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हत्यारोपी को आजीवन कारावास
Updated Thu, 29 Jun 2017 05:27 PM IST
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फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सात वर्षीय बालिका की हत्या के जुर्म में आरोपी को दोषी करार देेते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 16 हजार रुपये भी अर्थदंड भी आरोपी को भरना होगा।
शासकीय अधिवक्ता ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि मुकदमा के वादी कलवारी थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी राम बरन ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी सात वर्षीय बेटी प्रीति तीन नवंबर 2014 को शाम पांच बजे गायब हो गई। पांच नवंबर को पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज करने के दूसरे दिन गांव के ही लौटू के खेत में बेटी का क्षत विक्षत शव बरामद किया गया। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान गांव के संतोष राजभर का नाम सामने आया। यह भी तथ्य उजागर हुआ कि संतोष के चार पुत्रियां थीं, उसके कोई पुत्र नहीं था। अंधविश्वास व पुत्र प्राप्ति के चक्कर में उसने प्रीति की बलि दे दी। दोनो पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी संतोष राजभर को सजा सुनाई।
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शासकीय अधिवक्ता ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि मुकदमा के वादी कलवारी थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी राम बरन ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी सात वर्षीय बेटी प्रीति तीन नवंबर 2014 को शाम पांच बजे गायब हो गई। पांच नवंबर को पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज करने के दूसरे दिन गांव के ही लौटू के खेत में बेटी का क्षत विक्षत शव बरामद किया गया। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान गांव के संतोष राजभर का नाम सामने आया। यह भी तथ्य उजागर हुआ कि संतोष के चार पुत्रियां थीं, उसके कोई पुत्र नहीं था। अंधविश्वास व पुत्र प्राप्ति के चक्कर में उसने प्रीति की बलि दे दी। दोनो पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी संतोष राजभर को सजा सुनाई।
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