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दुग्ध संघ में घोटाले का आरोपी बना इंचार्ज
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:14 AM IST
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दुग्ध संघ में घोटाले का आरोपी बना इंचार्ज
तैनात डेयरी इंचार्ज पर हो चुकी है 3.16 लाख के गोलमाल की पुष्टि
जीएम ने तत्कालीन डेयरी इंचार्ज पर मढ़ा घोटाले का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सहकारी दुग्ध संघ में सामान्य प्रबंधक ने 3.16 लाख रुपये के घोटाले में लिप्त संविदा कर्मी को डेयरी की कमान सौंप दी है। इन्हें इंचार्ज बनाया गया है, जबकि इनके खिलाफ जांच में घोटाले की पुष्टि भी हो चुकी है और उनके वेतन से इस धन की कटौती के निर्देश सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने मार्च में ही दिए हैं। हालांकि, इस मुद्दे पर सामान्य प्रबंधक का तर्क है कि तत्कालीन डेयरी इंचार्ज ने पांच लाख का गोलमाल किया है।
दुग्ध संघ की वित्तीय स्थिति जर्जर है। इसका कारण चाहे जो भी हो, मगर यहां घोटालों की परत-दर-परत खुल रही है। इस मामले को सांसद हरीश द्विवेदी के प्रतिनिधि विजय भान सिंह ने उठाया है। सांसद को दिए पत्र में कहा गया है कि सामान्य प्रबंधक अनुज कुमार यादव ने संघ के संविदा कर्मी अनिल कुमार सिंह को डेयरी का इंचार्ज बना दिया है। इस कर्मी पर डीएम के जांच आदेश एवं उप दुग्धशाला विकास अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा के जांच रिपोर्ट में पुष्ट हो चुकी है। इस क्रम में अनिल सिंह से 3.16 लाख की वसूली के लिए उनके वेतन का पचास प्रतिशत से करने का आदेश हो चुका है। आठ मार्च 2018 को सीडीओ ने भी आहरण किए गए धन की वसूली के लिए सप्ताह भर का समय देते हुए इनकी संविदा समाप्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सामान्य प्रबंधक अनुज कुमार यादव ने अनिल को 13 अगस्त 2018 को डेयरी इंचार्ज बना दिया। यह अलग बात है कि आरोपी पिछले चार माह से फरार हैं। सामान्य प्रबंधक अनुज कुमार यादव ने कहा कि यह सही है कि अनिल सिंह ने 3.16 लाख का गोलमाल किया है। उनके खिलाफ वसूली के भी निर्देश हैं, मगर वर्तमान में डेयरी इंचार्ज ने तो पांच लाख का गोलमाल किया है। जांच में यह पकड़े जाने के बाद नई तैनाती की गई है। चूंकि डेयरी में कोई अन्य तकनीकी स्टाफ है नहीं है। ऐसे में अनिल सिंह को मजबूरी में यह चार्ज देना पड़ा है। इनके कार्यों पर स्वयं निगरानी रखूंगा।
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तैनात डेयरी इंचार्ज पर हो चुकी है 3.16 लाख के गोलमाल की पुष्टि
जीएम ने तत्कालीन डेयरी इंचार्ज पर मढ़ा घोटाले का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सहकारी दुग्ध संघ में सामान्य प्रबंधक ने 3.16 लाख रुपये के घोटाले में लिप्त संविदा कर्मी को डेयरी की कमान सौंप दी है। इन्हें इंचार्ज बनाया गया है, जबकि इनके खिलाफ जांच में घोटाले की पुष्टि भी हो चुकी है और उनके वेतन से इस धन की कटौती के निर्देश सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने मार्च में ही दिए हैं। हालांकि, इस मुद्दे पर सामान्य प्रबंधक का तर्क है कि तत्कालीन डेयरी इंचार्ज ने पांच लाख का गोलमाल किया है।
दुग्ध संघ की वित्तीय स्थिति जर्जर है। इसका कारण चाहे जो भी हो, मगर यहां घोटालों की परत-दर-परत खुल रही है। इस मामले को सांसद हरीश द्विवेदी के प्रतिनिधि विजय भान सिंह ने उठाया है। सांसद को दिए पत्र में कहा गया है कि सामान्य प्रबंधक अनुज कुमार यादव ने संघ के संविदा कर्मी अनिल कुमार सिंह को डेयरी का इंचार्ज बना दिया है। इस कर्मी पर डीएम के जांच आदेश एवं उप दुग्धशाला विकास अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा के जांच रिपोर्ट में पुष्ट हो चुकी है। इस क्रम में अनिल सिंह से 3.16 लाख की वसूली के लिए उनके वेतन का पचास प्रतिशत से करने का आदेश हो चुका है। आठ मार्च 2018 को सीडीओ ने भी आहरण किए गए धन की वसूली के लिए सप्ताह भर का समय देते हुए इनकी संविदा समाप्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सामान्य प्रबंधक अनुज कुमार यादव ने अनिल को 13 अगस्त 2018 को डेयरी इंचार्ज बना दिया। यह अलग बात है कि आरोपी पिछले चार माह से फरार हैं। सामान्य प्रबंधक अनुज कुमार यादव ने कहा कि यह सही है कि अनिल सिंह ने 3.16 लाख का गोलमाल किया है। उनके खिलाफ वसूली के भी निर्देश हैं, मगर वर्तमान में डेयरी इंचार्ज ने तो पांच लाख का गोलमाल किया है। जांच में यह पकड़े जाने के बाद नई तैनाती की गई है। चूंकि डेयरी में कोई अन्य तकनीकी स्टाफ है नहीं है। ऐसे में अनिल सिंह को मजबूरी में यह चार्ज देना पड़ा है। इनके कार्यों पर स्वयं निगरानी रखूंगा।
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