतान नहीं कर रही हैं। इससे किसानों की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। हियुवा इसको कतई सहन नहीं करेगी। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति दिनोंदिन गिरती जा रही है। अपराधी बेलगाम हैं और पुलिस निष्क्रिय है। चोरी और डकैती की घटनाओं का खुलासा न होने से लोग दहशत में हैं और खुद की सुरक्षा के लिए रतजगा करने को मजबूर हैं।
जिला पंचायत चुनाव में सत्ता का जमकर दुरुपयोग हुआ। अब वही खेल ब्लॉक प्रमुख चुनाव में करने की तैयारी है। जिस पर नकेल कसने में राज्य निर्वाचन आयोग बेकार साबित हो रहा है। जिले के एक प्रशासनिक अधिकारी पर महिला की अस्मत लूटने का आरोप है लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। इन सबका वाहिनी पूरी तरह प्रतिकार करती है।
राज्यपाल को संबोधित मांगपत्र में सभी किसानों को अविलंब आपदा राहत का चेक देने, बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान, गन्ना मूल्य का निर्धारण लागत मूल्य पर पचीस प्रतिशत लाभ के अनुपात में करने, सदर तहसीलदार की गिरफ्तारी, क्षेत्र पंचायत प्रमुख का निष्पक्ष चुनाव कराने, पैकोलिया थाने के बेलभरिया रामगुलाम मामले की न्यायिक जांच कराने, गौ हत्या, गौ तस्करी, हिंदू उत्पीड़न की घटनाओं पर पूर्णतया रोक लगाने, मानक के अनुसार विकास कार्य कराने, कुआनो को प्रदूषित करने वाली फैक्ट्रियों को बंद कराने और मालिकों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग शामिल है।
धरने में प्रदेश मंत्री अरुण भारती, जिला प्रभारी विजय आर्य, महामंत्री बबलू यादव, महामंत्री संगठन राना प्रदीप सिंह, जिला उपाध्यक्ष रमेश पांडेय, प्रकाश चौधरी, मंडल प्रभारी डॉ रत्नाकर चतुर्वेदी, विनय सिंह, जितेंद्र यादव, पप्पू जायसवाल, विनोद कुमार गुप्ता, राजेश सिंह श्रीनेत, शिवसहाय चौधरी, कन्हैया लाल, मनोज सिंह रघुवंशी, विचित्र मणि पांडेय, मोहित राम निषाद, राघवेंद्र मिश्रा, विद्यावती, छविलाल, दशरथ, श्रीमती सरोज, जगदेव, रामसूरत गौड़, अनुज सिंह, अमित सिंह आदि मौजूद रहे।
अंत में राज्यपाल को संबोधित नौ सूत्रीय मांगपत्र देकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की। प्रदेश प्रभारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने पदाधिकारियों का आह्वान किया कि वे प्रदेश सरकार के जनविरोधी नीतियों का प्रतिकार करें।
वक्ताओं ने कहा कि पिछले साल आपदा से प्रभावित किसानों को अभी तक आपदा राहत का चेक वितरित नहीं किया गया। तमाम किसान अभी भी धनाभाव के शिकार होकर खेती नहीं कर पा रहे हैं। गन्ने का निर्धारित मूल्य किसानों की लागत से भी कम है। जिससे किसान गन्ने की खेती से मुंह मोड़ रहा है।
चीनी मिलें बकाए का भुगतान नहीं कर रही हैं। इससे किसानों की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। हियुवा इसको कतई सहन नहीं करेगी। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति दिनोंदिन गिरती जा रही है। अपराधी बेलगाम हैं और पुलिस निष्क्रिय है। चोरी और डकैती की घटनाओं का खुलासा न होने से लोग दहशत में हैं और खुद की सुरक्षा के लिए रतजगा करने को मजबूर हैं।
जिला पंचायत चुनाव में सत्ता का जमकर दुरुपयोग हुआ। अब वही खेल ब्लॉक प्रमुख चुनाव में करने की तैयारी है। जिस पर नकेल कसने में राज्य निर्वाचन आयोग बेकार साबित हो रहा है। जिले के एक प्रशासनिक अधिकारी पर महिला की अस्मत लूटने का आरोप है लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। इन सबका वाहिनी पूरी तरह प्रतिकार करती है।
राज्यपाल को संबोधित मांगपत्र में सभी किसानों को अविलंब आपदा राहत का चेक देने, बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान, गन्ना मूल्य का निर्धारण लागत मूल्य पर पचीस प्रतिशत लाभ के अनुपात में करने, सदर तहसीलदार की गिरफ्तारी, क्षेत्र पंचायत प्रमुख का निष्पक्ष चुनाव कराने, पैकोलिया थाने के बेलभरिया रामगुलाम मामले की न्यायिक जांच कराने, गौ हत्या, गौ तस्करी, हिंदू उत्पीड़न की घटनाओं पर पूर्णतया रोक लगाने, मानक के अनुसार विकास कार्य कराने, कुआनो को प्रदूषित करने वाली फैक्ट्रियों को बंद कराने और मालिकों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग शामिल है।
धरने में प्रदेश मंत्री अरुण भारती, जिला प्रभारी विजय आर्य, महामंत्री बबलू यादव, महामंत्री संगठन राना प्रदीप सिंह, जिला उपाध्यक्ष रमेश पांडेय, प्रकाश चौधरी, मंडल प्रभारी डॉ रत्नाकर चतुर्वेदी, विनय सिंह, जितेंद्र यादव, पप्पू जायसवाल, विनोद कुमार गुप्ता, राजेश सिंह श्रीनेत, शिवसहाय चौधरी, कन्हैया लाल, मनोज सिंह रघुवंशी, विचित्र मणि पांडेय, मोहित राम निषाद, राघवेंद्र मिश्रा, विद्यावती, छविलाल, दशरथ, श्रीमती सरोज, जगदेव, रामसूरत गौड़, अनुज सिंह, अमित सिंह आदि मौजूद रहे।