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फोटो... दो बेटियों की मौत से पसरा सरैया में मातम
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फोटो...
दो बेटियों की मौत से पसरा सरैया में मातम
दुबौलिया थाने के सरैया गांव की थीं दोनों बहनें
अयोध्या के गोसाईंगंज बोधीपुरवा में 22 की रात हुई थी घटना
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। क्षेत्र के सरैया निवासी संतराम की दो बेटियों की निर्मम हत्या से अब भी मातम पसरा हुआ है। गांव से पिता समेत तमाम लोग अयोध्या के गोसाईंगंज बोधीपुरवा में पहुंचकर जानने की कोशिश करते रहे कि आखिर 22 दिसंबर की रात ऐसा क्या हुआ कि दोनों बहनों को मौत के घाट उतार दिया गया। खबर सुनते ही पहले तो पिता गश खाकर गिर पड़े। लोगों के संभालने पर जब चेतना वापस आई तो कुछ लोगों के साथ बेटी की ससुराल रवाना हो गए।
करीब आठ साल पहले संतराम ने अपनी दूसरे नंबर की पुत्री मोनी (25) की शादी बोधीपुरवा के गोसाईं मजरा निवासी इंद्रमणि पुत्र रामकृष्ण पांडे से की थी। इंद्रमणि और उसका भाई क्रमश: लुधियाना व दिल्ली में रहकर किसी तरह मेहनत मजदूरी से परिवार चला रहे थे। घर पर मोनी अपनी 11 माह की बेटी पीहू व ससुर रामकृष्ण पांडे के साथ गांव में रहती थी। राम कृष्ण बगल के गन्ना क्रशर पर काम करते हैं। बहन के बुलाने पर दूसरी बेटी भी वहां गई। 22 की शाम दोनों बहनों ने मायके में घरवालों से बात भी की थी। मगर 23 की सुबह मौत की खबर से पूरा परिवार हिल गया। प्रियंका भटपुरवा इंटर कॉलेज की ग्यारहवीं की छात्रा थी। हंसी-खुशी बहन की ससुराल गई थी। दो-दो बेटियों की नृशंस हत्या पर गांव में मातम पसरा हुआ है।
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दो बेटियों की मौत से पसरा सरैया में मातम
दुबौलिया थाने के सरैया गांव की थीं दोनों बहनें
अयोध्या के गोसाईंगंज बोधीपुरवा में 22 की रात हुई थी घटना
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। क्षेत्र के सरैया निवासी संतराम की दो बेटियों की निर्मम हत्या से अब भी मातम पसरा हुआ है। गांव से पिता समेत तमाम लोग अयोध्या के गोसाईंगंज बोधीपुरवा में पहुंचकर जानने की कोशिश करते रहे कि आखिर 22 दिसंबर की रात ऐसा क्या हुआ कि दोनों बहनों को मौत के घाट उतार दिया गया। खबर सुनते ही पहले तो पिता गश खाकर गिर पड़े। लोगों के संभालने पर जब चेतना वापस आई तो कुछ लोगों के साथ बेटी की ससुराल रवाना हो गए।
करीब आठ साल पहले संतराम ने अपनी दूसरे नंबर की पुत्री मोनी (25) की शादी बोधीपुरवा के गोसाईं मजरा निवासी इंद्रमणि पुत्र रामकृष्ण पांडे से की थी। इंद्रमणि और उसका भाई क्रमश: लुधियाना व दिल्ली में रहकर किसी तरह मेहनत मजदूरी से परिवार चला रहे थे। घर पर मोनी अपनी 11 माह की बेटी पीहू व ससुर रामकृष्ण पांडे के साथ गांव में रहती थी। राम कृष्ण बगल के गन्ना क्रशर पर काम करते हैं। बहन के बुलाने पर दूसरी बेटी भी वहां गई। 22 की शाम दोनों बहनों ने मायके में घरवालों से बात भी की थी। मगर 23 की सुबह मौत की खबर से पूरा परिवार हिल गया। प्रियंका भटपुरवा इंटर कॉलेज की ग्यारहवीं की छात्रा थी। हंसी-खुशी बहन की ससुराल गई थी। दो-दो बेटियों की नृशंस हत्या पर गांव में मातम पसरा हुआ है।
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